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नहीं रहे Harish Rana, लेकिन किसी के दिल में धड़केंगे और आंखों से दिखेगी दुनिया

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- भारत में निष्क्रिय इच्छामृत्यु की अनुमति पाने वाले पहले व्यक्ति Harish Rana का मंगलवार को All India Institute of Medical Sciences में निधन हो गया। वे पिछले 13 वर्षों से कोमा में थे।

13 साल की लंबी लड़ाई के बाद निधन

सूत्रों के अनुसार, साल 2013 में एक हादसे के बाद हरीश राणा गंभीर रूप से घायल हो गए थे। वह चौथी मंजिल से गिर गए थे, जिससे उनके सिर में गहरी चोट आई और तब से वे कोमा में चले गए थे।

उन्हें जीवित रखने के लिए लंबे समय तक मेडिकल सपोर्ट—नली के जरिए भोजन और जरूरत पड़ने पर ऑक्सीजन—दी जा रही थी।

सुप्रीम कोर्ट से मिली थी इच्छामृत्यु की अनुमति

Supreme Court of India ने 11 मार्च को एक ऐतिहासिक फैसला सुनाते हुए हरीश राणा को निष्क्रिय इच्छामृत्यु (Passive Euthanasia) की अनुमति दी थी।

यह मामला देश में इच्छामृत्यु को लेकर एक महत्वपूर्ण मिसाल बन गया था।

मौत के बाद भी देंगे जीवन

हरीश राणा भले ही इस दुनिया से चले गए हों, लेकिन उनका एक फैसला कई लोगों की जिंदगी रोशन करेगा। उनके माता-पिता ने कहा हार्ट वाल्व दान करने का निर्णय लिया साथ ही कॉर्निया (आंखें) दान करने का फैसला किया|

इसका मतलब है कि उनकी आंखें अब किसी और को दुनिया दिखाएंगी, और उनका दिल किसी और के जीवन को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।

इंजीनियर बनने का सपना अधूरा

हरीश राणा Panjab University से बीटेक की पढ़ाई कर रहे थे। हादसे ने उनका करियर और जिंदगी दोनों बदल दी।उनकी कहानी संघर्ष, उम्मीद और मानवीय संवेदनाओं का एक गहरा उदाहरण बन गई है।

समाज के लिए एक संदेश

हरीश राणा का जीवन और उनके परिवार का निर्णय यह दिखाता है कि कठिन परिस्थितियों में भी मानवता और दूसरों की मदद करने की भावना सबसे बड़ी होती है।

‘माफिया कोई भी हो, यमराज का टिकट कटेगा’: Yogi Adityanath की सख्त चेतावनी, निवेश मित्र 3.0 लॉन्च

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने मंगलवार को राजधानी लखनऊ में निवेश मित्र 3.0 सिंगल विंडो सिस्टम का शुभारंभ किया। इस मौके पर उन्होंने विरोधियों पर जमकर निशाना साधा साथ ही अपराधियों को एक बार फिर चेताया। कहा कि अपराधी या माफिया कोई भी हो, दुस्साहस किया तो समझो उसने यमराज के पास जाने के लिए अपना टिकट कटा लिया है। सीएम ने किसी का नाम लिए बगैर कहा कि 2017 में जब निवेश के लिए उद्यमियों को यूपी आने का आमंत्रण दिया जाता था, तो वे इस पर हंसते थे और कई लोग तो पहले से ही यहां न आने का संकल्प लेने की बात करते थे। उस समय प्रदेश की छवि इतनी खराब थी कि निवेश की बात करना भी असहज लगता था। इस नकारात्मक धारणा के पीछे दो प्रमुख कारण थे। पहला, पहचान का संकट और दूसरा, माफिया व आपराधिक गिरोहों का प्रभाव, जो हर जिले और थाने में समानांतर सत्ता चलाकर उद्यमियों, व्यापारियों, महिलाओं और आम नागरिकों की सुरक्षा के लिए खतरा बना हुआ था। तब हमने इस माफिया की कमर तोड़ने, इसे पूरी तरह कुचलने का निर्णय किया। हमने तय किया कि हम उत्तर प्रदेश के अंदर अपराध और अपराधी के प्रति जीरो टॉलरेंस की नीति के तहत हम काम करेंगे। जीरो टॉलरेंस की वह नीति पहले दिन से आज तक अनवरत बनी हुई है। अपराधी कोई भी हो, माफिया कोई भी हो, किसी भी प्रकार का कोई सरपरस्त क्यों न हो, अगर उसने कहीं दुस्साहस किया तो ये मानकर चलिए कि वह अपने उस दुस्साहस के लिए यमराज के पास जाने के लिए अपना टिकट कटा रहा है।

कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सीएम योगी ने कहा कि दुनिया के कई हिस्सों में जारी अस्थिरता, आर्थिक अनिश्चितता और अव्यवस्था के बीच भारत और विशेष रूप से उत्तर प्रदेश आज निवेश और व्यापार के लिए एक सुरक्षित, स्थिर और भरोसेमंद वातावरण के रूप में उभरकर सामने आया है। उन्होंने कहा कि प्रदेश ने बीते 9 वर्षों में पारदर्शी नीतियों, सख्त कानून-व्यवस्था, बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर और उद्योग-अनुकूल माहौल के जरिए अपनी पहचान को पूरी तरह बदला है। आज उत्तर प्रदेश न केवल निवेशकों के लिए सुरक्षित गंतव्य बना है, बल्कि यहां उन्हें स्केलेबल बिजनेस के लिए अनुकूल इकोसिस्टम, विशाल उपभोक्ता बाजार, कुशल युवा मानव संसाधन और सीमलेस कनेक्टिविटी जैसी सभी आवश्यक सुविधाएं एक साथ उपलब्ध हो रही हैं। यही कारण है कि जो निवेशक पहले प्रदेश आने से हिचकते थे, आज वही यहां निवेश के लिए आगे आ रहे हैं और उत्तर प्रदेश को देश के प्रमुख औद्योगिक एवं आर्थिक केंद्र के रूप में स्थापित कर रहे हैं।

