लाइफस्टाइल/सर्वोदय न्यूज़:- कुत्तों की सेहत बनाए रखने के लिए संतुलित आहार अत्यंत आवश्यक है। भोजन में विटामिन्स (vitamins) और मिनरल्स (minerals) की कमी से कई प्रकार की बीमारियाँ उत्पन्न हो सकती हैं, जो उनके विकास, प्रतिरक्षा प्रणाली, हड्डियों, त्वचा और व्यवहार पर बुरा असर डालती हैं। यदि इन पोषक तत्वों की पूर्ति समय पर न की जाए, तो स्थिति गंभीर हो सकती है। डॉ. हेमंत तिवारी (पशु चिकित्सक) का इस पर क्या क्या कहना आइए जानते हैं कि कौन-कौन से विटामिन और मिनरल्स की कमी से कुत्तों में कौन से रोग उत्पन्न होते हैं:-
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कैल्शियम और फॉस्फोरस की कमी
- रोग: रिकेट्स (Rickets) और ऑस्टियोमालेसिया (Osteomalacia)
- लक्षण: हड्डियाँ कमजोर होना, पैरों का टेढ़ा होना, चलने में तकलीफ, शरीर का विकास रुक जाना।
- ज्यादा खतरा: बढ़ती उम्र के पिल्लों को, खासकर बड़े आकार की नस्लों में।
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आयरन (Iron) की कमी
- रोग: एनीमिया (Anemia)
- लक्षण: कमजोरी, सुस्ती, भूख में कमी, मसूड़ों का सफेद होना।
- कारण: खून की कमी या खराब पाचन तंत्र से आयरन का अवशोषण कम होना।
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विटामिन A की कमी
- रोग: त्वचा संबंधी समस्याएं और दृष्टि दोष
- लक्षण: सूखी व झड़ती त्वचा, रतौंधी, आंखों में सूखापन और संक्रमण।
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विटामिन D की कमी
- रोग: हड्डियों का कमजोर होना, कैल्शियम का अवशोषण रुकना
- लक्षण: कमजोरी, हड्डियों का दर्द, थकान, पिल्लों में विकास रुकना।
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विटामिन E की कमी
- रोग: मांसपेशियों में कमजोरी और प्रजनन समस्याएं
- लक्षण: चलने में कठिनाई, थकान, त्वचा की समस्याएं।
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विटामिन B कॉम्प्लेक्स की कमी
- रोग: तंत्रिका तंत्र की समस्याएं और पाचन गड़बड़ी
- लक्षण: भूख की कमी, वजन घटना, चिड़चिड़ापन, त्वचा का लाल होना।
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जिंक की कमी
- रोग: त्वचा रोग जैसे हाइपरकेराटोसिस
- लक्षण: नाक और पंजों पर मोटी, सूखी त्वचा, बाल झड़ना, घाव बनना।
रोकथाम और उपचार
- संतुलित आहार देना: उच्च गुणवत्ता वाला डॉग फूड दें जिसमें सभी जरूरी पोषक तत्व हों।
- विटामिन और मिनरल सप्लिमेंट: पशु चिकित्सक की सलाह से सप्लीमेंट्स देना।
- धूप में रखना: प्राकृतिक विटामिन D के लिए रोजाना थोड़ी देर धूप में रखें।
- नियमित जांच: समय-समय पर रक्त जांच और हेल्थ चेकअप से कमियों का पता चल सकता है।
निष्कर्ष– कुत्तों में विटामिन और मिनरल्स की कमी धीरे-धीरे उनकी सेहत को कमजोर बना सकती है। एक जागरूक पालतू अभिभावक (Pet Parent) को संतुलित पोषण और समय पर पशु चिकित्सक से परामर्श लेकर अपने पालतू की सेहत का ध्यान रखना चाहिए। सही देखभाल से इन बीमारियों से आसानी से बचा जा सकता है।
डॉ. हेमंत तिवारी
(पशु चिकित्सक)



