Home Blog Page 86

अखिलेश यादव का ऐलान, सरकार बनी तो हर साल महिलाओं को इतने हजार देंगे…

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। इसी बीच समाजवादी पार्टी के प्रमुख अखिलेश यादव ने महिलाओं के लिए बड़ा चुनावी वादा किया है।

लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान उन्होंने कहा कि अगर 2027 में उनकी सरकार बनती है, तो “नारी समृद्धि योजना” के तहत महिलाओं को हर साल 40 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके साथ ही समाजवादी पेंशन योजना को दोबारा शुरू करने का भी भरोसा दिया गया।

कानून-व्यवस्था पर सरकार को घेरा

अखिलेश यादव ने योगी आदित्यनाथ सरकार पर निशाना साधते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य में अपराध बढ़ रहे हैं और पुलिस पर राजनीतिक दबाव है।

यह भी पढ़े:- पीएम मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, सबसे लंबे समय तक सरकार प्रमुख रहने वाले नेता बने

उनका कहना था कि “हथेली गरम, पुलिस नरम” जैसी स्थिति बन गई है, जिससे आम जनता की सुरक्षा प्रभावित हो रही है।

ग्रीन कॉरिडोर परियोजना पर उठाए सवाल

ग्रीन कॉरिडोर को लेकर भी उन्होंने सरकार की आलोचना की। उनका कहना है कि लखनऊ में बन रही यह परियोजना मानकों के अनुरूप नहीं है और पैदल यात्रियों की सुविधाओं की अनदेखी की गई है।

उन्होंने दावा किया कि इस परियोजना पर लगभग 7 हजार करोड़ रुपये खर्च किए जा रहे हैं, जबकि कम लागत में बेहतर काम किया जा सकता था।

अपराध और प्रशासन पर आरोप

अखिलेश यादव ने गोरखपुर समेत कई जिलों में बढ़ते अपराध का मुद्दा उठाया। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ मामलों में दबाव बनाकर आरोपियों को बचाने की कोशिश की जा रही है और एफआईआर से नाम हटाए जा रहे हैं।

फिल्मों के जरिए राजनीति का आरोप

फिल्म ‘धुरंधर: द रिवेंज’ का जिक्र करते हुए उन्होंने बिना नाम लिए भाजपा पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि राजनीतिक लाभ के लिए फिल्मों का इस्तेमाल किया जा रहा है और विपक्ष को बदनाम करने की कोशिश हो रही है।

महिलाओं की सुरक्षा पर जोर

सपा अध्यक्ष ने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा और सम्मान के बिना प्रदेश का विकास संभव नहीं है। उन्होंने वादा किया कि उनकी सरकार बनने पर महिलाओं की सुरक्षा, शिक्षा और आर्थिक सशक्तिकरण के लिए ठोस कदम उठाए जाएंगे।

कैबिनेट विस्तार पर तंज

संभावित कैबिनेट विस्तार को लेकर भी उन्होंने सरकार पर कटाक्ष किया। उनका कहना था कि यह कदम नाराज नेताओं को मनाने के लिए उठाया जा रहा है और बजट खत्म होने के बाद मंत्रालय बांटे जा रहे हैं।

कार्यक्रम के दौरान डिंपल यादव भी मौजूद रहीं और महिला सम्मान समारोह में कई महिलाओं को सम्मानित किया गया।

पीएम मोदी ने बनाया नया रिकॉर्ड, सबसे लंबे समय तक सरकार प्रमुख रहने वाले नेता बने

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भारतीय राजनीति में एक नया इतिहास रच दिया है। वे देश में मुख्यमंत्री और प्रधानमंत्री के रूप में मिलाकर सबसे लंबे समय तक सरकार के प्रमुख रहने वाले नेता बन गए हैं।

इस उपलब्धि की जानकारी Rajnath Singh ने सोशल मीडिया के जरिए साझा करते हुए प्रधानमंत्री को बधाई दी। उन्होंने इसे देश के प्रति समर्पण और ‘राष्ट्र प्रथम’ की भावना का प्रतीक बताया।