50 हजार करोड़ निवेश, 50 हजार रोजगार की संभावना

मुख्यमंत्री ने नवरात्रि के दौरान आयोजित कार्यक्रम में 45 कंपनियों को इंसेंटिव वितरण और 62 कंपनियों को लेटर ऑफ कंफर्ट (एलओसी) प्रदान किए जाने को प्रदेश के औद्योगिक विकास के लिए बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि इन प्रस्तावों के माध्यम से लगभग 50 हजार करोड़ निवेश का मार्ग प्रशस्त हुआ है, जिससे करीब 50 हजार युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित होंगे। मुख्यमंत्री ने सभी उद्यमियों को बधाई देते हुए कहा कि सरकार एमओयू के बाद तेजी से ग्राउंडब्रेकिंग, निवेश से जुड़े छोटे-छोटे मुद्दों के त्वरित समाधान और उद्योगों के लिए बेहतर माहौल सुनिश्चित करने के लिए प्रतिबद्ध है। उद्यमियों का विश्वास ही विकास की असली ताकत है और उस पर खरा उतरते हुए उत्तर प्रदेश को निवेश, रोजगार और औद्योगिक प्रगति का अग्रणी केंद्र बनाया जाएगा।

निवेशकों का विश्वास ही प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी

मुख्यमंत्री ने कहा कि निवेशकों का विश्वास ही प्रदेश की सबसे बड़ी पूंजी है और इसी विश्वास को मजबूत करने के लिए सरकार निरंतर काम कर रही है। उत्तर प्रदेश में मार्केट-रेडी और इंडस्ट्री-रेडी वर्कफोर्स उपलब्ध है, यहां बड़ी संख्या में कुशल और युवा मानव संसाधन मौजूद है। भारत का ही नहीं, दुनिया का सबसे अच्छा डेमोग्राफिक डिविडेंड यूपी के पास है। साथ ही यहां विशाल एवं मजबूत कंज्यूमर बेस भी उपलब्ध है, जो निवेशकों के लिए अत्यंत अनुकूल वातावरण प्रदान करता है। मुख्यमंत्री ने निवेशकों से आह्वान किया कि वे प्रदेश में खुलकर निवेश करें और अपने व्यवसाय को आगे बढ़ाएं, क्योंकि यहां स्केलेबल बिजनेस के लिए आवश्यक सभी संभावनाएं और संसाधन उपलब्ध हैं।

निवेश मित्र 3.0 से आसान होगा उद्योग लगाना

मुख्यमंत्री ने बताया कि ‘ईज ऑफ डूइंग बिजनेस’ को और मजबूत करते हुए धारा 80 के तहत लैंड यूज की जटिल प्रक्रिया को समाप्त कर दिया गया है। अब मास्टर प्लान के तहत नक्शा पास होते ही लैंड यूज स्वतः स्वीकृत माना जाएगा और अलग से किसी प्रमाणपत्र की जरूरत नहीं होगी। साथ ही ‘निवेश मित्र 3.0’ को लॉन्च कर 43 से अधिक विभागों की 530 सेवाओं को सरल बनाकर 200 से कम सेवाओं में समेकित किया गया है। इसमें पैन आधारित सिंगल यूजर आईडी, डायनेमिक सीएएफ, एआई चैटबॉट, रियल-टाइम ट्रैकिंग, ऑटोमेटेड अलर्ट और एंड-टू-एंड ऑनलाइन मॉनिटरिंग जैसी सुविधाएं दी गई हैं। यह प्लेटफॉर्म एनएसडब्ल्यूएस, आईजीआरएस और जीआईएस लैंड बैंक से एकीकृत होकर निवेशकों को एक सीमलेस, ट्रांसपेरेंट और प्रिडिक्टेबल डिजिटल इकोसिस्टम प्रदान करता है, जिससे निवेश प्रक्रिया पूरी तरह आसान और हस्तक्षेप-मुक्त बन सके।

