न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने वाराणसी दौरे के दूसरे दिन ‘स्कूल चलो अभियान’ का शुभारंभ किया और शिक्षा के साथ संस्कार पर विशेष जोर दिया। इस दौरान उन्होंने शिवपुर स्थित परिषदीय विद्यालय में बच्चों को खुद स्कूल बैग पहनाए, किताबें वितरित कीं और उनसे बातचीत कर उनका उत्साह बढ़ाया।
मंदिरों में दर्शन के साथ शुरू हुआ दौरा
मुख्यमंत्री ने अपने दौरे की शुरुआत काल भैरव मंदिर में दर्शन-पूजन से की। इसके बाद वे काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे, जहां विधि-विधान से पूजन और आरती की।
बच्चों की प्रदर्शनी देखी, बढ़ाया हौसला
विद्यालय पहुंचकर सीएम योगी ने बच्चों द्वारा लगाई गई प्रदर्शनी का अवलोकन किया और उनके प्रोजेक्ट्स की जानकारी ली। उन्होंने छात्रों से संवाद कर पढ़ाई के प्रति रुचि बढ़ाने की बात कही।
2017 से पहले की स्थिति का किया जिक्र
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने 2017 से पहले के हालात को याद किया। उन्होंने कहा कि उस समय कई सरकारी स्कूलों की स्थिति खराब थी और छात्रों की संख्या लगातार घट रही थी। कई स्कूलों में बच्चों की संख्या 10 से भी कम रह गई थी।
#WATCH वाराणसी: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिवपुर के कम्पोजिट स्कूल में “स्कूल चलो अभियान” के लॉन्च में हिस्सा लिया। pic.twitter.com/iDkUhrcUcm
— ANI_HindiNews (@AHindinews) April 4, 2026
उन्होंने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं, बल्कि बच्चों को संस्कारित करना और उनकी जिज्ञासा को बढ़ाना है। उन्होंने शिक्षकों से जिम्मेदारी निभाने की अपील की।
ड्रॉपआउट रेट में बड़ा सुधार
सीएम योगी के मुताबिक, पहले प्रदेश में ड्रॉपआउट रेट 19% से ज्यादा था, जो अब घटकर करीब 3% रह गया है। उन्होंने इसे शून्य तक लाने का लक्ष्य रखा और कहा कि एक भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहना चाहिए।
स्कूलों में सुविधाओं का हुआ विस्तार
उन्होंने बताया कि पहले कई स्कूलों में टॉयलेट और पेयजल जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं थीं, जिसकी वजह से बच्चे स्कूल नहीं जाते थे। अब सभी स्कूलों में बालक-बालिकाओं के लिए अलग शौचालय और पानी की व्यवस्था सुनिश्चित की गई है।
15 अप्रैल तक चलेगा अभियान
‘स्कूल चलो अभियान’ 15 अप्रैल तक चलेगा। इस दौरान विभिन्न कार्यक्रमों के जरिए जागरूकता फैलाई जाएगी। सरकार ने प्रत्येक स्कूल को 2500 रुपये की राशि भी दी है, ताकि अभियान को प्रभावी बनाया जा सके।
इसके साथ ही बच्चों को मुफ्त किताबें, यूनिफॉर्म और स्कूल बैग वितरित किए जाएंगे।



