Budget 2026 Reaction: केंद्रीय बजट 2026-27 को लेकर विपक्ष की ओर से तीखी प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। तृणमूल कांग्रेस (TMC) सांसद शत्रुघ्न सिन्हा ने बजट की कड़ी आलोचना करते हुए इसे ‘फेंकू और लपेटू बजट’ करार दिया है। उन्होंने आरोप लगाया कि बजट में रोजगार, किसानों के कल्याण और देश पर बढ़ते कर्ज जैसे अहम मुद्दों को नजरअंदाज किया गया है।
न्यूज़ एजेंसी ANI से बातचीत में शत्रुघ्न सिन्हा ने कहा, “यह एक ‘फेंकू और लपेटू’ बजट है। यह विकसित भारत के लिए नहीं है। इसमें न रोजगार पर ध्यान दिया गया है और न ही देश के मौजूदा कर्ज पर। केंद्र सरकार पर कई राज्यों का पैसा बकाया है। किसानों के कल्याण के लिए कौन-सी ठोस योजना लाई गई है? यह बजट रेटिंग के लायक नहीं है।”
अखिलेश यादव ने भी उठाए सवाल
समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने भी बजट को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह बजट गरीबों और ग्रामीण आबादी की अनदेखी करता है और इससे रोजगार के अवसर पैदा नहीं होते।
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ANI से बातचीत में अखिलेश यादव ने कहा, “यह बजट गरीबों और गांवों में रहने वालों की समझ से परे है। इसमें नौकरी या रोजगार देने की कोई ठोस व्यवस्था नहीं है। बीजेपी का यह बजट देश के सिर्फ पांच प्रतिशत अमीर लोगों के लिए है।”
सरकार का पक्ष: इंफ्रास्ट्रक्चर और कनेक्टिविटी पर जोर
इससे पहले, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने लोकसभा में केंद्रीय बजट 2026-27 पेश किया। यह उनका लगातार नौवां केंद्रीय बजट था। उन्होंने कहा कि यह बजट युवाशक्ति से प्रेरित है और तीन प्रमुख कर्तव्यों पर आधारित है।
बजट में अगले पांच वर्षों में—
- 7 हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर
- नए डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर
- और 20 राष्ट्रीय जलमार्गों को चालू करने का प्रस्ताव दिया गया है
सरकार ने पर्यावरण के अनुकूल यात्री परिवहन को बढ़ावा देने पर भी जोर दिया है। प्रस्तावित हाई-स्पीड रेल कॉरिडोर प्रमुख शहरी और आर्थिक केंद्रों को जोड़ेंगे, जिससे यात्रा का समय घटेगा, प्रदूषण कम होगा और क्षेत्रीय विकास को गति मिलेगी।



