अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- धर्मनगरी में आयोजित चार दिवसीय श्री रामकथा महोत्सव का मंगलवार को श्रद्धा और भक्ति के साथ भव्य समापन हो गया। 1 फरवरी से 4 फरवरी 2026 तक चले इस आध्यात्मिक आयोजन में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने पहुंचकर प्रभु श्रीराम की कथा का रसपान किया। समापन दिवस पर पंडाल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा रहा और पूरे परिसर में ‘जय श्रीराम’ के जयघोष गूंजते रहे।
प्रख्यात प्रवक्ता भागवत भास्कर पं.पू. श्री गोपालजी दाधीच ने कथा के अंतिम दिवस मर्यादा पुरुषोत्तम भगवान श्रीराम के आदर्शों, त्याग, सत्यनिष्ठा और कर्तव्यपरायणता पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि रामकथा केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि मानव जीवन को सही दिशा देने वाला प्रेरणास्रोत है। श्री दाधीच ने कहा कि सत्संग से विवेक जागृत होता है और प्रभु कृपा से जीवन सफल बनता है। उन्होंने श्रद्धालुओं से आग्रह किया कि वे राम के आदर्शों को अपने जीवन में आत्मसात करें।
समापन अवसर पर मुख्य यजमान श्रीमती उमादेवी सत्यनारायणजी लोया परिवार, नागपुर द्वारा विधि-विधान से पूजा-अर्चना एवं महाआरती संपन्न कराई गई। हवन-पूजन के बाद श्रद्धालुओं के बीच प्रसाद वितरण किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान वातावरण पूरी तरह भक्तिमय बना रहा।
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महोत्सव के चारों दिन भजन-कीर्तन, रामधुन और आध्यात्मिक प्रवचनों की धारा बहती रही। स्थानीय श्रद्धालुओं के साथ-साथ दूर-दराज से आए भक्तों ने भी उत्साहपूर्वक सहभागिता की। आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने सभी सहयोगकर्ताओं, संत-महात्माओं और श्रद्धालुओं का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि इस तरह के आयोजन समाज में सकारात्मक ऊर्जा और नैतिक मूल्यों को मजबूत करते हैं।
कार्यक्रम के सफल आयोजन पर धर्मनगरी में संतोष और उत्साह का माहौल देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने इसे आध्यात्मिक ऊर्जा से परिपूर्ण और यादगार आयोजन बताया।