प्रधानमंत्री मोदी ने Pawan Kumar Chamling के 8,930 दिनों के रिकॉर्ड को पीछे छोड़ते हुए 8,931 दिन पूरे कर लिए हैं। इसी के साथ उन्होंने सरकार के प्रमुख के रूप में सबसे लंबे कार्यकाल का नया कीर्तिमान स्थापित कर दिया है।

रक्षा मंत्री ने अपने संदेश में कहा कि प्रधानमंत्री मोदी का जीवन देश सेवा के लिए समर्पित रहा है और उनका पूरा राजनीतिक सफर जनकल्याण और विकास के प्रति उनकी प्रतिबद्धता को दर्शाता है।

पीएम मोदी ने अपने सार्वजनिक जीवन की शुरुआत गुजरात के मुख्यमंत्री के रूप में की थी, जहां उन्होंने विकास के कई नए मानक स्थापित किए। इसके बाद प्रधानमंत्री बनने तक उनका सफर निरंतर सेवा और नेतृत्व का उदाहरण माना जाता है।

राजनाथ सिंह ने यह भी कहा कि यह उपलब्धि केवल एक आंकड़ा नहीं, बल्कि शासन में पारदर्शिता, ईमानदारी और हर नागरिक के प्रति उनके समर्पण का प्रतीक है। उन्होंने प्रधानमंत्री को इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर हार्दिक बधाई दी।

ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स: आतंकवाद से सबसे ज्यादा प्रभावित देश बना पाकिस्तान,अपने ही जाल में कैसे फंस…

न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़:- पाकिस्तान को पहली बार वैश्विक स्तर पर आतंकवाद से सबसे अधिक प्रभावित देश घोषित किया गया है। इंस्टीट्यूट फॉर इकोनॉमिक्स एंड पीस की ओर से जारी ग्लोबल टेररिज्म इंडेक्स 2025 के अनुसार, देश में आतंकी हिंसा में लगातार बढ़ोतरी दर्ज की गई है।

रिपोर्ट बताती है कि साल 2025 में आतंकवाद से जुड़ी मौतों की संख्या बढ़कर 1139 हो गई, जो पिछले वर्ष के मुकाबले करीब 6 प्रतिशत ज्यादा है। यह आंकड़ा 2013 के बाद सबसे ऊंचा है। इसी दौरान कुल 1,045 आतंकी घटनाएं सामने आईं, जबकि मौतों में लगातार छठे साल इजाफा देखा गया। पाकिस्तान का स्कोर 8.574 रहा, जिससे उसने बुर्किना फासो को पीछे छोड़ते हुए पहला स्थान हासिल कर लिया।

दुनिया के 5 देशों में 70% मौतें

रिपोर्ट के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर आतंकवाद से होने वाली कुल मौतों का करीब 70 प्रतिशत हिस्सा सिर्फ पांच देशों—पाकिस्तान, बुर्किना फासो, नाइजीरिया, नाइजर और डेमोक्रेटिक रिपब्लिक ऑफ कांगो—में दर्ज किया गया।

इन इलाकों में सबसे ज्यादा असर

पाकिस्तान में आतंकी गतिविधियों का केंद्र मुख्य रूप से खैबर पख्तूनख्वा और बलूचिस्तान रहे। यहां कुल हमलों का 74 प्रतिशत और मौतों का 67 प्रतिशत हिस्सा दर्ज किया गया। इन क्षेत्रों में सरकार का नियंत्रण कमजोर बताया गया है।

TTP की बढ़ती ताकत बनी बड़ा कारण

आतंकवाद के बढ़ते मामलों के पीछे तहरीक-ए-तालिबान पाकिस्तान (TTP) को सबसे बड़ा कारण माना गया है। रिपोर्ट के अनुसार, 2025 में इस संगठन ने 595 हमले किए, जो पिछले साल से 24 प्रतिशत ज्यादा हैं। इन हमलों में 637 लोगों की जान गई, जो 2011 के बाद सबसे अधिक है।