निजी बिजनेस पार्क नीति और स्किल कनेक्ट से बढ़ेगा निवेश और रोजगार

सीएम योगी ने कहा कि प्रदेश में औद्योगिक विकास को नई गति देने के लिए सरकार ने कई महत्वपूर्ण पहलें की हैं। इसी क्रम में कैबिनेट द्वारा निजी बिजनेस पार्क नीति को मंजूरी दी गई है, जिसके तहत अब कोई भी निवेशक बिजनेस पार्क विकसित कर प्लग-एंड-प्ले मॉडल पर उद्योगों को आगे बढ़ा सकेगा। इस मॉडल में सरकारी भूमि उपलब्ध कराई जाएगी, जबकि निवेशक अपना निवेश करेंगे और रेवेन्यू शेयर व्यवस्था के तहत पारदर्शी तरीके से लाभ का बंटवारा होगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस पूरी प्रक्रिया में किसी भी स्तर पर अनावश्यक हस्तक्षेप नहीं होगा, जिससे निवेशकों को सुगम और सुरक्षित माहौल मिल सके। मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश को इमर्जिंग टेक्नोलॉजी के एक बड़े हब के रूप में विकसित करने की दिशा में यह नीति महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। इसके साथ ही इन्वेस्ट यूपी के माध्यम से पीएमयू कौशल कनेक्ट सेल का गठन किया गया है, जो उद्योगों की जरूरत के अनुसार कुशल मानव संसाधन उपलब्ध कराने में मदद करेगा। वहीं, एंटरप्रेन्योरशिप डेवलपमेंट सेल के जरिए नए उद्यमियों को प्रोत्साहन, मार्गदर्शन और समर्थन दिया जाएगा। इन सभी पहलों का उद्देश्य प्रदेश में निवेश, रोजगार और उद्यमिता को एक साथ बढ़ावा देना है, ताकि उत्तर प्रदेश देश की अग्रणी औद्योगिक अर्थव्यवस्था के रूप में और सशक्त बन सके।

2012-17 के बीच मात्र 16 एलओसी, 9 वर्षों में 3367 जारी

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि आज प्रदेश में हुए इंसेंटिव वितरण कार्यक्रम से औद्योगिक विकास को नई गति मिली है। इस दौरान मैन्युफैक्चरिंग, ऑटोमोबाइल, सीमेंट, बायोप्लास्टिक, आयरन एंड स्टील, फूड प्रोसेसिंग, इलेक्ट्रॉनिक्स सहित विभिन्न क्षेत्रों की 85 परियोजनाओं को लेटर ऑफ कंफर्ट और एलिजिबिलिटी सर्टिफिकेट के आधार पर कुल 2781 करोड़ 12 लाख रुपये की सब्सिडी वितरित की गई। इसके तहत आईटी एवं इलेक्ट्रॉनिक्स विभाग की 4 परियोजनाओं को 73 करोड़ और फूड प्रोसेसिंग की 10 परियोजनाओं को 20 करोड़ रुपये का प्रोत्साहन दिया गया। उन्होंने बताया कि जहां 2012 से 2017 के बीच मात्र 16 एलओसी जारी हुए थे, वहीं पिछले 9 वर्षों में 3367 एलओसी जारी किए गए हैं, जो निवेश माहौल में आए बड़े बदलाव को दर्शाता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि एक उद्योग केवल निवेश नहीं लाता, बल्कि रोजगार और कनेक्टिविटी भी बढ़ाता है। उद्यमियों को सम्मान और सुरक्षा देना जरूरी है, क्योंकि वे अर्थव्यवस्था की रीढ़ हैं।

उद्योगों के संचालन में बाधा या अराजकता बर्दाश्त नहीं

सीएम ने स्पष्ट किया कि प्रदेश में उद्योगों के संचालन में किसी भी प्रकार की बाधा या अराजकता बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि कहीं ट्रेड यूनियन या अन्य किसी नाम पर उद्योगों को बाधित करने की कोशिश की जाती है, तो वह स्वयं तत्काल संज्ञान लेते हैं और जरूरत पड़ने पर रात में ही संबंधित डीएम और एसपी को निर्देश देकर ऐसे तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई सुनिश्चित कराते हैं, ताकि निवेश और उद्योगों का माहौल प्रभावित न हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि कानपुर की ‘लाल इमली’ मिल जैसे उदाहरण बताते हैं कि कैसे पहले ट्रेड यूनियनों के भ्रष्टाचार और गलत नीतियों के कारण एक समय का प्रमुख टेक्सटाइल हब बंद होकर खंडहर में बदल गया और हजारों परिवार प्रभावित हुए। पिछली सरकारों ने उद्योगों की संभावनाओं को नकारा, लेकिन वर्तमान सरकार ने अनुकूल माहौल देकर निवेश को बढ़ावा दिया, जिसके कारण जनता का विश्वास लगातार मिल रहा है।

उत्तर प्रदेश बना निवेशकों की पहली पसंद

मुख्यमंत्री ने कहा कि नौ वर्ष पहले उत्तर प्रदेश को देश का शीर्ष निवेश गंतव्य बनाने का जो सपना देखा गया था, वह आज साकार हो रहा है। डबल इंजन सरकार ने पारदर्शी नीतियों, बेहतर कानून-व्यवस्था और उद्योग-अनुकूल माहौल से निवेशकों का विश्वास फिर से स्थापित किया, जिसे पूर्ववर्ती सरकारों में क्षति पहुंची थी। पीएम मोदी के मार्गदर्शन में ‘टीम यूपी’ के निरंतर प्रयासों से आज प्रदेश निवेशकों की पहली पसंद बन रहा है। नवरात्रि के अवसर पर विभिन्न नीतियों के तहत इंसेंटिव सीधे खातों में देकर रुकी परियोजनाओं को गति दी जा रही है, खासकर फूड प्रोसेसिंग सेक्टर में, जहां 11% कृषि योग्य भूमि के बावजूद 21% खाद्यान्न उत्पादन के साथ अब वैल्यू एडिशन और रोजगार पर फोकस है। “जीरो टॉलरेंस” और “जीरो करप्शन” नीति के प्रभाव से निवेश का माहौल पूरी तरह बदला है और अब निवेशक स्वयं यूपी की ओर आकर्षित हो रहे हैं। प्रदेश में 75,000 एकड़ लैंड बैंक, बेहतर सीमलेस कनेक्टिविटी, देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क में 55% हिस्सेदारी (जल्द 60%), 12 घरेलू व 4 अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट और जेवर में शुरू होने जा रहे देश के सबसे बड़े अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट से निवेश को नई दिशा मिल रही है। 28 मार्च को पीएम मोदी इसका लोकार्पण करेंगे। नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट देश का कार्गो व लॉजिस्टिक का सबसे बड़ा हब बनने वाला, यहां एमआरओ (मेंटेनेंस, रिपेयर एंड ओवरहॉल) की सुविधा भी देश में पहली बार देखने को मिलेगी। साथ ही वाराणसी से जुड़े इनलैंड वाटरवे, सात शहरों में मेट्रो सेवा और मजबूत सड़क नेटवर्क के कारण अब निवेश एनसीआर तक सीमित न रहकर बुंदेलखंड, पूर्वांचल, मध्य और पश्चिमी यूपी सहित पूरे प्रदेश में तेजी से फैल रहा है।

