न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- धार्मिक नगरी Ayodhya में स्थित Vishwa Virat Mandir इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां स्थापित भगवान Ram की विराट स्वरूप प्रतिमा को देश में अद्वितीय माना जा रहा है।
दिव्य दर्शन का अद्भुत अनुभव
मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि इस प्रतिमा के दर्शन मात्र से उन्हें गहन आध्यात्मिक अनुभूति होती है। कई भक्तों का कहना है कि यह अनुभव ऐसा लगता है मानो स्वयं प्रभु श्रीराम साक्षात सामने उपस्थित हों।
हनुमान जी की प्रेरणा से हुआ निर्माण
मंदिर के महंत Narsingh Das के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण Hanuman जी की प्रेरणा से किया गया। उनका कहना है कि विश्व में कहीं भी भगवान श्रीराम के विराट स्वरूप की प्रतिमा स्थापित नहीं थी, इसी विचार के साथ इस अनूठे मंदिर का निर्माण कराया गया।
पौराणिक कथा से जुड़ा है स्वरूप
मंदिर के उत्तराधिकारी Mahavir Das के अनुसार, भगवान श्रीराम ने सबसे पहले अपनी माता Kaushalya को अपना विराट स्वरूप दिखाया था।
कथा के अनुसार, माता कौशल्या प्रभु के पालन-पोषण को लेकर चिंतित रहती थीं। उनकी चिंता दूर करने के लिए भगवान ने अपना दिव्य रूप प्रकट किया। यह भी कहा जाता है कि उस समय आकाश में स्थित देवताओं ने भी इस अद्भुत स्वरूप के दर्शन किए थे।
श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र
संतों का मानना है कि राम अवतार में भगवान ने कई बार अपना विराट स्वरूप प्रकट किया। ऐसी मान्यता है कि इस स्वरूप के दर्शन करने से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक उन्नति होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।
भक्ति और विश्वास का प्रतीक
Vishwa Virat Mandir आज केवल एक मंदिर ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक जागरण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।