TTP 2009 से अब तक पाकिस्तान में होने वाले 67 प्रतिशत से ज्यादा हमलों के लिए जिम्मेदार रहा है और यह बलूचिस्तान लिबरेशन आर्मी की तुलना में पांच गुना अधिक हमले करता है।

अफगानिस्तान फैक्टर भी जिम्मेदार

रिपोर्ट में कहा गया है कि अफगानिस्तान में तालिबान की वापसी के बाद पाकिस्तान की सुरक्षा स्थिति और कमजोर हुई है। इससे TTP को सीमा पार से समर्थन और संचालन में आसानी मिली है।

बंधक बनाने की घटनाओं में तेज उछाल

2025 में अपहरण और बंधक बनाने की घटनाओं में भी बड़ा उछाल देखा गया। यह संख्या 101 से बढ़कर 655 तक पहुंच गई। इनमें जाफर एक्सप्रेस हमला एक प्रमुख घटना रही, जिसमें अकेले 442 लोग बंधक बनाए गए।

पाकिस्तान के लिए चेतावनी

रिपोर्ट के अनुसार, वैश्विक स्तर पर सबसे खतरनाक चार आतंकी संगठनों में केवल TTP ही ऐसा समूह है, जिसकी गतिविधियों में वृद्धि हुई है, जबकि बाकी संगठनों में गिरावट देखी गई।

यह रैंकिंग पाकिस्तान के लिए गंभीर चेतावनी मानी जा रही है। 2024 में दूसरा स्थान पाने वाला देश 2025 में शीर्ष पर पहुंच गया, जो बिगड़ती सुरक्षा स्थिति को दर्शाता है। वहीं, दक्षिण एशिया में आतंकवाद से प्रभावित देशों में पाकिस्तान अकेला ऐसा देश रहा, जहां हालात और खराब हुए, जबकि भारत सहित अन्य देशों में सुधार दर्ज किया गया।

मथुरा में बाबा चंद्रशेखर की मौत के बाद बवाल, दिल्ली हाईवे जाम, पुलिस ने संभाला मोर्चा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले के छाता क्षेत्र में एक व्यक्ति, जिन्हें ‘फरसा वाले बाबा’ या बाबा चंद्रशेखर के नाम से जाना जाता था, की मौत के बाद हालात तनावपूर्ण हो गए। घटना के बाद आक्रोशित भीड़ ने दिल्ली हाईवे को जाम कर पथराव शुरू कर दिया, जिससे इलाके में दहशत फैल गई और कई वाहन क्षतिग्रस्त हो गए।

प्रशासन के अनुसार, यह घटना घने कोहरे के बीच हुए सड़क हादसे का परिणाम है। बताया गया कि पीछे से आ रहे राजस्थान नंबर के तार से लदे ट्रक ने एक कंटेनर को टक्कर मार दी, जिसकी चपेट में आने से बाबा की मौके पर ही मौत हो गई। हादसे में ट्रक चालक भी घायल हुआ है।

हालांकि, घटना के बाद कुछ लोगों ने आरोप लगाया कि बाबा को गोतस्करों ने जानबूझकर ट्रक से कुचल दिया। इसको लेकर क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया। पुलिस और प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि शुरुआती जांच में किसी प्रकार की गोवंश तस्करी की पुष्टि नहीं हुई है और मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत होता है।

डीआईजी शैलेश कुमार पांडेय ने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है और उपद्रव में शामिल कुछ लोगों को हिरासत में लिया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि हिंसा फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और पूरे मामले की गहन जांच जारी है।

ईद के दिन सुबह हुए इस बवाल को गंभीरता से लेते हुए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अधिकारियों को तत्काल कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। उनके आदेश के बाद पुलिस ने उपद्रवियों की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए अभियान तेज कर दिया है और कई स्थानों पर दबिश दी जा रही है।

