Sunday, March 29, 2026

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1983 में नागरिकता, फिर 1980 में कैसे बनीं वोटर? सोनिया गांधी के खिलाफ कोर्ट में याचिका

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- कांग्रेस की वरिष्ठ नेता सोनिया गांधी के खिलाफ एक नई याचिका दायर की गई है। यह याचिका अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट वैभव चौरसिया की अदालत में दाखिल हुई, जिसमें सवाल उठाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम मतदाता सूची में उस समय दर्ज था, जब वह भारतीय नागरिक भी नहीं थीं।

याचिका में आरोप लगाया गया है कि सोनिया गांधी का नाम 1980 की वोटर लिस्ट में शामिल किया गया था, जबकि उन्होंने 30 अप्रैल 1983 को भारतीय नागरिकता हासिल की थी। याचिकाकर्ता ने कोर्ट से मांग की है कि इस मामले में पुलिस जांच कराए।

शिकायतकर्ता विकास त्रिपाठी की ओर से पेश हुए वरिष्ठ अधिवक्ता पवन नारंग ने दलील दी कि उपलब्ध दस्तावेजों से यह साफ है कि सोनिया गांधी 1983 में भारत की नागरिक बनीं, लेकिन 1980 की दिल्ली निर्वाचन क्षेत्र की वोटर लिस्ट में उनका नाम दर्ज था। बाद में 1982 में नाम हटा दिया गया और 1983 में नागरिकता मिलने के बाद फिर से जोड़ा गया।

नारंग ने सवाल उठाया कि नाम हटाने का कारण कहीं दर्ज नहीं है। सामान्य तौर पर नाम तभी हटाया जाता है जब कोई व्यक्ति किसी दूसरे देश की नागरिकता ले ले या फिर फॉर्म 8 (ब्यौरे में सुधार का आवेदन) दाखिल करे। लेकिन यह तभी संभव है, जब संबंधित व्यक्ति भारत का नागरिक हो।

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