न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बांग्लादेश में फरवरी 2026 के चुनाव से पहले हिंदुओं के खिलाफ भड़काऊ बयानबाजी और हिंसा बढ़ती जा रही है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो में कुछ मौलाना और नेताओं को हिंदुओं के खिलाफ विवादित बयान देते देखा जा रहा है।
एक वीडियो में मौलाना से सवाल किया गया कि क्या हिंदू उम्मीदवार या हिंदू पार्टी को वोट देना जायज है। मौलाना ने स्पष्ट रूप से कहा कि यह हराम है और किसी भी हिंदू या “काफिर” को वोट देना इस्लाम में स्वीकार्य नहीं। इस दौरान मौलाना ने अपने बयान को दोहराया और दर्शकों के बीच यह संदेश दिया कि हिंदुओं को वोट देना मना है।
Islamic clerics in Bangladesh have reportedly declared that in the upcoming election, voting for any Hindu candidate or any kafir is “haram” (forbidden) in Islam. pic.twitter.com/adr3OnX3jB
— Voice Of BD Hindus 🇧🇩 (@ItzBDHindus) January 15, 2026
एक अन्य क्लिप में मौलवियों को हिंदू धार्मिक स्थलों और संस्थानों के खिलाफ खुली धमकियां देते सुना जा सकता है। एक शख्स ने यहाँ तक कहा कि “बांग्लादेश से मंदिर नष्ट करने और हिंदुओं को मिटाने के लिए हैं। कोई भी इस्कॉन या हिंदू संस्थान बांग्लादेश में नहीं रह सकता।”
यह भी पढ़े:- महाकाल के दर पर विराट कोहली, इंदौर ODI से पहले भस्म आरती में लिया आशीर्वाद- Video
विशेषज्ञों के अनुसार, यह बयान ऐसे समय में सामने आया है जब पिछले अगस्त में शेख हसीना सरकार के पतन के बाद बांग्लादेश में हिंदुओं के खिलाफ हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं। हाल के हफ्तों में दर्जनों हिंदुओं के घर तोड़े गए और कई घरों में आग लगाई गई। पिछले एक महीने में कम से कम पांच हिंदू पुरुषों की हत्या भी हुई।
Translation : In Bangladesh, temples are for destruction, their idols are for destruction. No Hindu can live in Bangladesh, no ISKCON can live, Delhi’s brokers go to Delhi. pic.twitter.com/L38p6bvGZs
— Voice Of BD Hindus 🇧🇩 (@ItzBDHindus) January 16, 2026
भारत ने इन घटनाओं पर गंभीर चिंता जताई है। भारतीय विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता रणधीर जायसवाल ने कहा कि “चरमपंथियों द्वारा अल्पसंख्यकों और उनके घरों तथा व्यवसायों पर लगातार हमले का एक परेशान करने वाला पैटर्न देखा जा रहा है। ऐसे मामलों को तेजी और सख्ती से निपटाया जाना चाहिए।” उन्होंने यह भी कहा कि “सांप्रदायिक हमलों को निजी या राजनीतिक मतभेदों से जोड़ना घातक है और इससे अल्पसंख्यकों के बीच डर और असुरक्षा की भावना बढ़ती है।”
बांग्लादेश में राजनीतिक और धार्मिक कट्टरपंथ के बढ़ते खतरे ने क्षेत्र में शांति और सुरक्षा के लिए चिंता बढ़ा दी है।



