Home Blog Page 61

UP Board 12th Topper 2026: सीतापुर की शिखा वर्मा बनीं प्रदेश टॉपर, 97.60% अंकों से रचा इतिहास

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) ने 12वीं (इंटरमीडिएट) परीक्षा 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया है। इस साल सीतापुर की शिखा वर्मा ने 97.60% अंक हासिल कर प्रदेश में पहला स्थान प्राप्त किया है।
इस बार यूपी बोर्ड 12वीं का कुल पास प्रतिशत 80.38% रहा, जो पिछले वर्षों की तुलना में बेहतर प्रदर्शन को दर्शाता है।

शिखा वर्मा की शानदार उपलब्धि

सीतापुर की रहने वाली शिखा वर्मा ने अपनी मेहनत और लगन से प्रदेश टॉप कर इतिहास रच दिया। उनकी इस सफलता से परिवार और पूरे जिले में खुशी का माहौल है।
उनका स्कूल— बाबूराम सावित्री देवी इंटर कॉलेज, शेखपुर बिलौली बाजार (सीतापुर) — भी इस उपलब्धि से गौरवान्वित है।

टॉपर्स में बेटियों का दबदबा

इस साल भी टॉपर्स लिस्ट में छात्राओं का वर्चस्व देखने को मिला। टॉप 5 में अधिकतर स्थान छात्राओं ने हासिल किए, जो राज्य में लड़कियों की शिक्षा में बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है।

UP Board 12th Toppers List 2026

प्रथम स्थान

  • शिखा वर्मा – 97.60% (सीतापुर)

द्वितीय स्थान (संयुक्त)

  • नंदनी गुप्ता – 97.20% (बरेली)
  • श्रिया वर्मा – 97.20% (बाराबंकी)

तृतीय स्थान (संयुक्त)

  • सुरभि यादव – 97.00% (बरेली)
  • पूजा पाल – 97.00% (बाराबंकी)

यहां चेक करें रिजल्ट

छात्र अपना रिजल्ट इन आधिकारिक वेबसाइट्स पर देख सकते हैं—
  • upmsp.edu.in
  • upresults.nic.in
  • results.upmsp.edu.in
  • results.digilocker.gov.in

ऐसे करें UP Board 12th Result 2026 चेक

  1. upresults.nic.in पर जाएं
  2. “UP Board Class 12th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें
  3. रोल नंबर और स्कूल कोड दर्ज करें
  4. सबमिट करते ही स्कोरकार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा
  5. भविष्य के लिए प्रिंटआउट जरूर लें

बागेश्वर बाबा की कथा में पहुंचे रघुराज प्रताप सिंह (राजा भैया), बोले-‘वंदे मातरम्’ नहीं गाने वाले प्रत्याशियों को नकारें

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रयागराज के संगम तट पर आयोजित कथा कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु जुटे। इस दौरान जनसत्ता दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कुंडा विधायक Raghuraj Pratap Singh (राजा भैया) ने मंच से संबोधित करते हुए सामाजिक एकता, सनातन और राजनीतिक जागरूकता पर जोर दिया।
कार्यक्रम कथावाचक Dhirendra Krishna Shastri की ‘हनुमंत कथा’ के तहत आयोजित किया जा रहा है, जो तीन दिनों तक चलेगा।

चुनाव और ‘वंदे मातरम्’ पर बयान

अपने संबोधन में राजा भैया ने कहा कि कुछ लोग ‘वंदे मातरम्’ गाने से इनकार करते हैं, जो चिंताजनक है। उन्होंने मतदाताओं से अपील की कि वे चुनाव के दौरान ऐसे उम्मीदवारों के प्रति सजग रहें और सोच-समझकर निर्णय लें।
उन्होंने यह भी कहा कि लोकतंत्र में जनता की भूमिका अहम होती है और उसे यह देखना चाहिए कि राजनीतिक दल किन लोगों को टिकट दे रहे हैं।

एकता और सामाजिक संदेश

राजा भैया ने समाज में एकजुटता की आवश्यकता पर बल देते हुए कहा कि आंतरिक मतभेदों को दूर करना जरूरी है। उन्होंने लोगों से आपसी भाईचारे और समरसता बनाए रखने की अपील की।

राष्ट्रीय मुद्दों का जिक्र

अपने भाषण में उन्होंने देश की सुरक्षा और सामाजिक चुनौतियों का भी जिक्र किया। साथ ही, नेताओं के एकजुट रहने के संदेशों का हवाला देते हुए संगठित रहने पर जोर दिया।