स्थिति को काबू में करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले दागे और बल प्रयोग किया, जिसके बाद करीब तीन घंटे में हाईवे से जाम हटाया जा सका। एहतियात के तौर पर इलाके में सुरक्षा बलों की तैनाती बढ़ा दी गई है और लगातार निगरानी रखी जा रही है।

बताया गया है कि हालात बिगड़ने पर अतिरिक्त सुरक्षा बलों को भी मौके पर बुलाया गया, जिन्होंने स्थिति को नियंत्रित करने में अहम भूमिका निभाई। फिलहाल क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए प्रशासन पूरी तरह सतर्क है।

कांग्रेस-राजद के लिए मुसीबत बने बागी विधायक, कार्रवाई को लेकर असमंजस बरकरार

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बिहार में हाल ही में संपन्न राज्यसभा चुनावों ने महागठबंधन (INDIA) की एकजुटता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पांचों सीटों पर एनडीए की जीत ने विपक्षी गठबंधन को बड़ा झटका दिया है। इस हार की बड़ी वजह विधायकों की गैरहाजिरी और संभावित क्रॉस वोटिंग मानी जा रही है, जिससे अब गठबंधन के भीतर तनाव और असमंजस की स्थिति बन गई है।

कांग्रेस का सतर्क रुख
कांग्रेस फिलहाल अपने गैरहाजिर विधायकों के खिलाफ कार्रवाई को लेकर सावधानी बरत रही है। पार्टी ने सुरेंद्र मेहता, मनोज विश्वास और मनोहर प्रसाद सिंह को कारण बताओ नोटिस जारी किया है और उनके जवाब का इंतजार कर रही है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दल-बदल कानून राज्यसभा चुनाव में सीधे लागू नहीं होता, इसलिए निर्णय लेने में जल्दबाजी नहीं की जा रही है।
बताया जा रहा है कि इन तीनों विधायकों की संख्या विधानसभा में कांग्रेस की कुल ताकत का बड़ा हिस्सा है, ऐसे में सख्त कार्रवाई पार्टी के लिए जोखिम भरी हो सकती है।

अंदरूनी चिंता और समीकरण
कांग्रेस के भीतर यह भी डर है कि अगर इन विधायकों पर कड़ी कार्रवाई की जाती है, तो वे अलग गुट बनाकर विधानसभा अध्यक्ष से मान्यता मांग सकते हैं। इससे पार्टी की स्थिति और कमजोर हो सकती है। पार्टी के कुछ नेताओं का मानना है कि ये विधायक मूल रूप से संगठन के प्रति पूरी तरह प्रतिबद्ध नहीं रहे हैं।

राजद की दुविधा
राजद भी अपने विधायक फैसल रहमान के मामले में उलझन में नजर आ रहा है। उनके वोटिंग में शामिल न होने की वजह उनकी मां की गंभीर बीमारी बताई गई है। फिलहाल पार्टी ने कोई औपचारिक नोटिस जारी नहीं किया है। माना जा रहा है कि शीर्ष नेतृत्व के स्तर पर बातचीत के बाद ही आगे का फैसला लिया जाएगा।

विधायकों की सफाई
कांग्रेस के नाराज विधायकों ने राजद पर उपेक्षा का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि विपक्षी उम्मीदवार के चयन में उनसे राय नहीं ली गई। वहीं, राजद विधायक ने पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए अनुपस्थिति को जायज ठहराया है।

एनडीए का पलटवार
एनडीए नेताओं ने विपक्ष की हार को उनकी अंदरूनी कमजोरी का परिणाम बताया है। उनका कहना है कि गठबंधन अपनी एकता बनाए रखने में नाकाम रहा, जबकि एनडीए संगठित तरीके से चुनाव लड़ने में सफल रहा।

चुनाव का गणित समझें
16 मार्च को राज्यसभा की पांच सीटों के लिए मतदान हुआ था। 243 सदस्यीय विधानसभा में जीत के लिए 41 वोट जरूरी थे। विपक्ष के पास पर्याप्त संख्या होने के बावजूद चार विधायकों की गैरहाजिरी ने पूरा समीकरण बिगाड़ दिया। इसका फायदा एनडीए को मिला और उसने सभी सीटों पर कब्जा जमा लिया।

