Gold Price Today: देश में सोने की कीमतों में इन दिनों हल्की गिरावट देखने को मिल रही है। शुक्रवार को Multi Commodity Exchange (MCX) पर सोना मामूली कमजोरी के साथ लगभग ₹1,58,400 प्रति 10 ग्राम पर बंद हुआ। यह लगातार दूसरा सप्ताह है जब सोने की कीमतों पर दबाव बना हुआ है और बाजार में अस्थिरता बनी हुई है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार का असर
वैश्विक बाजार में भी सोने की चाल सुस्त दिखाई दे रही है। COMEX पर गोल्ड की कीमत करीब 5,120 डॉलर प्रति औंस के आसपास बनी हुई है।
विश्लेषकों का कहना है कि मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव, खासकर United States, Iran और Israel के बीच टकराव ने बाजार में अनिश्चितता बढ़ा दी है। आमतौर पर ऐसे हालात में सोना सुरक्षित निवेश माना जाता है और इसकी कीमतें बढ़ती हैं, लेकिन इस बार मजबूत डॉलर और बढ़ती बॉन्ड यील्ड ने सोने की तेजी को रोक दिया है।
ट्रंप के बयान से बढ़ी चिंता
हाल ही में Donald Trump के बयान के बाद बाजार में और चिंता बढ़ गई है। उन्होंने कहा कि अमेरिका ने ईरान पर हमले पहले से ज्यादा तेज कर दिए हैं। इससे संकेत मिलता है कि यह तनाव जल्द खत्म होने वाला नहीं है।
इसका असर ऊर्जा बाजार पर भी पड़ा है और कच्चे तेल की कीमतों में तेजी देखी जा रही है, जिससे वैश्विक महंगाई को लेकर भी चिंता बढ़ी है।
क्या कहते हैं एक्सपर्ट्स
कमोडिटी और करेंसी बाजार के विश्लेषकों के मुताबिक सोने की कीमतों में गिरावट की बड़ी वजह अमेरिकी डॉलर की मजबूती और ट्रेजरी बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी है। अमेरिकी बॉन्ड यील्ड करीब 4.27% तक पहुंच गई है, जिससे निवेशकों का झुकाव ब्याज देने वाले विकल्पों की ओर बढ़ रहा है।
तकनीकी विश्लेषण के अनुसार फिलहाल सोने में बड़ी तेजी के संकेत नहीं हैं। हालांकि कीमत अभी भी अपने अहम मूविंग एवरेज के ऊपर है, इसलिए लंबी अवधि का ट्रेंड पूरी तरह कमजोर नहीं माना जा रहा।
आगे क्या हो सकता है
विशेषज्ञों के मुताबिक अगले कुछ समय में सोने की कीमतें इन स्तरों पर रह सकती हैं:
- ₹1,58,000 के ऊपर टिकने पर तेजी संभव
- कीमत ₹1,62,000 – ₹1,65,000 तक जा सकती है
- मजबूत तेजी में ₹1,68,000 – ₹1,70,000 का स्तर भी संभव
लेकिन अगर कीमत ₹1,57,000 के नीचे जाती है, तो गिरावट तेज हो सकती है और सोना ₹1,55,000 से ₹1,50,000 के सपोर्ट जोन तक फिसल सकता है।
विशेषज्ञ फिलहाल निवेशकों को सलाह दे रहे हैं कि बाजार की दिशा साफ होने तक सावधानी के साथ निवेश करें और जल्दबाजी में बड़े फैसले लेने से बचें।



