न्यूज़ डेक्स/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश में कानून-व्यवस्था और पुलिस की मुठभेड़ नीति पर एक बार फिर अपनी स्थिति स्पष्ट की है। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार अपराध के खिलाफ ‘जीरो टॉलरेंस’ की नीति पर दृढ़ है और इसमें किसी तरह का समझौता नहीं होगा।
सीएम ने कहा कि अक्सर सवाल उठते हैं कि पुलिस ने गोली क्यों चलाई। इस पर उन्होंने पलटकर कहा, “पुलिस गोली न चलाए तो क्या गोली खाए? जो जिस भाषा में समझेगा, उसे उसी भाषा में समझाया जाएगा।” उनका यह बयान अपराधियों के प्रति सख्त रवैये और त्वरित कार्रवाई के पक्ष में माना जा रहा है।
उन्होंने आगे बताया कि उत्तर प्रदेश में कानून सभी के लिए समान है। कोई भी व्यक्ति—चाहे वह आम नागरिक हो या किसी उच्च पद का अधिकारी—यदि कानून तोड़ेगा तो उस पर कठोर कार्रवाई की जाएगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस हमेशा कानूनी दायरे में रहकर कार्रवाई करती है, लेकिन यदि अपराधी कानून का भय नहीं मानता, तो उसे उसी भाषा में समझाना परिस्थिति की मांग बन जाती है।
सीएम योगी ने पुलिस बल को समर्थन देते हुए कहा कि उन्हें पिस्तौल और प्रशिक्षण इसीलिए दिया जाता है ताकि कोई भी अपराधी अपनी नापाक हरकतों से पीछे न हटे। “अगर अपराधी को गोली चलाने की छूट है, तो पुलिस को भी उसके खिलाफ कार्रवाई करने का अधिकार है,” उन्होंने कहा।
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मुख्यमंत्री ने अपनी सरकार की उपलब्धियों का जिक्र करते हुए कहा कि जब पुलिस ने अपराधियों को उनकी भाषा में समझाना शुरू किया, तभी प्रदेश में बदलाव आया। पिछले नौ वर्षों में उत्तर प्रदेश के बड़े-बड़े त्योहार शांतिपूर्ण रूप से मनाए गए हैं और कहीं भी अराजकता, दंगे या गुंडा टैक्स जैसी घटनाएं सामने नहीं आई। इसी सुरक्षा वातावरण के कारण राज्य देश और दुनिया के निवेशकों के लिए आकर्षक गंतव्य बन गया है।
सीएम ने स्पष्ट किया कि भ्रष्टाचार और अपराध के खिलाफ यह संघर्ष सभी के लिए समान रहेगा। उनका कहना था कि “जीरो टॉलरेंस का मतलब है कि अगर प्रशासन या सरकार से जुड़ा कोई व्यक्ति भी गलत करेगा, तो उसे माफिया की तरह ही कानूनी कार्रवाई का सामना करना पड़ेगा।”
यह बयान पुलिस कर्मियों का मनोबल बढ़ाने और अपराधियों के लिए चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।