धार्मिक कार्यक्रम की झलक

कथा से पहले Dhirendra Krishna Shastri ने प्रयागराज के प्रमुख धार्मिक स्थलों का भ्रमण किया। उन्होंने Triveni Sangam पर स्नान और पूजन किया, इसके बाद बड़े हनुमान मंदिर, अक्षयवट और सरस्वती कूप में दर्शन-पूजन किया।इस दौरान उन्होंने प्रयागराज को आध्यात्मिक दृष्टि से विशेष बताया और यहां की धार्मिक विरासत की सराहना की।

अन्य हस्तियों की मौजूदगी

कार्यक्रम में टीवी धारावाहिक ‘महाभारत’ के कलाकार Gajendra Chauhan और Puneet Issar भी शामिल हुए। इसके अलावा भोजपुरी अभिनेता और नेता Dinesh Lal Yadav तथा Manoj Tiwari ने भी कार्यक्रम में पहुंचकर आशीर्वाद लिया।

बलिदान के लिए तैयार रहें’- रघुराज प्रताप सिंह “राजा भैया” का आह्वान, कथा मंच से दिया संदेश

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रयागराज के करैल क्षेत्र में चल रही कथा के दौरान कुंडा विधायक Raghuraj Pratap Singh (राजा भैया) ने लोगों को संबोधित करते हुए सनातन धर्म के प्रति एकजुट रहने और समर्पण की भावना रखने की अपील की।
यह कार्यक्रम कथावाचक Dhirendra Krishna Shastri के मंच पर आयोजित किया गया था, जहां बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।

एकता और समर्पण पर जोर

अपने संबोधन में राजा भैया ने कहा कि वर्तमान समय में समाज को एकजुट रहने की आवश्यकता है। उन्होंने लोगों से आह्वान किया कि वे अपने धार्मिक और सांस्कृतिक मूल्यों के प्रति जागरूक रहें और एकता बनाए रखें।
उन्होंने यह भी कहा कि समाज में विभाजन की प्रवृत्ति को खत्म करना जरूरी है और सभी को मिलकर आगे बढ़ना चाहिए।

चुनाव को लेकर भी दिया संकेत

अपने भाषण के दौरान उन्होंने आने वाले चुनावों का जिक्र करते हुए कहा कि मतदाताओं को अपने निर्णय सोच-समझकर लेने चाहिए। उन्होंने सांस्कृतिक मुद्दों पर स्पष्ट रुख रखने की बात भी कही।

युवा पीढ़ी को दिया संदेश

राजा भैया ने युवाओं से अपील की कि वे अपने धर्मग्रंथों और परंपराओं का अध्ययन करें। उन्होंने कहा कि आने वाली पीढ़ियों के लिए मजबूत सामाजिक और सांस्कृतिक आधार तैयार करना जरूरी है।

संवेदनशील मुद्दों पर टिप्पणी

अपने संबोधन में उन्होंने देश की वर्तमान परिस्थितियों और सामाजिक चुनौतियों का भी जिक्र किया। साथ ही, एकजुटता और शांति बनाए रखने की आवश्यकता पर बल दिया।

₹10,000 तक हो सकती है पेंशन, सरकार कर रही बड़ा बदलाव, इनको होगा बड़ा फायदा

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- केंद्र सरकार असंगठित क्षेत्र के श्रमिकों को बड़ी राहत देने की तैयारी में है। जानकारी के मुताबिक, सरकार Atal Pension Yojana के तहत मिलने वाली न्यूनतम पेंशन की अधिकतम सीमा को बढ़ाकर ₹10,000 प्रति माह करने पर विचार कर रही है।

रिपोर्ट्स के अनुसार, यह प्रस्ताव बढ़ती महंगाई और रिटायरमेंट के बाद बढ़ते खर्च को ध्यान में रखते हुए तैयार किया जा रहा है। फिलहाल इस योजना में 60 वर्ष की उम्र के बाद ₹1,000 से ₹5,000 तक की गारंटीड पेंशन मिलती है।

किन लोगों को मिलेगा फायदा?

