मनोरंजन/राजनीति | सर्वोदय न्यूज़ — जब वे स्क्रीन पर आते हैं, तो दर्शकों की तालियाँ गूंजती हैं। जब संसद में सवाल उठाते हैं, तो सत्ता भी सजग हो जाती है। और जब अपने गोरखपुर पहुंचते हैं, तो जनता कहती है — “ये हैं हमारे असली नायक!” हम बात कर रहे हैं बहुप्रतिभाशाली अभिनेता और लोकसभा सांसद रवि किशन शुक्ला की — जिनका जीवन अब “सिनेमा से संसद” की मिसाल बन गया है।
‘सन ऑफ सरदार 2’ में दमदार वापसी
25 जुलाई 2025 को रिलीज़ होने जा रही ‘सन ऑफ सरदार 2’ में रवि किशन एक सरदार के नए, एक्शन और इमोशन से भरे अवतार में नजर आएंगे। उन्होंने फिल्म के निर्माता और को-स्टार अजय देवगन का आभार जताते हुए कहा:“यह फिल्म मेरे लिए सिर्फ एक किरदार नहीं, संघर्ष के बाद मिली स्वीकृति का प्रतीक है।”
‘लापता लेडीज़’ से ऑस्कर तक
रवि किशन की पिछली हिट फिल्म ‘लापता लेडीज़’ को भारत की ओर से ऑस्कर 2025 के लिए आधिकारिक नामांकन मिला है। फिल्म में उनका सामाजिक और संवेदनशील अंदाज दर्शकों को खूब भाया और आलोचकों से भी सराहना मिली।
राजनीति में ‘सांसद रत्न’ का खिताब
फिल्मों के बाहर, संसद के भीतर भी रवि किशन छाए हुए हैं। 26 जुलाई 2025 को उन्हें ‘सांसद रत्न’ सम्मान से नवाज़ा जाएगा।यह पुरस्कार उन्हें लोकसभा में सर्वाधिक प्रभावशाली सवाल और बहस करने वाले सांसदों में शामिल होने के लिए मिलेगा।
उनके प्रमुख मुद्दे:
- ड्रग्स और फिल्म इंडस्ट्री में सुधार
- गोरखपुर के विकास
- बेरोजगारी, महिला सुरक्षा
MSME और डिजिटल गांव
IIFA और OTT पर भी नंबर वन
हाल ही में रवि किशन को IIFA अवॉर्ड भी मिला है।
OTT पर उनके किरदारों ने नया मुकाम स्थापित किया:
- रंगबाज़ में धाकड़ नेता
- बिच्छू का खेल में एंटी-हीरो
- खाकी: द बिहार चैप्टर में सिस्टम की हकीकत
- द व्हाइट टाइगर में इंटरनेशनल छवि
उनका डायलॉग “कहानी में ट्विस्ट है सरकार!” आज भी वायरल है।
गोरखपुर के लिए हमेशा प्रतिबद्ध
अपने क्षेत्र गोरखपुर को लेकर रवि किशन ने कई योजनाएं चलाईं:
- रेलवे और सड़कों का आधुनिकीकरण
- युवा रोजगार के लिए केंद्र
- फिल्म सिटी पूर्वांचल में लाने की पहल
- महिला सुरक्षा और जल-निकासी परियोजनाएं
उनका लक्ष्य है — पूर्वांचल को गौरव से विकास की ओर ले जाना।
रवि किशन: नाम नहीं, एक मिसाल हैं
बचपन में गांव की मिट्टी से निकलकर आज संसद और सिनेमा दोनों में छाने वाले रवि किशन की कहानी हर युवा के लिए प्रेरणा है।“फिल्मों में जिन मुद्दों पर बोले, अब संसद में उन्हीं के लिए लड़ रहे हैं — यही असली हीरो की पहचान है।”