Aaj Ka Rashifal 21 March 2026: एक राशि में तीन ग्रहों का प्रभाव, सेहत और जीवन में दिखेगा उतार-चढ़ाव

21 मार्च 2026 का राशिफल ग्रहों की विशेष स्थिति के कारण मिलाजुला प्रभाव लेकर आया है। वर्तमान में चंद्रमा मेष राशि में स्थित हैं, जबकि गुरु मिथुन राशि में विराजमान हैं। बुध, मंगल और राहु कुंभ राशि में एक साथ मौजूद हैं, जिससे एकादश भाव में ग्रहों का दबाव देखा जा रहा है। वहीं सूर्य, शुक्र और शनि मीन राशि में हैं। सूर्य की स्थिति अनुकूल मानी जा रही है, लेकिन शनि के साथ युति होने के कारण संपूर्ण प्रभाव थोड़ा कमजोर हो जाता है। ऐसे में आज का दिन सभी राशियों के लिए सामान्य से थोड़ा चुनौतीपूर्ण रह सकता है, हालांकि आने वाले समय में सुधार के संकेत हैं।

मेष राशि

आज का दिन राहत भरा हो सकता है, हालांकि स्वास्थ्य में उतार-चढ़ाव संभव है। मानसिक रूप से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी। पिता के साथ मतभेद हो सकते हैं, इसलिए धैर्य रखें। व्यापार में धीरे-धीरे प्रगति होगी।

वृषभ राशि

खर्चों में बढ़ोतरी परेशानी का कारण बन सकती है, लेकिन आय बनी रहेगी। प्रेम और संतान पक्ष सामान्य रहेगा। आर्थिक स्थिति संतुलित रहेगी।

मिथुन राशि

नई आय के स्रोत बन सकते हैं और पुराने माध्यमों से भी धन लाभ होगा। यात्रा के योग हैं। व्यापार में उतार-चढ़ाव के बाद सफलता मिलेगी। स्वास्थ्य का ध्यान रखें।

कर्क राशि

कानूनी मामलों में सफलता मिलने के संकेत हैं। स्वास्थ्य में सुधार होगा, लेकिन प्रेम और संतान पक्ष थोड़ा कमजोर रह सकता है। सरकारी क्षेत्र से लाभ संभव है।

सिंह राशि

भाग्य साथ देगा। रोजी-रोजगार में तरक्की मिलेगी। स्वास्थ्य अभी भी मध्यम बना हुआ है। प्रेम की स्थिति भी मध्यम ही दिख रही है। संतान की स्थिति भी पहले से बेहतर है। व्यापार लगभग ठीक-ठाक रहेगा। कहीं पर यात्रा का योग बनता दिख रहा है। लाल वस्तु पास रखेंगे तो लाभ मिलेगा।

कन्या राशि

आज सावधानी बरतने की जरूरत है। चोट या परेशानी की संभावना है। परिस्थितियां थोड़ी प्रतिकूल रह सकती हैं। हालांकि नौकरी के नए अवसर मिल सकते हैं।

तुला राशि

जीवनसाथी का भरपूर सहयोग मिलने वाला है। नौकरी की स्थिति सही रहेगी। प्रेम और संतान की स्थिति अच्छी रहेगी। व्यापार भी अच्छा है। शनिदेव को प्रणाम करना शुरु करें।

वृश्चिक राशि

शत्रुओं पर विजय प्राप्त होगी। ज्ञान और अनुभव में वृद्धि होगी। स्वास्थ्य थोड़ा प्रभावित हो सकता है, लेकिन बाकी क्षेत्रों में स्थिति अच्छी रहेगी।

