न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- समाजवादी पार्टी (सपा) के वरिष्ठ नेता आजम खां ने एक इंटरव्यू में ऐसा बयान दिया है, जिसने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है। उन्होंने कहा कि अगर भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) उन्हें प्रस्ताव देती है कि वह अखिलेश यादव का साथ छोड़ दें और उनके खिलाफ दर्ज मुकदमे वापस ले लिए जाएं, तो वह इस पर विचार करेंगे।
आजम खां ने कहा,“अगर मुकदमे वापस ले लिए जाएं तो मैं प्रधानमंत्री जी को धन्यवाद दूंगा, उन्हें फूलों का गुलदस्ता दूंगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को भी धन्यवाद दूंगा और उनकी हर जगह तारीफ करूंगा। लेकिन वोट समाजवादी पार्टी के लिए ही मांगूंगा।”
बीजेपी के प्रस्ताव पर बोले—‘जरूर विचार करूंगा’
यूट्यूब चैनल फोर पीएम से बातचीत के दौरान आजम खां से जब पूछा गया कि अगर बीजेपी उन्हें बीएसपी या कांग्रेस में शामिल होने का प्रस्ताव दे और बदले में मुकदमे वापस ले ले तो उनका क्या रुख होगा?
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इस पर आजम खां ने बिना झिझक जवाब दिया—“आपके माइक पर आकर अगर वो प्रस्ताव देंगे, तो हम जरूर विचार करेंगे।” उन्होंने कहा कि अभी मुकदमे वापस नहीं हुए हैं, इसलिए “पहले सरकार मुकदमे वापस तो ले, फिर देखेंगे।”
जेल में बिताए दर्दनाक अनुभव साझा किए
आजम खां ने जेल में बिताए अपने दिनों को याद करते हुए कहा कि यह उनके जीवन का सबसे दर्दनाक समय था। उन्होंने बताया कि रात के साढ़े तीन बजे उन्हें और बेटे अब्दुल्ला आजम को अचानक नींद से जगाकर बाहर लाया गया।“जेल से बाहर बहुत ज्यादा पुलिस थी। पैरामिलिट्री फोर्स भी थी। ऐसा लग रहा था कि सिर्फ हथियार और वर्दियां ही हैं। उस वक्त लगा कि शायद ये मेरी बेटे से आखिरी मुलाकात है।”
उन्होंने बताया कि उन्हें और बेटे को अलग-अलग जेलों में भेज दिया गया और डेढ़ दिन तक यह पता नहीं चल सका कि बेटा कहां है।
अखिलेश से मुलाकात के बाद बढ़ी हलचल
हाल ही में आजम खां अपने बेटे अब्दुल्ला के साथ सपा प्रमुख अखिलेश यादव से मिलने उनके घर पहुंचे थे।अखिलेश ने भी कहा था कि समाजवादी पार्टी की सरकार बनने पर आजम खां के मुकदमे वापस लिए जाएंगे।
राजनीतिक जानकारों का मानना है कि आजम खां का यह बयान सपा, बीजेपी और बीएसपी तीनों दलों के समीकरणों को प्रभावित कर सकता है।



