न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- शराब नीति से जुड़े मामले में अदालत से राहत मिलने के बाद दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री और Aam Aadmi Party (आप) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल भावुक हो गए। शुक्रवार को कोर्ट परिसर के बाहर मीडिया से बात करते हुए उनकी आंखों से आंसू छलक पड़े।
केजरीवाल ने कहा कि उन्होंने कभी भ्रष्टाचार नहीं किया और अदालत के फैसले ने भी इसे साबित कर दिया है। उन्होंने भारतीय न्यायपालिका पर भरोसा जताते हुए कहा कि “सत्य की जीत हुई है” और न्याय देने के लिए जज का आभार व्यक्त किया।
‘सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र’ का आरोप
केजरीवाल ने इस मामले को राजनीतिक साजिश करार देते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी को खत्म करने के उद्देश्य से पार्टी के शीर्ष नेताओं को जेल भेजा गया।
उन्होंने आरोप लगाया कि यह स्वतंत्र भारत का सबसे बड़ा राजनीतिक षड्यंत्र था और पार्टी के कई वरिष्ठ नेताओं को लंबे समय तक जेल में रखा गया। केजरीवाल ने दावा किया कि यह पूरा मामला झूठा था और लगातार उन्हें भ्रष्ट साबित करने की कोशिश की गई।
भावुक हुए केजरीवाल, सिसोदिया ने संभाला
अपनी बात रखते हुए केजरीवाल भावुक हो गए। उनके साथ मौजूद वरिष्ठ नेता Manish Sisodia ने उन्हें संभाला। केजरीवाल ने खुद को “कट्टर ईमानदार” बताते हुए कहा कि उन्होंने पूरी जिंदगी ईमानदारी से काम किया है और अदालत के फैसले ने सच्चाई सामने ला दी है।
‘अच्छे काम से जीतें चुनाव’
केजरीवाल ने प्रधानमंत्री को संबोधित करते हुए कहा कि सत्ता पाने के लिए झूठे मामलों का सहारा नहीं लेना चाहिए। उन्होंने महंगाई, बेरोजगारी, खराब सड़कों और प्रदूषण जैसे मुद्दों का जिक्र करते हुए कहा कि इन समस्याओं का समाधान करके जनता का विश्वास जीता जाना चाहिए।
उन्होंने सवाल किया कि यदि काम के आधार पर सत्ता हासिल की जा सकती है, तो राजनीतिक विरोधियों पर झूठे केस क्यों लगाए जाते हैं।
अदालत के फैसले के बाद आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं में उत्साह का माहौल देखा गया, जबकि राजनीतिक गलियारों में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चा तेज हो गई है।



