न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य-पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच Iran ने United Arab Emirates पर बड़ा हमला किया है। यूएई के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक रविवार को ईरान की ओर से 16 बैलिस्टिक मिसाइलें और 117 से ज्यादा ड्रोन लॉन्च किए गए।
यूएई रक्षा मंत्रालय ने बताया कि उसकी वायु रक्षा प्रणाली ने सभी 16 बैलिस्टिक मिसाइलों को हवा में ही नष्ट कर दिया, जबकि 17वीं मिसाइल समुद्र में गिर गई। मंत्रालय का कहना है कि अधिकतर ड्रोन भी इंटरसेप्ट कर लिए गए, हालांकि चार ड्रोन यूएई के इलाके में गिरने की जानकारी सामने आई है। अधिकारियों के अनुसार देश किसी भी खतरे का सामना करने के लिए पूरी तरह तैयार है।
हमलों की पहले दी गई थी चेतावनी
इससे पहले Masoud Pezeshkian ने चेतावनी दी थी कि United States और Israel के लगातार हमलों के जवाब में ईरान पूरे क्षेत्र में अमेरिकी ठिकानों को निशाना बना सकता है। हालांकि यूएई की ओर से जारी बयान में यह स्पष्ट नहीं किया गया कि हमले किन-किन स्थानों पर हुए।
बहरीन ने भी लगाया हमला करने का आरोप
इसी बीच Bahrain ने आरोप लगाया है कि एक ईरानी ड्रोन ने उसके एक समुद्री जल शुद्धीकरण संयंत्र को निशाना बनाया। खाड़ी क्षेत्र में चल रहे संघर्ष के दौरान यह पहली बार है जब किसी अरब देश ने ईरान पर इस तरह के सिविलियन इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला करने का आरोप लगाया है।
खाड़ी देशों के लिए अहम हैं जल शुद्धीकरण संयंत्र
खाड़ी देशों में प्राकृतिक मीठे पानी के स्रोत बहुत सीमित हैं, इसलिए यहां समुद्री पानी को शुद्ध कर पीने योग्य बनाने वाले संयंत्रों पर काफी निर्भरता है। शोध संस्थानों के अनुसार खाड़ी सहयोग परिषद (GCC) के देशों के पास दुनिया की कुल जल शुद्धीकरण क्षमता का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा है और क्षेत्र में 400 से अधिक संयंत्र संचालित हैं।
आंकड़ों के मुताबिक United Arab Emirates के पीने के पानी का करीब 42 प्रतिशत हिस्सा इन संयंत्रों से आता है। वहीं Kuwait में यह लगभग 90 प्रतिशत, Oman में 86 प्रतिशत और Saudi Arabia में करीब 70 प्रतिशत पानी समुद्री जल शुद्धीकरण संयंत्रों के जरिए उपलब्ध कराया जाता है।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर युद्ध के दौरान ऐसे महत्वपूर्ण संयंत्रों को निशाना बनाया गया तो इससे पूरे खाड़ी क्षेत्र में जल आपूर्ति और ऊर्जा सुरक्षा पर गंभीर असर पड़ सकता है।