धनु राशि

प्रेम संबंधों में विवाद हो सकता है। संतान को लेकर चिंता रहेगी। शिक्षा और लेखन कार्यों के लिए दिन अच्छा है। नए व्यापार की शुरुआत से बचें।

मकर राशि

गृह कलह के संकेत हैं। भौतिक सुख-सुविधा में वृद्धि होगी। प्रेम की स्थिति अच्छी है। संतान अच्छा है। व्यापार अच्छा है। किसी भी तरह के कलह से बचें और लाल वस्तु का दान करें।

कुंभ राशि

रोजी रोजगार में तरक्की करेंगे। मन डरा-डरा सा रहेगा। संतान और प्रेम मध्यम है। कोई दिक्कत या परेशानी तो नहीं होगी लेकिन मन जरूर परेशान होगा। हरी वस्तु पास रखना शुभ होगा।

मीन राशि

स्वास्थ्य को लेकर सावधानी जरूरी है। सिरदर्द, नींद की समस्या और रक्तचाप में उतार-चढ़ाव हो सकता है। हालांकि प्रेम और व्यापार की स्थिति सुधर रही है।

लाइव रिपोर्टिंग के दौरान पत्रकार पर मिसाइल हमला, बाल-बाल बची जान; VIDEO वायरल

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य-पूर्व में जारी तनाव के बीच एक चौंकाने वाली घटना सामने आई है। Israel द्वारा Lebanon में किए गए हवाई हमलों के दौरान एक पत्रकार कैमरे पर लाइव रिपोर्टिंग करते हुए मिसाइल हमले की चपेट में आते-आते बच गया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।लाइव रिपोर्टिंग के दौरान हुआ हमला

रिपोर्ट के मुताबिक, RT के ब्रिटिश पत्रकार Steve Sweeney उस समय रिपोर्टिंग कर रहे थे, जब अचानक उनके पास मिसाइल आकर गिरी।

वीडियो में देखा जा सकता है कि स्टीव “PRESS” लिखी जैकेट पहनकर घटनास्थल से रिपोर्टिंग कर रहे थे। तभी आसमान से हमला होता है और वह तुरंत सतर्क होकर वहां से हट जाते हैं। इस दौरान उनकी जान बाल-बाल बच जाती है।

RT का दावा- पत्रकार को बनाया गया निशाना

RT ने सोशल मीडिया पर वीडियो साझा करते हुए दावा किया कि यह हमला सीधे उनकी टीम को निशाना बनाकर किया गया।

बताया गया कि स्टीव स्वीनी और उनके कैमरामैन उस वक्त एक पुल पार कर रहे थे, तभी एक इजरायली विमान ने उनके वाहन पर मिसाइल दागी। हमले में दोनों को हल्की चोटें आईं और उनका इलाज जारी है।

पत्रकार का बयान

हमले के बाद सुरक्षित स्थान से वीडियो जारी करते हुए स्टीव स्वीनी ने आरोप लगाया कि उन्हें जानबूझकर निशाना बनाया गया, जबकि उन्होंने स्पष्ट रूप से प्रेस की पहचान वाली जैकेट पहन रखी थी।

वहीं RT के कैमरामैन अली रिदा ने कहा कि मिसाइल को अपनी ओर आते हुए सुनना बेहद डरावना अनुभव था।

लेबनान में जारी हमले

Israel Defense Forces ने बताया कि उसने दक्षिणी लेबनान में Hezbollah के ठिकानों पर कार्रवाई की है। यह हमला इजरायल पर हुए रॉकेट हमलों के जवाब में किया गया।

बढ़ता मध्य-पूर्व तनाव

United States के समर्थन के साथ इजरायल द्वारा Iran पर भी लगातार हमले किए जा रहे हैं, जिससे पूरे मध्य-पूर्व में तनाव चरम पर पहुंच गया है।

VIDEO से मचा हड़कंप

इस पूरी घटना का वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस तेज हो गई है। पत्रकारों की सुरक्षा को लेकर भी गंभीर सवाल उठ रहे हैं।