खास मौजूदगी

कार्यक्रम में प्रदेश सरकार के उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य, औद्योगिक विकास मंत्री नंद गोपाल गुप्ता नंदी, आईटी एंड इलेक्ट्रॉनिक विभाग के मंत्री सुनील कुमार शर्मा, राज्य मंत्री औद्योगिक विकास जसवंत सैनी, प्रदेश के अवस्थापना औद्योगिक विकास आयुक्त दीपक कुमार, अपर मुख्य सचिव खाद्य प्रसंस्करण एवं उद्यान बाबूलाल मीणा, अपर मुख्य सचिव अवस्थापना और औद्योगिक विकास आलोक कुमार भी मौजूद रहे।

होर्मुज में जहाज रोकना अस्वीकार्य: राज्यसभा में बोले PM मोदी, भारत ने अपनाया संवाद का रास्ता

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच प्रधानमंत्री Narendra Modi ने मंगलवार (24 मार्च) को राज्यसभा में बड़ा बयान दिया। उन्होंने कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य में जहाजों को रोकना अस्वीकार्य है और भारत इस संकट के समाधान के लिए संवाद का रास्ता अपना रहा है।

ऊर्जा संकट पर जताई चिंता

प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर गंभीर ऊर्जा संकट पैदा कर दिया है। इसका असर भारत समेत कई देशों पर पड़ रहा है।

उन्होंने बताया कि भारत ने इस चुनौतीपूर्ण समय में कूटनीतिक प्रयासों के जरिए अपने जहाजों को सुरक्षित रूप से Strait of Hormuz से बाहर निकालने में सफलता पाई है।

सभी पक्षों से की बातचीत

पीएम मोदी ने कहा कि युद्ध शुरू होने के बाद भारत ने पश्चिम एशिया के लगभग सभी देशों के राष्ट्राध्यक्षों से कई दौर की बातचीत की है।

उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत हमेशा शांति और कूटनीतिक समाधान का समर्थक रहा है और आगे भी इसी दिशा में काम करता रहेगा।

व्यापार और सप्लाई पर असर

प्रधानमंत्री ने कहा कि इस युद्ध का सीधा असर भारत के व्यापारिक मार्गों पर पड़ा है। पेट्रोल और डीजल की आपूर्ति प्रभावित साथ ही  गैस और उर्वरकों की सप्लाई पर दबाव इसके अलावा  वैश्विक बाजार में अनिश्चितता है |

उन्होंने बताया कि भारत अब विभिन्न स्रोतों से कच्चा तेल और गैस खरीदने की कोशिश कर रहा है ताकि सप्लाई बनी रहे।

खाड़ी में भारतीयों की सुरक्षा बड़ी चिंता

प्रधानमंत्री ने कहा कि खाड़ी देशों में करीब एक करोड़ भारतीय रहते और काम करते हैं। उनकी सुरक्षा और आजीविका सरकार की प्राथमिकता है।

इसके अलावा, Strait of Hormuz में फंसे जहाजों पर मौजूद भारतीय चालक दल को लेकर भी भारत गंभीर है।

आत्मनिर्भरता पर जोर

पीएम मोदी ने कहा कि इस संकट ने दुनिया को झकझोर दिया है और इससे उबरने में समय लगेगा। उन्होंने कहा कि भारत अब हर सेक्टर में आत्मनिर्भर बनने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है—

  • शिप बिल्डिंग
  • ऊर्जा
  • रेयर अर्थ मिनरल्स

शांति की अपील

प्रधानमंत्री ने राज्यसभा से वैश्विक समुदाय को संदेश देते हुए कहा कि इस संकट के समय पूरी दुनिया को शांति और संवाद का रास्ता अपनाना चाहिए।

सोने-चांदी के दाम में बड़ा उतार-चढ़ाव, गोल्ड सस्ता तो सिल्वर में दिखी हलचल

न्यूज़ डेक्स/सर्वोदय न्यूज़:- सोने और चांदी की कीमतों में आज बड़ा बदलाव देखने को मिला है। India Bullion and Jewellers Association के ताजा आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को सोने के दाम में गिरावट दर्ज की गई, जबकि चांदी में मिश्रित रुख देखने को मिला।

सोने के दाम में गिरावट

आज 24 कैरेट सोने का भाव घटकर 1,39,513 रुपये प्रति 10 ग्राम हो गया है। सोमवार को यह 1,39,569 रुपये था, यानी आज इसमें 56 रुपये की गिरावट आई है।

