न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बांग्लादेश की नई राजनीतिक परिस्थितियों के बीच भारत-बांग्लादेश संबंधों में सुधार के संकेत मिलने लगे हैं। मोहम्मद यूनुस की रवानगी के बाद बनी तारिक रहमान की सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए नई दिल्ली स्थित अपने हाई कमीशन में भारतीय नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं दोबारा शुरू कर दी हैं। मीडिया रिपोर्ट्स के अनुसार, शुक्रवार सुबह से सभी श्रेणियों की वीजा सेवाएं बहाल कर दी गईं।
सूत्रों के हवाले से बताया गया है कि दिसंबर में डिप्लोमैटिक तनाव के चलते दोनों देशों के बीच वीजा और कांसुलर सेवाएं अस्थायी रूप से रोक दी गई थीं। हालांकि उस दौरान बिजनेस और वर्क वीजा को पूरी तरह बंद नहीं किया गया था। अब बांग्लादेश हाई कमीशन ने सभी कैटेगरी की सेवाएं फिर से चालू कर दी हैं।
भारत भी उठा सकता है कदम
संकेत मिल रहे हैं कि भारत भी बांग्लादेशी नागरिकों के लिए वीजा सेवाएं जल्द बहाल कर सकता है। भारतीय अधिकारियों ने हाल ही में कहा था कि इस दिशा में आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं। अगर ऐसा होता है तो दोनों देशों के बीच आवागमन और व्यापारिक गतिविधियों को गति मिल सकती है।
तनाव की पृष्ठभूमि
पिछले वर्ष दिसंबर में डिप्लोमैटिक तनाव उस समय बढ़ गया था, जब बांग्लादेश में भारत विरोधी बयानबाजी करने वाले शरीफ उस्मान बिन हादी की हत्या के बाद हालात बिगड़ गए थे। इसके बाद बांग्लादेश के कई हिस्सों में भारत विरोधी प्रदर्शन हुए। चटगांव में स्थित भारतीय सहायक उच्चायोग के बाहर प्रदर्शनकारियों ने विरोध जताया और पथराव की घटनाएं भी सामने आईं। सुरक्षा कारणों से 21 दिसंबर से इंडियन वीजा एप्लीकेशन सेंटर (IVAC) का कामकाज अगली सूचना तक रोक दिया गया था।
संबंधों में सुधार की उम्मीद
विश्लेषकों का मानना है कि नई सरकार के कार्यभार संभालने के बाद दोनों पड़ोसी देशों के रिश्तों में नई शुरुआत हो सकती है। व्यापार, शिक्षा, स्वास्थ्य और सांस्कृतिक आदान-प्रदान के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ने की संभावना जताई जा रही है।
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फिलहाल वीजा सेवाओं की बहाली को कूटनीतिक संबंधों में सकारात्मक संकेत के रूप में देखा जा रहा है। आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि दोनों देश आपसी विश्वास को किस हद तक मजबूत कर पाते हैं।