अयोध्या के राजघाट में 1251 कुण्डीय लक्ष्मीनारायण महायज्ञ 20 मार्च से, कलश यात्रा से होगा शुभारंभ

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- धार्मिक नगरी Ayodhya के Rajghat में 1251 कुण्डीय श्री लक्ष्मीनारायण महायज्ञ सह हनुमत-श्री राम महायज्ञ का आयोजन 20 मार्च से शुरू होने जा रहा है। इस भव्य आयोजन की शुरुआत कलश यात्रा, जल यात्रा और शोभा यात्रा के साथ होगी।

मंत्री ने दी जानकारी

प्रदेश के परिवहन मंत्री Dayashankar Singh ने प्रेस वार्ता में बताया कि यह महायज्ञ Lakshmiprapanna Jeeyar Swami के सानिध्य में आयोजित किया जा रहा है।

20 से 28 मार्च तक चलेगा आयोजन

यह महायज्ञ 20 मार्च से 28 मार्च तक निरंतर आयोजित किया जाएगा। इस दौरान प्रतिदिन सायंकाल देशभर से आए संत-महंतों द्वारा प्रवचन दिए जाएंगे, जिससे श्रद्धालुओं को धर्म और अध्यात्म से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी प्राप्त होगी।

व्यापक स्तर पर तैयारियां

आयोजन को लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आगमन को देखते हुए प्रशासन और आयोजन समिति ने व्यापक व्यवस्थाएं की हैं।

  • वालंटियरों की तैनाती
  • पार्किंग की सुविधा
  • पेयजल की व्यवस्था
  • सुरक्षा इंतजाम
  • बैठने की उचित व्यवस्था

साथ ही यातायात संचालन के लिए अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं, जो पूरे कार्यक्रम के दौरान निगरानी रखेंगी।

जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी

इस आयोजन को सफल बनाने के लिए प्रशासन और समिति पूरी तरह सक्रिय है। कार्यक्रम की जानकारी के दौरान महापौर Girish Pati Tripathi और विधायक Amit Singh Chauhan समेत कई जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

श्रद्धालुओं के लिए विशेष आकर्षण

आयोजन समिति का कहना है कि यह महायज्ञ न केवल धार्मिक आस्था का केंद्र होगा, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आध्यात्मिक ऊर्जा और भक्ति का विशेष अवसर भी प्रदान करेगा।

अयोध्या का विश्व विराट मंदिर बना आस्था का केंद्र, श्रीराम के विराट स्वरूप के दर्शन से मिलता है आध्यात्मिक उत्थान

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- धार्मिक नगरी Ayodhya में स्थित Vishwa Virat Mandir इन दिनों श्रद्धालुओं के लिए खास आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। यहां स्थापित भगवान Ram की विराट स्वरूप प्रतिमा को देश में अद्वितीय माना जा रहा है।

दिव्य दर्शन का अद्भुत अनुभव

मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं का मानना है कि इस प्रतिमा के दर्शन मात्र से उन्हें गहन आध्यात्मिक अनुभूति होती है। कई भक्तों का कहना है कि यह अनुभव ऐसा लगता है मानो स्वयं प्रभु श्रीराम साक्षात सामने उपस्थित हों।

हनुमान जी की प्रेरणा से हुआ निर्माण

मंदिर के महंत Narsingh Das के अनुसार, इस मंदिर का निर्माण Hanuman जी की प्रेरणा से किया गया। उनका कहना है कि विश्व में कहीं भी भगवान श्रीराम के विराट स्वरूप की प्रतिमा स्थापित नहीं थी, इसी विचार के साथ इस अनूठे मंदिर का निर्माण कराया गया।

पौराणिक कथा से जुड़ा है स्वरूप

मंदिर के उत्तराधिकारी Mahavir Das के अनुसार, भगवान श्रीराम ने सबसे पहले अपनी माता Kaushalya को अपना विराट स्वरूप दिखाया था।

