नई दिल्ली/सर्वोदय न्यूज़:- अमेरिका-ईरान तनाव के बीच भारत में लॉकडाउन लगाए जाने की चर्चाएं सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रही हैं। प्रधानमंत्री Narendra Modi के हालिया बयान को लेकर लोग कयास लगा रहे हैं कि क्या देश में फिर से कोरोना जैसे प्रतिबंध लागू हो सकते हैं।
दरअसल, संसद में दिए गए अपने भाषण में प्रधानमंत्री मोदी ने मौजूदा वैश्विक हालात की तुलना कोरोना काल से करते हुए सतर्क रहने की बात कही थी। इसी बयान को कुछ सोशल मीडिया यूजर्स लॉकडाउन के संकेत के रूप में देख रहे हैं।
सोशल मीडिया पर क्या हो रहा है दावा?
एक्स (पहले ट्विटर) पर कई यूजर्स ने ईंधन संकट और युद्ध की स्थिति को जोड़ते हुए सवाल उठाए हैं कि क्या भारत में फिर लॉकडाउन लगाया जा सकता है। कुछ पोस्ट में आशंका जताई गई कि हालात बिगड़ने पर सरकार सख्त कदम उठा सकती है।
हालांकि, ये सभी दावे केवल अटकलों पर आधारित हैं और इनका कोई आधिकारिक आधार नहीं है।
पीएम मोदी ने भाषण में क्या कहा?
प्रधानमंत्री Narendra Modi ने लोकसभा में कहा कि पश्चिम एशिया में जारी तनाव का असर लंबे समय तक रह सकता है और भारत को इसके लिए तैयार रहना होगा।
उन्होंने कहा कि जैसे देश ने कोरोना महामारी के दौरान एकजुट होकर चुनौतियों का सामना किया था, उसी तरह मौजूदा संकट में भी धैर्य और संयम बनाए रखना जरूरी है।
पीएम ने यह भी स्पष्ट किया कि यह संकट आर्थिक, राष्ट्रीय और मानवीय सुरक्षा से जुड़ा हुआ है और इससे निपटने के लिए देश को एकजुट रहना होगा।
क्या लॉकडाउन को लेकर कोई घोषणा हुई?
सबसे अहम बात यह है कि प्रधानमंत्री के पूरे भाषण में कहीं भी “लॉकडाउन” शब्द का जिक्र नहीं किया गया। सरकार की ओर से भी देश में किसी तरह के प्रतिबंध या लॉकडाउन लागू करने को लेकर कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। इसलिए सोशल मीडिया पर चल रही बातें सिर्फ अफवाह या अनुमान हैं।
कब लगा था पिछला लॉकडाउन?
भारत में पहला राष्ट्रव्यापी लॉकडाउन 24 मार्च 2020 को लागू किया गया था, जब COVID-19 के मामले तेजी से बढ़ रहे थे। उस समय संक्रमण को रोकने के लिए यह बड़ा कदम उठाया गया था।
फिलहाल भारत में लॉकडाउन लगाए जाने को लेकर कोई आधिकारिक संकेत नहीं है। प्रधानमंत्री का बयान केवल सतर्क रहने और एकजुटता बनाए रखने की अपील थी, न कि किसी नए प्रतिबंध का संकेत।



