न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री ने माघ मेले में शंकराचार्य के अपमान और UGC के नए नियमों के विरोध में गणतंत्र दिवस के मौके पर अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उनके इस अचानक कदम ने प्रशासनिक और राजनीतिक हलकों में हड़कंप मचा दिया है।
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद के ब्राह्मण बटुक शिष्यों के साथ कथित रूप से चोटी और शिखा पकड़कर मारपीट की गई। उन्होंने इसे सनातन परंपरा, संत समाज और ब्राह्मण समाज के आत्मसम्मान पर सीधा हमला बताया।
सोशल मीडिया पर विरोध पोस्ट
इस्तीफा देने से पहले, अलंकार अग्निहोत्री ने सोशल मीडिया पर एक विवादित पोस्ट साझा की। इसमें उन्होंने UGC के फैसले का विरोध करते हुए “काला कानून वापस लो” और “Boycott BJP” जैसे नारों का इस्तेमाल किया। उनकी यह पोस्ट कुछ ही देर में वायरल हो गई, जिसके बाद उनके इस्तीफे ने सभी को चौंका दिया।
प्रशासनिक हलकों में खलबली
एक सक्रिय सिटी मजिस्ट्रेट द्वारा सीधे तौर पर सरकार के फैसलों के खिलाफ मोर्चा खोलना और इस्तीफा देना बहुत ही दुर्लभ घटना मानी जा रही है। अलंकार अग्निहोत्री की छवि सख्त अधिकारी की रही है, लेकिन उनके इस खुले विरोध ने प्रशासन को अलर्ट मोड पर ला दिया।
दो बड़े निंदनीय घटनाक्रम
अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि पिछले सप्ताह दो गंभीर घटनाएँ हुई हैं:
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प्रयागराज में माघ मेले के दौरान शंकराचार्य के बटुक ब्राह्मणों पर हमला – चोटी खींच-खींच कर मारपीट की गई। स्थानीय प्रशासन की कार्रवाई निंदनीय रही। उन्होंने इसे ब्राह्मणों के लिए अपमानजनक बताया।
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2. UGC रेगुलेशन 13 जनवरी को प्रकाशित – इसमें सामान्य वर्ग को अपराधी मानते हुए वर्ग विशेष के लिए भेदभावपूर्ण प्रावधान दिए गए हैं। अलंकार अग्निहोत्री ने कहा कि यह नियम ब्राह्मण समाज में रोष बढ़ाएंगे और भविष्य में छात्रों के साथ खिलवाड़ कर सकते हैं।



