न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़ : पाकिस्तान के पूर्व विदेश मंत्री और पाकिस्तान पीपुल्स पार्टी (PPP) के नेता बिलावल भुट्टो जरदारी ने एक बार फिर ऐसा बयान दिया है जिससे न सिर्फ भारत बल्कि खुद पाकिस्तान के भीतर भी सवाल खड़े हो रहे हैं। आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद के सरगना मसूद अजहर को लेकर उन्होंने कहा कि पाकिस्तान को यह नहीं पता कि मसूद अजहर कहां है — शायद वह अफगानिस्तान में हो सकता है।
बिलावल ने यह बयान अल जज़ीरा को दिए एक इंटरव्यू में दिया, जो अब सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मंचों पर सुर्खियां बटोर रहा है। जब इंटरव्यू में हाफिज सईद के पाकिस्तान में खुलेआम घूमने की बात पूछी गई, तो भुट्टो ने इसका भी बचाव किया। उन्होंने कहा, “यह तथ्यात्मक रूप से गलत है कि हाफिज सईद एक स्वतंत्र व्यक्ति है। वह पाकिस्तान की हिरासत में है।” हालांकि, हकीकत ये है कि हाफिज सईद पहले भी पाकिस्तान में “नज़रबंदी” के नाम पर आराम की जिंदगी जीता रहा है और उसके खिलाफ कड़े कदम अभी तक नहीं लिए गए।
मसूद अजहर के बारे में भुट्टो ने कहा: “हमने मसूद अजहर को खोजने की कोशिश की है, लेकिन उसकी कोई जानकारी नहीं मिल रही है। अगर भारत के पास उसकी लोकेशन की जानकारी है, तो हमारे साथ साझा करे। हम उसे गिरफ्तार करने के लिए तैयार हैं।” इस बयान पर कई विशेषज्ञों ने सवाल उठाए हैं कि एक वांटेड इंटरनेशनल टेररिस्ट की जानकारी पाकिस्तान को नहीं है, यह विश्वास करना मुश्किल है।
भारत लंबे समय से पाकिस्तान से मसूद अजहर और हाफिज सईद को सौंपने की मांग करता आ रहा है। मसूद अजहर 1999 में कंधार विमान अपहरण के बाद उसे रिहा करना पड़ा था। इसके बाद उसने:
- 2001 में संसद पर हमले की साजिश रची
- 26/11 मुंबई हमले को अंजाम दिया
- पठानकोट और पुलवामा जैसे आतंकी हमलों की ज़िम्मेदारी ली
भारत ने ऑपरेशन सिंदूर के तहत पाकिस्तान में मौजूद उसके आतंकी शिविरों पर स्ट्राइक भी की थी। बिलावल भुट्टो का यह बयान ऐसे समय आया है जब वह सत्ताधारी गठबंधन का हिस्सा हैं और उनकी छवि पहले भी आतंकी समर्थक बयानों के चलते घिरी रही है। वे बार-बार भारत विरोधी रवैया अपनाकर कट्टरपंथियों को खुश करने की राजनीति करते रहे हैं।



