न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या दीपोत्सव 2025 सिर्फ दीपों की रौशनी और भक्ति तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि इस बार यह भारत की सांस्कृतिक विविधता का भव्य मंच बनने जा रहा है। दीपोत्सव के दौरान कुल 2000 से अधिक कलाकार अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे, जिनमें उत्तर प्रदेश के साथ-साथ 500 कलाकार अन्य राज्यों से भी शामिल होंगे।
इस आयोजन में 11 मंच बनाए जा रहे हैं –1 वृहद मंच, 3 मध्यम आकार के मंच, 7 छोटे मंच, जहां अवधी, भोजपुरी, ब्रज और फगुआ के सुरों में डूबी रामकथा, लोकगीत, नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियाँ होंगी।
रामकथा से लोककला तक: श्रद्धा और संस्कृति का अनूठा संगम
राम कथा पार्क में भव्य वृहद मंच स्थापित होगा। तुलसी उद्यान, बड़ी देवकाली और गुप्तार घाट पर होंगे मध्यम मंच। अयोध्या और आसपास के जिलों के स्थानीय कलाकार सात छोटे मंचों पर अपनी लोक-परंपराओं की झलक देंगे।
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यह आयोजन न केवल रामायण के प्रसंगों पर आधारित होगा, बल्कि स्थानीय कलाकारों को भी राष्ट्रीय मंच पर स्थान देगा, जिससे उनकी प्रतिभा को एक नई पहचान मिलेगी।
22 भव्य झांकियां बनेंगी आकर्षण का केंद्र
दीपोत्सव शोभायात्रा की शान होंगी रामायण पर आधारित 22 आकर्षक झांकियां, जिनके साथ कलाकार चलते हुए अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे। यह झांकियां श्रद्धालुओं को धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभूति से सराबोर कर देंगी।
अयोध्या बनेगी विश्व सांस्कृतिक केंद्र
इस आयोजन के जरिए अयोध्या सिर्फ भक्ति और आस्था की नगरी नहीं रहेगी, बल्कि भारत की सनातन संस्कृति का अंतरराष्ट्रीय मंच भी बनेगी। यहां की ध्वनि में अवधी, भोजपुरी, ब्रज और फगुआ की लहरियाँ होंगी, जो देश-दुनिया को भारतीय लोक परंपराओं की समृद्धता से परिचित कराएंगी।



