न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मिडिल ईस्ट में जारी तनाव के बीच Iran और United States के बीच टकराव और बढ़ गया है। ईरान की सेना ने ओमान के सलालाह बंदरगाह के पास एक अमेरिकी लॉजिस्टिक्स जहाज को निशाना बनाने का दावा किया है, जो कथित तौर पर अमेरिकी सेना को सहायता प्रदान कर रहा था।
ईरानी सैन्य प्रवक्ता इब्राहिम जोल्फागरी ने सरकारी टीवी पर कहा कि यह कार्रवाई “आक्रामक अमेरिकी बलों को समर्थन देने वाले जहाज” के खिलाफ की गई।
हमलों और जवाबी कार्रवाई से बढ़ा तनाव
इससे पहले ईरानी मीडिया ने दावा किया कि Israel और United States के हमलों में कई रिहायशी इलाकों को निशाना बनाया गया। रिपोर्ट्स के मुताबिक, पश्चिमी प्रांत लोरेस्तान और उत्तर-पश्चिमी जंजन में हुए हमलों में एक दर्जन से ज्यादा लोगों की मौत हुई, जबकि कई लोग घायल हुए हैं।
हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो पाई है। ईरान के स्वास्थ्य मंत्रालय के अनुसार, हालिया संघर्ष में मरने वालों की संख्या 1,200 से अधिक बताई गई है, लेकिन इस आंकड़े की भी आधिकारिक पुष्टि सीमित है।
तेहरान में धमाकों की गूंज
राजधानी तेहरान में भी रातभर विस्फोटों की आवाजें सुनाई देने की खबर है। Iran University of Science and Technology के परिसर को भी नुकसान पहुंचा, हालांकि किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है।
ट्रंप का बयान
इस बीच Donald Trump ने कहा कि ईरान के खिलाफ अमेरिकी सैन्य अभियान “सफलतापूर्वक” आगे बढ़ रहा है। उन्होंने अपने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दावा किया कि अभियान सही दिशा में है, हालांकि उन्होंने विस्तृत जानकारी साझा नहीं की।
सऊदी अरब में भी हमला
तनाव का असर क्षेत्र के अन्य देशों में भी दिखाई दे रहा है। Saudi Arabia स्थित प्रिंस सुल्तान एयर बेस पर ईरान की ओर से मिसाइल और ड्रोन हमले किए जाने की खबर है। इन हमलों में 12 अमेरिकी सैनिक घायल हुए, जिनमें दो की हालत गंभीर बताई गई है।



