न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना को अंतरराष्ट्रीय अपराध न्यायाधिकरण (ICT-BD) द्वारा फांसी की सजा सुनाए जाने के बाद राजधानी ढाका में हालात तनावपूर्ण हो गए हैं। फैसले के तुरंत बाद कई इलाकों में हिंसा भड़क उठी, जिसके बाद यूनुस सरकार ने कानून-व्यवस्था को संभालने के लिए सुरक्षा एजेंसियों को हाई अलर्ट पर कर दिया है।
ट्रिब्यूनल ने हसीना के साथ पूर्व गृह मंत्री असदोज्जमां खान कमाल को भी मौत की सजा सुनाई है। अदालत ने दोनों को पिछले वर्ष सरकार-विरोधी प्रदर्शनों के दौरान किए गए मानवता-विरोधी अपराधों का दोषी ठहराया है।
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मामले में आए विस्तृत फैसले में 78 वर्षीय अवामी लीग नेता शेख हसीना को विरोध प्रदर्शनों पर हुए हिंसक दमन की “मुख्य योजनाकार” करार दिया गया है। इन घटनाओं में सैकड़ों लोगों की जान गई थी। हसीना पिछले वर्ष 5 अगस्त को बड़े विरोध प्रदर्शनों के बीच बांग्लादेश छोड़कर भारत आ गई थीं, जिसके बाद अदालत ने उन्हें भगोड़ा घोषित कर दिया।
फैसले पर प्रतिक्रिया देते हुए हसीना ने कहा कि यह सजा एक गैर-अधिकृत न्यायाधिकरण द्वारा दी गई है, जिसे अनिर्वाचित सरकार ने स्थापित किया है और जिसके पास कोई लोकतांत्रिक अधिकार नहीं है।
ढाका में हालात नियंत्रण में लाने के लिए सुरक्षाबलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और संवेदनशील इलाकों में अतिरिक्त निगरानी की जा रही है।