कथा के अनुसार, माता कौशल्या प्रभु के पालन-पोषण को लेकर चिंतित रहती थीं। उनकी चिंता दूर करने के लिए भगवान ने अपना दिव्य रूप प्रकट किया। यह भी कहा जाता है कि उस समय आकाश में स्थित देवताओं ने भी इस अद्भुत स्वरूप के दर्शन किए थे।

श्रद्धालुओं के लिए आस्था का केंद्र

संतों का मानना है कि राम अवतार में भगवान ने कई बार अपना विराट स्वरूप प्रकट किया। ऐसी मान्यता है कि इस स्वरूप के दर्शन करने से व्यक्ति के जीवन में आध्यात्मिक उन्नति होती है और सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है।

भक्ति और विश्वास का प्रतीक

Vishwa Virat Mandir आज केवल एक मंदिर ही नहीं, बल्कि श्रद्धालुओं के लिए आस्था, भक्ति और आध्यात्मिक जागरण का प्रमुख केंद्र बनता जा रहा है।

यूपी पुलिस भर्ती के बाद अब क्लास 7 की परीक्षा में ‘पंडित’ पर सवाल, आगरा DIET से जवाब तलब

न्यूज़ डेस्क/ सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में परीक्षा प्रश्नपत्रों को लेकर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। हाल ही में पुलिस भर्ती परीक्षा में उठे विवाद के बाद अब कक्षा 7 की परीक्षा में पूछे गए एक सवाल पर नया बवाल खड़ा हो गया है। मामला Agra से सामने आया है, जहां परिषदीय स्कूलों की संस्कृत परीक्षा में पूछे गए प्रश्न पर आपत्ति जताई गई है।

क्या है पूरा मामला?

कक्षा 7 की संस्कृत विषय की परीक्षा में एक बहुविकल्पीय प्रश्न में पूछा गया— “वह कौन है जो बिना पैर के दूर तक जाता है और साक्षर है लेकिन ‘पंडित’ नहीं है?”

इस सवाल के सामने आने के बाद यह सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया और इस पर विवाद खड़ा हो गया।

शिक्षा विभाग हरकत में

मामले को गंभीरता से लेते हुए State Council of Educational Research and Training के निदेशक Ganesh Kumar ने District Institute of Education and Training के प्राचार्य से जवाब मांगा है।

निर्देश दिया गया है कि प्रश्नपत्र तैयार करने वाले प्रवक्ता से स्पष्टीकरण लिया जाए और उसके बाद आगे की कार्रवाई की जाए।

पहले भी हो चुका है विवाद

इससे पहले उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में भी ‘पंडित’ शब्द को लेकर विवाद हुआ था। एक प्रश्न में “अवसर के अनुसार बदलने वाला” वाक्यांश के लिए विकल्पों में ‘पंडित’ शामिल किया गया था, जिस पर लोगों ने आपत्ति जताई थी।

सरकार ने जताई सख्ती

उपमुख्यमंत्री Brajesh Pathak ने इस तरह के सवालों पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा था कि किसी भी प्रश्न से किसी वर्ग या समाज की भावनाएं आहत होना स्वीकार्य नहीं है।

इसके अलावा भाजपा नेताओं ने भी इस मामले में कार्रवाई की मांग की थी, जिसके बाद सरकार ने जांच के निर्देश दिए।

क्या हो सकती है आगे की कार्रवाई?

शिक्षा विभाग के अनुसार, संबंधित शिक्षक या प्रश्न तैयार करने वाले अधिकारी से जवाब मिलने के बाद आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।

लगातार परीक्षाओं में इस तरह के सवाल सामने आने से प्रश्नपत्रों की गुणवत्ता और संवेदनशीलता पर सवाल उठ रहे हैं। अब देखना होगा कि सरकार इस तरह की घटनाओं को रोकने के लिए क्या कदम उठाती है।

नोट: परीक्षा से जुड़े मामलों में पारदर्शिता और संवेदनशीलता बनाए रखना बेहद जरूरी है, ताकि किसी भी वर्ग की भावनाएं आहत न हों।