  • 22 कैरेट सोना: 1,38,954 रुपये प्रति 10 ग्राम (56 रुपये सस्ता)
  • 18 कैरेट सोना: 1,27,794 रुपये प्रति 10 ग्राम (51 रुपये की गिरावट)

वहीं, अन्य बाजार डेटा के मुताबिक 24 कैरेट सोने में करीब 580 रुपये तक की बड़ी गिरावट भी दर्ज की गई है।

चांदी के भाव में उतार-चढ़ाव

चांदी के दाम में आज अलग-अलग बाजारों में अलग रुख देखने को मिला— IBJA के अनुसार: 2,20,353 रुपये प्रति किलो, पिछले दिन: 2,19,260 रुपये प्रति किलो | यानी 1,093 रुपये की तेजी है |

हालांकि, कुछ ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म्स पर चांदी में गिरावट भी देखी गई और कीमत करीब 2,21,800 रुपये प्रति किलो के आसपास रही।

MCX पर सोना-चांदी का हाल

घरेलू वायदा बाजार Multi Commodity Exchange पर भी गिरावट का रुख रहा-सोना ₹1,38,411 पर खुलकर गिरते हुए ₹1,36,762 तक पहुंच गया (करीब 2% गिरावट) साथ ही चांदी ₹9,474 यानी 4.21% टूटकर ₹2,15,693 प्रति किलो पर आ गई

क्यों गिर रहे हैं सोने-चांदी के दाम?

जानकारों के मुताबिक, वैश्विक स्तर पर कई कारणों से कीमती धातुओं पर दबाव बना हुआ है—

  • अमेरिका-ईरान तनाव में नरमी के संकेत
  • महंगाई को लेकर अनिश्चितता
  • ब्याज दरों पर Federal Reserve की संभावित नीति
  • केंद्रीय बैंकों द्वारा गोल्ड रिजर्व बेचने की आशंका

इन वजहों से बाजार में सप्लाई बढ़ने और मांग कमजोर होने का दबाव बन रहा है।

निवेशकों के लिए क्या है संकेत?

विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले समय में सोने-चांदी के दाम में और उतार-चढ़ाव जारी रह सकता है। ऐसे में निवेशकों को बाजार की चाल पर नजर रखते हुए ही निवेश का फैसला करना चाहिए।

पूजा पाल का हमला: सीएम योगी आदित्यनाथ को बताया ‘धुरंधर’, अखिलेश यादव पर साधा निशाना

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश की राजनीति में एक बार फिर बयानबाजी तेज हो गई है। विधायक Pooja Pal ने माफिया और राजनीति के मुद्दे पर समाजवादी पार्टी को घेरते हुए तीखा हमला बोला है। उन्होंने मुख्यमंत्री Yogi Adityanath को अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाला “धुरंधर” मुख्यमंत्री बताया।

Akhilesh Yadav पर गंभीर आरोप

Pooja Pal ने आरोप लगाया कि माफिया Atiq Ahmed का राजनीतिक प्रभाव समाजवादी पार्टी के दौर में चरम पर था।
उन्होंने दावा किया कि अगर वर्तमान में सपा सरकार होती, तो उनके साथ भी उनके पति राजू पाल जैसा हादसा हो सकता था।

“अपराध के खिलाफ सख्त हैं योगी”

विधायक ने कहा कि Yogi Adityanath के नेतृत्व में प्रदेश में अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो रही है। उनके मुताबिक, यही वजह है कि आज माफिया तंत्र कमजोर पड़ा है।

“समाज को दीमक की तरह खोखला किया”

Pooja Pal ने आरोप लगाया कि Atiq Ahmed ने समाज को अंदर से नुकसान पहुंचाया और कई परिवारों को बर्बाद किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के तत्वों को राजनीतिक संरक्षण मिलने से कानून-व्यवस्था प्रभावित हुई।

Ram Gopal Yadav के बयान पर प्रतिक्रिया

सपा नेता Ram Gopal Yadav के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए विधायक ने कहा कि ऐसे बयान माफिया के प्रति सहानुभूति को दर्शाते हैं। उनके अनुसार, इस तरह की टिप्पणियां राजनीतिक सोच को उजागर करती हैं।

भावुक होकर रखा अपना पक्ष

विधायक ने अपने निजी अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि उनके परिवार ने हिंसा का दर्द झेला है। उन्होंने आरोप लगाया कि अपराध और राजनीति के गठजोड़ ने कई परिवारों को प्रभावित किया है।

प्रयागराज कोल्ड स्टोरेज हादसा: समाजवादी पार्टी का ऐलान, मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख मुआवजा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के Prayagraj में हुए दर्दनाक कोल्ड स्टोरेज हादसे के बाद Samajwadi Party ने पीड़ितों के लिए आर्थिक सहायता का ऐलान किया है। पार्टी ने मृतकों के परिजनों को 2-2 लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये देने की घोषणा की है।

हादसे में 4 मजदूरों की मौत, कई घायल

यह हादसा फाफामऊ इलाके में सोमवार दोपहर हुआ, जब एक कोल्ड स्टोरेज का हिस्सा अचानक ढह गया। इस घटना में चार श्रमिकों की मौत हो गई, जबकि 14 से अधिक मजदूर घायल हुए हैं।

सोशल मीडिया पर जताया शोक

Samajwadi Party ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर शोक व्यक्त करते हुए लिखा कि यह घटना बेहद दुखद है। पार्टी ने मृतकों की आत्मा की शांति की कामना करते हुए पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना जताई और सरकार से उचित मुआवजे की मांग भी की।

