न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- इलाहाबाद हाईकोर्ट ने उत्तर प्रदेश सरकार को 25 जनप्रतिनिधियों के खिलाफ दर्ज छोटे अपराधों और कोरोना गाइडलाइन उल्लंघन से जुड़े 28 मामलों को वापस लेने की अनुमति दे दी है। कोर्ट ने कहा कि राज्य सरकार लोक अभियोजक के माध्यम से निचली अदालतों में केस वापसी की अर्जी दाखिल करे, जिसके बाद संबंधित अदालतें अर्जियों पर गुण-दोष के आधार पर फैसला लेंगी।
यह आदेश न्यायमूर्ति एसडी सिंह और न्यायमूर्ति इंद्रजीत शुक्ल की खंडपीठ ने एमपी/एमएलए मामलों में स्वतः संज्ञान लेकर सुनवाई के दौरान दिया।
कौन से मामले हैं शामिल
हाईकोर्ट ने कहा कि जिन मामलों में गंभीर अपराध नहीं हैं, उन्हें कानून के अनुसार वापस लिया जा सकता है। राज्य सरकार की ओर से कुल 72 अर्जियां दाखिल की गई थीं, जिनमें से 28 मामलों को छोटे अपराध मानते हुए मंजूरी दी गई। सभी गंभीर अपराधों से जुड़े मामलों की सुनवाई 26 फरवरी को होगी।
यह भी पढ़े:- तेजप्रताप यादव ने मोदी को 10 में 10 अंक दिए, कहा- लालू राज अब इतिहास है
इन जनप्रतिनिधियों को राहत
इस आदेश के बाद जिन नेताओं को राहत मिली है, उनमें शामिल हैं: उमा भारती, संजीव बलियान, सीमा द्विवेदी, ठाकुर जयवीर सिंह, अभिजीत सिंह, विजेंद्र सिंह, अनिल सिंह, विवेकानंद पांडेय, नीलम सोनकर, अनिल कुमार, मीनाक्षी सिंह, जय मंगल कनौजिया, राजपाल बालियान, प्रसन्न चौधरी, उमेश मलिक, सुरेश राणा, कुमार भारतेंदु, प्रदीप चौधरी, अशरफ अली, वेदप्रकाश गुप्ता, जय प्रकाश निषाद, विक्रांत सिंह, योगेश चौधरी, मुकुल उपाध्याय, सुरेंद्र सिंह।