यह योजना खास तौर पर असंगठित क्षेत्र (Informal Sector) के कामगारों के लिए बनाई गई है। इसमें शामिल हैं—

  • रेहड़ी-पटरी वाले
  • घरेलू कामगार
  • दिहाड़ी मजदूर
  • छोटे दुकानदार
  • स्वरोजगार करने वाले लोग

भारत में लगभग 90% वर्कफोर्स इसी श्रेणी में आती है, जिन्हें आमतौर पर PF, पेंशन या अन्य सामाजिक सुरक्षा का लाभ नहीं मिलता।

क्यों जरूरी है बदलाव?

Atal Pension Yojana की शुरुआत मई 2015 में हुई थी। इसका उद्देश्य बुजुर्गावस्था में आर्थिक सुरक्षा देना है।
लेकिन मौजूदा महंगाई के दौर में ₹5,000 तक की पेंशन पर्याप्त नहीं मानी जा रही, इसलिए सरकार इसकी सीमा बढ़ाने पर विचार कर रही है।

मौजूदा स्थिति क्या है?

  • योजना से अब तक 9 करोड़ से ज्यादा लोग जुड़ चुके हैं
  • लगभग आधे सदस्य नियमित योगदान नहीं कर रहे
  • वित्त वर्ष 2025-26 में रिकॉर्ड 1.35 करोड़ नए सदस्य जुड़े

सरकार का मानना है कि पेंशन बढ़ाने से योजना में भागीदारी और स्थिरता दोनों बढ़ेगी।

नया प्रस्ताव क्या है?

सूत्रों के मुताबिक, Ministry of Finance और Pension Fund Regulatory and Development Authority मिलकर इस प्रस्ताव पर काम कर रहे हैं।

संभावना है कि पेंशन की अधिकतम सीमा ₹8,000 से बढ़ाकर ₹10,000 प्रति माह की जा सकती है। इससे योजना को और आकर्षक बनाया जाएगा।

सरकार का योगदान कैसे मिलता है?

31 मार्च 2016 से पहले जुड़े खाताधारकों को शुरुआती 5 वर्षों तक सरकार की ओर से सह-योगदान (Co-contribution) दिया गया था—

  • कुल योगदान का 50%
  • अधिकतम ₹1,000 प्रति वर्ष

यह लाभ केवल उन्हीं लोगों को मिला, जो आयकरदाता नहीं थे और किसी अन्य सामाजिक सुरक्षा योजना से जुड़े नहीं थे।

गांव-गांव तक पहुंचेगी योजना

सरकार ‘पेंशन सखी’ और बिजनेस कॉरेस्पॉन्डेंट (BC) मॉडल के जरिए इस योजना को ग्रामीण क्षेत्रों तक पहुंचाने पर जोर दे रही है। इसके अलावा, नियमित योगदान बनाए रखने के लिए भी नई रणनीति तैयार की जा रही है।

योजना की अवधि बढ़ी

26 जनवरी 2026 को कैबिनेट ने इस योजना को वित्त वर्ष 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी है। इससे योजना के प्रचार और विस्तार को और मजबूती मिलेगी।

क्या सरकार पर बढ़ेगा बोझ?

विशेषज्ञों का मानना है कि इस बदलाव से सरकारी खजाने पर ज्यादा दबाव नहीं पड़ेगा। Grant Thornton के विशेषज्ञों के अनुसार, यह एक “Defined Contribution Scheme” है, जिसमें अधिकांश निवेश सदस्य खुद करते हैं।

Gold Price Today 23 April: सोना-चांदी में भारी गिरावट, जानें क्यों टूटे दाम

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- आज 23 अप्रैल को मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (Multi Commodity Exchange of India) पर सोने और चांदी की कीमतों में तेज गिरावट देखने को मिली। शुरुआती कारोबार में सोना आधे प्रतिशत से ज्यादा फिसल गया, जबकि चांदी में 2% से अधिक की गिरावट दर्ज की गई।

MCX पर सोना करीब ₹1,51,947 प्रति 10 ग्राम के आसपास ट्रेड करता नजर आया, वहीं चांदी की कीमत ₹2,43,856 प्रति किलोग्राम तक पहुंच गई।

सोने-चांदी में गिरावट के 5 बड़े कारण

1.  डॉलर की मजबूती

सोने की कीमतों पर सबसे ज्यादा दबाव अमेरिकी डॉलर के मजबूत होने से आया। US Dollar Index में करीब 0.15% की बढ़त दर्ज की गई, जिससे गोल्ड महंगा हो गया और मांग घटने लगी।