82 मजदूर कर रहे थे काम

जानकारी के मुताबिक, कोल्ड स्टोरेज में कुल 82 मजदूर कार्यरत थे। दोपहर के समय कुछ मजदूर बाहर थे, जबकि 30-40 मजदूर अंदर ही मौजूद थे। इसी दौरान जोरदार धमाके के साथ इमारत का अगला हिस्सा ढह गया और कई लोग मलबे में दब गए।

चार घंटे चला रेस्क्यू ऑपरेशन

घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन मौके पर पहुंचा और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। फायर ब्रिगेड, एनडीआरएफ और एसडीआरएफ की टीमों ने करीब चार घंटे तक अभियान चलाकर 17 लोगों को बाहर निकाला। अस्पताल ले जाने पर चार मजदूरों को मृत घोषित कर दिया गया। घायलों का इलाज जारी है।

हादसे की जांच शुरू

प्रशासन ने इस घटना की जांच के आदेश दे दिए हैं। प्रारंभिक तौर पर इमारत की कमजोरी और गैस पाइपलाइन में विस्फोट को हादसे की वजह माना जा रहा है। मलबे में और लोगों के फंसे होने की आशंका के चलते देर रात तक राहत कार्य जारी रहा।

मजदूरों का फूटा गुस्सा

हादसे के बाद मजदूरों में आक्रोश देखने को मिला। कुछ लोगों ने एंबुलेंस पर पथराव किया और शवों को छिपाने का आरोप लगाया। हालांकि, प्रशासन ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया।

प्रयागराज के बाद बनारस में विस्फोट; भाई-बहन की मौत, मां समेत दो गंभीर

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में हादसों का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है। Prayagraj में हुए विस्फोट के बाद अब Varanasi के लहरतारा इलाके में मंगलवार सुबह जोरदार धमाका हो गया। गैस सिलेंडर फटने से एक मंजिला मकान पूरी तरह ढह गया, जिसमें दबकर भाई-बहन की मौत हो गई, जबकि उनकी मां समेत दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए।

खाना बनाते समय हुआ धमाका

जानकारी के मुताबिक, सुबह करीब 8 से 9 बजे के बीच घर में खाना बनाया जा रहा था। इसी दौरान गैस सिलेंडर में रिसाव के कारण अचानक तेज धमाका हुआ। धमाके की तीव्रता इतनी अधिक थी कि मकान की छत और दीवारें गिर गईं और पूरा घर मलबे में तब्दील हो गया।

मलबे में दबा परिवार

हादसे के समय घर में परिवार के सदस्य मौजूद थे। मकान गिरने से सभी लोग मलबे में दब गए। स्थानीय लोगों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और पुलिस को सूचना दी।

कड़ी मशक्कत के बाद जब मलबा हटाया गया, तब तक भाई-बहन की मौके पर ही मौत हो चुकी थी। मां और एक अन्य व्यक्ति को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया है।

इलाके में मचा हड़कंप

धमाके की तेज आवाज से आसपास के लोग दहशत में आ गए और घरों से बाहर निकल आए। स्थानीय लोगों के अनुसार, विस्फोट इतना जोरदार था कि आसपास के घरों की खिड़कियों के शीशे भी टूट गए।

पुलिस और राहत टीम मौके पर

घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंच गई और राहत-बचाव कार्य शुरू किया गया। एहतियात के तौर पर आसपास के घरों को खाली कराया गया है।

मलबा हटाने के लिए जेसीबी मशीन की मदद ली जा रही है और फॉरेंसिक टीम को भी जांच के लिए बुलाया गया है।

पहले भी हो चुका है बड़ा हादसा

गौरतलब है कि इससे एक दिन पहले Prayagraj में कोल्ड स्टोरेज हादसे में कई लोगों की जान चली गई थी। लगातार हो रही घटनाओं ने प्रशासन की चिंता बढ़ा दी है।

महिला आरक्षण के बाद बदलेगा लोकसभा का गणित: यूपी में 120 सीटें, महाराष्ट्र 70 के पार

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- महिला आरक्षण कानून लागू होने की दिशा में सरकार तेजी से आगे बढ़ रही है। 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले इसे लागू करने के लिए संशोधन की तैयारी चल रही है। यदि यह व्यवस्था लागू होती है, तो देश की संसदीय राजनीति का पूरा समीकरण बदल सकता है।

लोकसभा सीटें बढ़कर 816 होने की संभावना

फिलहाल लोकसभा में 543 सीटें हैं, लेकिन नए प्रस्ताव के तहत इन्हें बढ़ाकर 816 किया जा सकता है। इनमें से 33% यानी 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी।

यूपी बना रहेगा सबसे बड़ा राज्य

नई व्यवस्था में भी सबसे ज्यादा सीटें उत्तर प्रदेश के पास ही रहेंगी- उत्तर प्रदेश: 80 से बढ़कर 120 सीटें , महिलाओं के लिए आरक्षित सीटें: 40 |

बड़े राज्यों में सीटों का नया गणित

अन्य प्रमुख राज्यों में संभावित बदलाव इस प्रकार हो सकते हैं-

  • बिहार: 40 → 60 सीटें (20 महिलाओं के लिए)
  • महाराष्ट्र: 48 → 72 सीटें (24 मlहिलाओं के लिए)
  • पश्चिम बंगाल: 42 → 63 सीटें (21 महिलाओं के लिए)

