न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच Iran की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। Azerbaijan ने आरोप लगाया है कि उसकी सीमा की ओर ईरान की तरफ से ड्रोन भेजे गए, जिसके बाद उसने कड़ा रुख अपना लिया है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, अजरबैजान के राष्ट्रपति Ilham Aliyev ने सेना को जवाबी कार्रवाई की तैयारी के निर्देश दिए हैं।
बताया जा रहा है कि अजरबैजान ने इस घटना पर ईरान से स्पष्टीकरण भी मांगा है। इससे पहले क्षेत्र में United States और Israel के साथ तनाव के कारण हालात पहले से ही संवेदनशील बने हुए हैं।
ड्रोन हमले के आरोप से बढ़ा तनाव
अजरबैजान के रक्षा मंत्रालय के मुताबिक, ईरान की दिशा से नखचिवान क्षेत्र की ओर चार ड्रोन भेजे गए थे। इनमें से एक ड्रोन को अजरबैजानी सेना ने हवा में ही निष्क्रिय कर दिया, जबकि अन्य ड्रोन नागरिक इलाकों के पास गिरे।
रिपोर्ट में कहा गया है कि एक ड्रोन स्कूल के पास गिरा, जहां उस समय कक्षाएं चल रही थीं। इस घटना के बाद सरकार ने इसे गंभीर सुरक्षा चुनौती बताया।
राष्ट्रपति ने की कड़ी प्रतिक्रिया
राष्ट्रपति इल्हाम अलीयेव ने ईरान पर “आतंकवाद और आक्रामकता का निराधार कृत्य” करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि देश के खिलाफ बिना उकसावे के हुई इस कार्रवाई को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
रॉयटर्स के अनुसार, राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद की बैठक में अलीयेव ने कहा कि सशस्त्र बलों को संभावित जवाबी कार्रवाई की तैयारी के निर्देश दे दिए गए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि अजरबैजान किसी भी दुश्मन ताकत के सामने अपनी शक्ति दिखाने के लिए तैयार है।
ईरान से मांगा जवाब
अजरबैजान के विदेश मंत्रालय ने बयान जारी कर कहा कि ईरान की ओर से भेजे गए कई ड्रोन उसके क्षेत्र में गिरे। इनमें से एक ड्रोन ने हवाई अड्डे की टर्मिनल बिल्डिंग को नुकसान पहुंचाया, जबकि दूसरा एक स्कूल के पास गिरा।
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मंत्रालय ने इस घटना पर कड़ी आपत्ति जताते हुए अजरबैजान में तैनात ईरानी राजदूत को तलब किया और भविष्य में ऐसी घटनाएं न होने की मांग की।
ईरान ने आरोपों को किया खारिज
दूसरी ओर ईरान ने इन आरोपों से इनकार किया है। ईरान के सशस्त्र बलों के जनरल स्टाफ का कहना है कि उनकी ओर से अजरबैजान की दिशा में कोई ड्रोन नहीं भेजा गया।
ईरान ने यह भी कहा कि वह युद्ध के दौरान तेल ठिकानों और अन्य नागरिक स्थानों को निशाना बनाने से बचने की नीति पर कायम है, हालांकि हालिया हमलों को लेकर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर बहस जारी है।



