न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रयागराज माघ मेले में मौनी अमावस्या स्नान को लेकर शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती और प्रशासन के बीच चल रहा विवाद लगातार गहराता जा रहा है। मौनी अमावस्या के बाद बसंत पंचमी पर भी स्नान न करने के उनके फैसले के बाद हालात और तनावपूर्ण हो गए हैं। इस बीच अब शंकराचार्य की सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंताएं सामने आई हैं।
शंकराचार्य के शिष्यों और शिविर प्रबंधन ने उनकी जान को खतरा होने की आशंका जताई है। आरोप है कि पिछले कुछ दिनों से रात के समय शिविर के आसपास संदिग्ध और अपरिचित लोगों की आवाजाही देखी जा रही है। किसी भी संभावित अनहोनी या साजिश को देखते हुए शिविर की सुरक्षा बढ़ा दी गई है और पूरे परिसर को सीसीटीवी निगरानी में ला दिया गया है।
शिविर के चारों ओर 10 हाई-डेफिनेशन कैमरे लगाए गए
शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती के राष्ट्रीय मीडिया प्रभारी शैलेंद्र योगिराज सरकार ने बताया कि सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक न हो, इसके लिए शिविर परिसर और आसपास के इलाकों में 10 हाई-रेजोल्यूशन सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
उनका दावा है कि रात के सन्नाटे में कुछ अज्ञात लोग शिविर के आसपास घूमते और रेकी करते नजर आए हैं, जिससे सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
प्रशासन की कार्यप्रणाली पर भी सवाल
शिविर प्रबंधन ने केवल बाहरी तत्वों पर ही नहीं, बल्कि स्थानीय प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल खड़े किए हैं। मीडिया प्रभारी का आरोप है कि प्रशासन की ओर से रात के अंधेरे में आकर नोटिस चस्पा किए जाते हैं, जिससे संदेह और भय का माहौल बन रहा है।
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उन्होंने कहा कि आशंका है कि किसी भी समय शिविर को फंसाने की कोशिश की जा सकती है, इसलिए हर गतिविधि को रिकॉर्ड करने के उद्देश्य से सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं।
सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां भी बढ़ीं
शिविर प्रबंधन के अनुसार, सादी वर्दी में एलआईयू, प्रदेश और केंद्र की सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारी भी शिविर के आसपास सक्रिय देखे जा रहे हैं। ऐसे में शिविर में आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर नजर रखना जरूरी हो गया है। कैमरों के माध्यम से 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है, ताकि किसी भी संभावित खतरे को समय रहते रोका जा सके।
भक्तों और शिष्यों में बढ़ी चिंता
शंकराचार्य की सुरक्षा को लेकर उठी इन आशंकाओं के बाद माघ मेले में मौजूद उनके अनुयायियों और भक्तों में चिंता का माहौल है। विशेष प्रतिनिधि देवेंद्र पांडे ने कहा कि सीसीटीवी लगवाना मजबूरी बन गया है।
उन्होंने आरोप लगाया कि संत के वेश में असामाजिक तत्व घूम रहे हैं और रात के समय वीडियो बनाकर डराने की कोशिश की जाती है। उनका कहना है कि नोटिस देने का काम दिन में होना चाहिए, रात में इस तरह की गतिविधियां संदेह पैदा करती हैं। इसी कारण शंकराचार्य की सुरक्षा के लिए कड़े इंतजाम किए गए हैं।



