न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- श्रीराम जन्मभूमि मंदिर परिसर में 25 नवंबर को ऐतिहासिक ध्वजारोहण समारोह आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी स्वयं ध्वज फहराएंगे, जबकि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक डॉ. मोहनराव भागवत की उपस्थिति में यह कार्यक्रम संपन्न होगा।
यह आयोजन आरएसएस की स्थापना के 100 वर्ष (शताब्दी वर्ष) के उपलक्ष्य में देशभर में मनाए जा रहे कार्यक्रमों का हिस्सा है। इस ध्वजारोहण के माध्यम से श्रीराम जन्मभूमि पर भव्य मंदिर निर्माण के राष्ट्रीय संकल्प की पूर्णता का संदेश दिया जाएगा।
पीएम मोदी और सीएम योगी को सौंपा गया निमंत्रण
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने दिल्ली में प्रधानमंत्री मोदी से मुलाकात कर उन्हें इस कार्यक्रम का आमंत्रण पत्र सौंपा। इससे पहले, श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने भी प्रधानमंत्री मोदी को औपचारिक निमंत्रण पत्र भेंट किया और उनकी अयोध्या यात्रा की सहमति प्राप्त की।
ट्रस्ट के अनुसार, इस आयोजन में संघ प्रमुख डॉ. मोहनराव भागवत, प्रमुख धर्माचार्य, संत-महंत, विभिन्न संप्रदायों के प्रतिनिधि और समाज के सभी वर्गों से जुड़े लोगों को आमंत्रित किया गया है।
10 से 15 हजार श्रद्धालु पहुंचेंगे अयोध्या
अयोध्या में इस दौरान 10 से 15 हजार श्रद्धालुओं के आने की संभावना जताई गई है। ध्वजारोहण के समय मंदिर के शिखर पर ‘रघुवंश’ का प्रतीक ध्वज फहराया जाएगा, जो मंदिर की पूर्णता का संदेश पूरे विश्व तक पहुंचाएगा।
ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष गोविंद देवगिरी ने बताया कि यह ध्वज 22 फीट लंबा और 11 फीट चौड़ा होगा। इसे 161 फीट ऊंचे शिखर पर लगाए गए 42 फीट ऊंचे ध्वजदंड पर फहराया जाएगा। इस पर सूर्य, ॐ और कोविदार वृक्ष के प्रतीक अंकित हैं, जो वाल्मीकि रामायण में वर्णित रघुवंश के प्रतीक हैं।
श्रीराम मंदिर की विशेषताएं
तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपतराय ने बताया कि मंदिर का निर्माण परंपरागत नागर शैली में किया गया है। मंदिर की लंबाई (पूर्व-पश्चिम) 380 फीट चौड़ाई 250 फीट, ऊंचाई (तीन मंजिलों की कुल ऊंचाई) 60 फीट, कुल 392 खंभे और 44 द्वार हैं।
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भूतल पर भगवान श्रीराम लला के बालरूप की प्रतिमा स्थापित है, जबकि प्रथम तल पर श्रीराम सभा के दर्शन होते हैं। साथ ही परिसर में पंचायतन मंदिरों का निर्माण भी पूरा कर लिया गया है।
श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाएं
श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए अपोलो अस्पताल की ओर से मंदिर परिसर में 24 घंटे संचालित आपातकालीन मेडिकल केयर सेंटर शुरू किया गया है।
साथ ही बुजुर्गों और दिव्यांग जनों के लिए लिफ्ट और मुफ्त गोल्फ कार्ट सेवा की व्यवस्था की गई है। मंदिर परिसर में सौंदर्यीकरण कार्य जारी है, जिसमें हरियाली, पौधे और पंचवटी का निर्माण शामिल है।