यह बदलाव 2011 की जनगणना के आधार पर किए जाने की बात कही जा रही है, जिससे राज्यों का अनुपात संतुलित बना रहेगा।

दक्षिण भारत की चिंता दूर करने की कोशिश

दक्षिणी राज्यों को यह आशंका थी कि जनसंख्या नियंत्रण के चलते उनकी सीटें कम हो सकती हैं। सरकार ने स्पष्ट किया है कि 2029 चुनाव में सीटों का निर्धारण 2011 की जनगणना के आधार पर ही होगा।

  • तमिलनाडु: 39 → 59 सीटें (20 महिलाओं के लिए)

इससे दक्षिण राज्यों का प्रतिनिधित्व संतुलित बना रहेगा।

छोटे राज्यों में भी बढ़ेंगी सीटें

नए प्रस्ताव में छोटे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को भी फायदा मिल सकता है—

  • अरुणाचल प्रदेश, गोवा, मणिपुर, मेघालय, त्रिपुरा: 2 → 3 सीटें
  • मिजोरम, नागालैंड, सिक्किम: 1 → 2 सीटें
  • दिल्ली: 7 → 11 सीटें (4 महिलाओं के लिए)
  • जम्मू-कश्मीर: 5 → 8 सीटें (3 महिलाओं के लिए)

विपक्ष से बातचीत में जुटे Amit Shah

महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सरकार विपक्ष से लगातार बातचीत कर रही है। इस दिशा में केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah ने कई दलों के नेताओं से चर्चा की है।

सूत्रों के मुताबिक विपक्ष को भरोसा दिलाया गया है कि सीटों का निर्धारण 2011 की जनगणना के अनुसार ही होगा, जिससे किसी राज्य के साथ असंतुलन नहीं होगा।

क्या बदल जाएगा 2029 चुनाव में?

अगर यह योजना लागू होती है, तो 2029 का लोकसभा चुनाव कई मायनों में ऐतिहासिक होगा—

  • पहली बार 33% महिला आरक्षण लागू होगा
  • लोकसभा की सीटों में बड़ा इजाफा होगा
  • राज्यों के प्रतिनिधित्व का नया संतुलन देखने को मिलेगा

रिंकू सिंह को आज मिलेगी सरकारी नौकरी, सीएम योगी देंगे नियुक्ति पत्र

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- क्रिकेट के मैदान पर शानदार प्रदर्शन से पहचान बनाने वाले Rinku Singh अब नई भूमिका में नजर आने वाले हैं। उत्तर प्रदेश सरकार उन्हें रीजनल स्पोर्ट्स ऑफिसर के पद पर नियुक्त करने जा रही है। मुख्यमंत्री Yogi Adityanath आज लखनऊ में आयोजित एक कार्यक्रम में उन्हें नियुक्ति पत्र सौंपेंगे।

खिलाड़ियों के लिए खास दिन

लखनऊ में आयोजित इस समारोह में खेल जगत के कई सितारों को सरकारी जिम्मेदारियां दी जाएंगी। क्रिकेट, हॉकी, एथलेटिक्स और पैरालिंपिक से जुड़े कुल 14 खिलाड़ियों को नियुक्ति पत्र दिए जाएंगे, जो अब प्रशासनिक भूमिका में भी योगदान देंगे।

अलीगढ़ से अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट तक का सफर

अलीगढ़ की गलियों से निकलकर अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पहचान बनाने वाले Rinku Singh की कहानी संघर्ष और मेहनत से भरी रही है। घरेलू क्रिकेट से लेकर आईपीएल तक शानदार प्रदर्शन के बाद उन्होंने अपनी अलग पहचान बनाई।

हाल ही में निजी जीवन में कठिन दौर से गुजरने के बावजूद उन्होंने खेल से दूरी नहीं बनाई, जिसके लिए फैंस ने उनकी सराहना की।

निजी जीवन भी रहा चर्चा में

Rinku Singh की निजी जिंदगी भी सुर्खियों में रही है। उनकी सगाई सपा सांसद Priya Saroj से हो चुकी है। इस समारोह में Akhilesh Yadav समेत कई बड़े राजनीतिक चेहरे शामिल हुए थे।

नौकरी को लेकर पहले हो चुका है विवाद

दरअसल, जनवरी 2025 में Rinku Singh को खेल कोटे के तहत बेसिक शिक्षा विभाग में बीएसए पद देने का प्रस्ताव आया था।
हालांकि शैक्षिक योग्यता को लेकर विवाद खड़ा हो गया, जिसके बाद उस प्रक्रिया को रोक दिया गया। अब सरकार ने उन्हें खेल विभाग में नई जिम्मेदारी देने का फैसला किया है।

अन्य खिलाड़ियों को भी मिलेंगी बड़ी जिम्मेदारियां

इस कार्यक्रम में कई अन्य खिलाड़ियों को भी अहम पद दिए जाएंगे— हॉकी खिलाड़ी राजकुमार पाल को डिप्टी एसपी बनाया जाएगा | पैरालिंपिक गोल्ड मेडलिस्ट प्रवीण कुमार को भी डिप्टी एसपी पद मिलेगा | पैरालिंपिक सिल्वर मेडलिस्ट अजीत सिंह को जिला पंचायत राज अधिकारी बनाया जाएगा | धाविका सिमरन को भी इसी विभाग में जिम्मेदारी दी जाएगी | एथलीट प्रतिपाल को खंड विकास अधिकारी (BDO) नियुक्त किया जाएगा

