न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजसेवी अन्ना हजारे ने फिर देश को हिला देने वाला ऐलान कर दिया है। 30 जनवरी 2026 से महाराष्ट्र के रालेगण सिद्धि में वे आमरण अनशन पर बैठेंगे, और यह अनशन उनकी अंतिम सांस तक चलेगा।
अन्ना ने मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को पत्र लिखकर चेतावनी दी है कि अगर लोकायुक्त कानून तुरंत लागू नहीं हुआ, तो वे प्राण त्याग देंगे, लेकिन पीछे नहीं हटेंगे। इस ऐलान से महाराष्ट्र से लेकर दिल्ली तक राजनीतिक गलियारों में हलचल मच गई है। याद रहे, 2011 में अन्ना हजारे ने दिल्ली के रामलीला मैदान में अनशन किया था। उस आंदोलन का असर इतना व्यापक था कि केंद्र सरकार और दिल्ली की कांग्रेस सरकार पर दबाव पड़ा था।
क्यों फिर आंदोलन पर उतरे अन्ना हजारे?
इस बार अनशन का मुख्य कारण महाराष्ट्र में लोकायुक्त कानून की देरी है। लोकायुक्त कानून को मंजूरी मिले दो साल से ज्यादा हो गए हैं। हालांकि विधेयक 2022 में विधानसभा और 2023 में विधान परिषद से पारित हो चुका है।2024 में राज्यपाल की मंजूरी भी मिल गई, लेकिन कानून लागू नहीं हुआ।
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अन्ना हजारे के मुताबिक, राज्य सरकार ने यह विधेयक राष्ट्रपति की स्वीकृति के लिए केंद्र को भेजा है, लेकिन एक साल से ज्यादा समय बीतने के बावजूद कोई प्रगति नहीं हुई।
रालेगण सिद्धि में आमरण अनशन
अन्ना ने साफ किया कि यह उनका निजी मुद्दा नहीं, बल्कि देश की जनता और भ्रष्टाचार के खिलाफ लड़ाई का सवाल है। वे 30 जनवरी 2026 से अपने गांव रालेगण सिद्धि में अनशन शुरू करेंगे। अन्ना ने पत्र में लिखा कि हार्ट अटैक से मरने की बजाय देश और समाज के हित में प्राण त्यागना उनके लिए सौभाग्य की बात होगी।
समाजसेवी लंबे समय से महाराष्ट्र में मजबूत लोकायुक्त कानून लागू करने की मांग करते आ रहे हैं और अब वे आमरण अनशन के जरिए सरकार पर दबाव बनाने जा रहे हैं।



