अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- भारतीय जनता पार्टी के पूर्व विधायक गोरखनाथ और मिल्कीपुर के उपजिलाधिकारी (एसडीएम) सुधीर कुमार के बीच हुई एक कथित फोन बातचीत का ऑडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैल रहा है। करीब चार मिनट लंबे इस ऑडियो में पूर्व विधायक एसडीएम से कड़े और आक्रामक लहजे में बात करते हुए कथित तौर पर गंभीर चेतावनी देते सुने जा सकते हैं। इस वायरल ऑडियो के सामने आने के बाद प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हलचल बढ़ गई है।
हालांकि सर्वोदय न्यूज़ ऑडियो की तकनीकी सत्यता की पुष्टि नहीं करता है, लेकिन एसडीएम ने इसे वास्तविक बातचीत बताया है।
आंगनबाड़ी केंद्र और मुकदमे को लेकर नाराजगी
बताया जा रहा है कि फोन पर हुई इस बातचीत का मुख्य कारण सुमेरपुर स्थित आंगनबाड़ी केंद्र और पूर्व विधायक के एक समर्थक पर दर्ज किए गए मामलों से जुड़ा विवाद था। वायरल ऑडियो में पूर्व विधायक एसडीएम पर उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहते सुनाई देते हैं कि उन्हें हल्के में न लिया जाए और परिणाम गंभीर हो सकते हैं। बातचीत के दौरान उन्होंने यह भी कहा कि यदि उनकी बातों को नजरअंदाज किया गया तो स्थिति उनके नियंत्रण से बाहर हो सकती है।
पूर्व विधायक ने अपनी नाराजगी व्यक्त करते हुए यह भी आरोप लगाया कि प्रशासन उनकी बातों को गंभीरता से नहीं ले रहा है, जबकि वे कई बार अधिकारियों से मिल चुके हैं। उन्होंने यह भी कहा कि उनके समर्थकों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है और प्रशासनिक स्तर पर उनकी बातों पर ध्यान नहीं दिया जा रहा।
चेतावनी भरे शब्दों के साथ बातचीत समाप्त
ऑडियो के अंतिम हिस्से में पूर्व विधायक कथित तौर पर एसडीएम से कहते हैं कि वे अपनी जिम्मेदारियां निभाते रहें, लेकिन उनके लौटने के बाद स्थिति बदल सकती है। इसके बाद उन्होंने फोन कॉल समाप्त कर दी।
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इस मामले में एसडीएम सुधीर कुमार ने पुष्टि की है कि वायरल ऑडियो में उनकी और पूर्व विधायक की ही बातचीत है। उन्होंने कहा कि उनसे इसी प्रकार की भाषा में बात की गई थी।
प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में प्रतिक्रिया
इस घटना के सामने आने के बाद प्रशासनिक अधिकारियों में नाराजगी देखी जा रही है। सरकारी अधिकारी को इस तरह की कथित धमकी दिए जाने को गंभीरता से लिया जा रहा है। वहीं, पूर्व विधायक की ओर से अभी तक इस मामले में कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
राजनीतिक स्तर पर भी यह मामला चर्चा का विषय बन गया है, क्योंकि बातचीत में पार्टी और संगठन से जुड़े मुद्दों का भी उल्लेख बताया जा रहा है। प्रशासन और राजनीतिक दलों की आगे की कार्रवाई पर सभी की नजर बनी हुई है।