खिलाड़ियों को मिलेगा सम्मान भी

सरकार इस मौके पर खिलाड़ियों को सम्मानित भी करेगी। राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले 9 खिलाड़ियों को लक्ष्मण और रानी लक्ष्मीबाई पुरस्कार से नवाजा जाएगा।

यह पहल न सिर्फ खिलाड़ियों को सम्मान देने के लिए है, बल्कि युवाओं को खेलों के प्रति प्रेरित करने का भी बड़ा संदेश देती है।

 खेल नीति का बड़ा संकेत

राज्य सरकार का मानना है कि खिलाड़ियों को सरकारी नौकरी और सम्मान देने से युवाओं का रुझान खेलों की ओर बढ़ेगा। इससे खेल को करियर के रूप में अपनाने की सोच मजबूत होगी।

महिला आरक्षण के साथ… पहला चुनाव, फिर कहां-कहां लागू करने की तैयारी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- केंद्र सरकार अब महिला आरक्षण कानून को जल्द लागू करने की दिशा में बड़ा कदम उठाने जा रही है। पहले इसे नई जनगणना और परिसीमन प्रक्रिया से जोड़ा गया था, लेकिन अब सरकार इन शर्तों को हटाकर इसे सीधे लागू करने पर विचार कर रही है। इसी उद्देश्य से मौजूदा बजट सत्र में दो संशोधन विधेयक लाने की योजना बनाई जा रही है।

2029 लोकसभा चुनाव हो सकता है पहला बड़ा पड़ाव

सरकार का मुख्य लक्ष्य वर्ष 2029 के लोकसभा चुनाव में 33% महिला आरक्षण लागू करना है। अगर योजना के मुताबिक काम होता है, तो यह देश का पहला आम चुनाव होगा जिसमें महिलाओं को एक-तिहाई सीटें आरक्षित मिलेंगी।

इसके साथ ही ओडिशा, आंध्र प्रदेश, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के विधानसभा चुनावों में भी यह व्यवस्था लागू की जा सकती है।

2027 चुनाव में भी हो सकता है ट्रायल

अगर संसद में संशोधन विधेयक समय पर पास हो जाते हैं, तो सरकार 2027 के विधानसभा चुनावों में इसे लागू करने की कोशिश कर सकती है।
इसमें उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड और पंजाब जैसे बड़े राज्य शामिल हो सकते हैं, हालांकि फिलहाल इसकी संभावना कम मानी जा रही है।

नया फॉर्मूला: सीटें बढ़ाकर लागू होगा आरक्षण

महिला आरक्षण को लागू करने के लिए सरकार एक नया मॉडल तैयार कर रही है, लोकसभा की 543 सीटों को बढ़ाकर करीब 816 किया जा सकता है | इनमें से 273 सीटें महिलाओं के लिए आरक्षित होंगी| बहुमत का आंकड़ा भी 272 से बढ़कर 409 हो जाएगा | इसी तरह राज्यों की विधानसभाओं में भी सीटों की संख्या लगभग 50% तक बढ़ाई जा सकती है।

लॉटरी सिस्टम से तय होंगी आरक्षित सीटें

आरक्षित सीटों का चुनाव करने के लिए 2011 की जनगणना को ही आधार माना जा सकता है और सीटों के आवंटन के लिए ‘लॉटरी आधारित सिस्टम’ का इस्तेमाल किया जा सकता है, ताकि प्रक्रिया पारदर्शी रहे। एससी/एसटी (SC/ST) आरक्षण भी इसी के तहत लागू रहेगा।

पूरे देश में लागू होगा कानून

बिल पास होने के बाद, इसका प्रभाव सीधे तौर पर पूरे देश की लोकसभा और राज्य विधानसभाओं (दिल्ली सहित) पर पड़ेगा। हर जगह 33% कोटा महिलाओं के लिए फिक्स होगा।

सीटों का रोटेशन कैसे होगा

जिन राज्यों या केंद्र शासित प्रदेशों में केवल 1 या 2 लोकसभा सीटें हैं, वहां हर तीसरे चुनाव में सीट महिलाओं के लिए आरक्षित होगी। अन्य बड़ी जगहों पर आरक्षित सीटें तीन कार्यकाल (15 साल) तक महिलाओं के लिए रिजर्व रहेंगी और फिर उन्हें ओपन कैटेगरी (अनारक्षित) में डाला जाएगा।

राज्यसभा और विधान परिषद पर असर नहीं

यह स्पष्ट किया गया है कि राज्यसभा और राज्यों की विधान परिषदों की सदस्य संख्या और स्वरूप पर इस नए परिसीमन या महिला आरक्षण का कोई असर नहीं पड़ेगा।

आम सहमति बनाने में जुटे Amit Shah

केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah इस मुद्दे पर राजनीतिक सहमति बनाने के लिए NDA और विपक्षी दलों से लगातार बातचीत कर रहे हैं।
कांग्रेस और टीएमसी जैसे दल पहले ही जनगणना की शर्त हटाने की मांग कर चुके हैं, जिससे सरकार को समर्थन मिलने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि 28-29 मार्च के आसपास संसद में बिल पेश किया जा सकता है।

पहले ही मिल चुकी है मंजूरी

सितंबर 2023 में राष्ट्रपति Droupadi Murmu ने इस कानून को मंजूरी दी थी। इसे संविधान (106वां संशोधन) अधिनियम के रूप में पारित किया गया था, हालांकि अभी तक इसे लागू नहीं किया गया है।