2. कच्चे तेल में उछाल

Brent Crude Oil की कीमतों में 2% की तेजी आई और यह $103 प्रति बैरल के पार पहुंच गया। तेल की कीमत बढ़ने से डॉलर की मांग बढ़ती है, जिसका असर सोने पर नकारात्मक रूप में पड़ा।

3. अमेरिका-ईरान तनाव

United States और Iran के बीच बढ़ते तनाव ने बाजार में अनिश्चितता पैदा कर दी है। होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों को लेकर टकराव और बातचीत में देरी से निवेशकों का भरोसा डगमगाया है।

4. ब्याज दर कटौती की उम्मीद घटी

Federal Reserve द्वारा ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद कम हो गई है। महंगाई बढ़ने की आशंका के चलते आने वाले महीनों में रेट कट टल सकता है, जो सोने के लिए नकारात्मक संकेत माना जाता है।

5. युद्ध के बाद से दबाव

28 फरवरी से शुरू हुए भू-राजनीतिक तनाव के बाद से घरेलू बाजार में सोना करीब 4% तक गिर चुका है, जिससे शॉर्ट टर्म में दबाव बना हुआ है।

लॉन्ग टर्म में अभी भी मजबूत सोना

हालांकि, अल्पकालिक गिरावट के बावजूद सोना इस साल निवेशकों को अच्छा रिटर्न दे चुका है। 2026 में अब तक गोल्ड ने करीब 14% की बढ़त दिखाई है।

इसके मुकाबले Nifty 50 इस साल लगभग 7% तक गिर चुका है, जिससे सोना अभी भी एक सुरक्षित निवेश विकल्प बना हुआ है।

UP Board Result 2026 Live: यूपी बोर्ड 10वीं-12वीं रिजल्ट आज, डिजीलॉकर QR कोड जारी, ऐसे करें चेक

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद (UPMSP) आज 23 अप्रैल 2026 को हाईस्कूल (10वीं) और इंटरमीडिएट (12वीं) का रिजल्ट घोषित करने जा रहा है। बोर्ड के अनुसार, परिणाम शाम 4 बजे प्रयागराज स्थित मुख्यालय से प्रेस कॉन्फ्रेंस के जरिए जारी किया जाएगा।
रिजल्ट जारी होने से कुछ घंटे पहले बोर्ड ने छात्रों की सुविधा के लिए डिजीलॉकर QR कोड भी जारी कर दिया है। इस QR कोड की मदद से छात्र सीधे अपना रिजल्ट ऑनलाइन देख सकेंगे।
इस वर्ष करीब 52 लाख छात्रों ने परीक्षा दी थी, जिनका इंतजार अब खत्म होने वाला है। छात्र अपना परिणाम आधिकारिक वेबसाइट upmsp.edu.in और upresults.nic.in के अलावा डिजीलॉकर पोर्टल results.digilocker.gov.in पर भी चेक कर सकेंगे।

UP Board Result 2026: ऐसे करें चेक

वेबसाइट

वेबसाइट से रिजल्ट चेक करने का तरीका

  1. सबसे पहले upmsp.edu.in पर जाएं
  2. “UP Board 10th Result 2026” या “UP Board 12th Result 2026” लिंक पर क्लिक करें
  3. अपना रोल नंबर, जिला और परीक्षा वर्ष दर्ज करें
  4. सबमिट करते ही आपका रिजल्ट स्क्रीन पर आ जाएगा
  5. मार्कशीट डाउनलोड करें और प्रिंट आउट ले लें

डिजीलॉकर से रिजल्ट कैसे देखें

  1. results.digilocker.gov.in पर जाएं
  2. UP Board सेक्शन में 10वीं या 12वीं रिजल्ट लिंक चुनें
  3. रोल नंबर दर्ज करें और सबमिट करें
  4. रिजल्ट स्क्रीन पर दिखेगा, इसे डाउनलोड कर लें

पिछले वर्षों के रिजल्ट डेट

  • 2026: 23 अप्रैल
  • 2025: 25 अप्रैल
  • 2024: 24 अप्रैल
  • 2023: 25 मई
  • 2022: 29 अप्रैल
  • 2021: 14 जुलाई (10वीं), 29 जुलाई (12वीं)
  • 2020: 4 जुलाई (10वीं), 27 जुलाई (12वीं)

महत्वपूर्ण अपडेट

  • रिजल्ट आज शाम 4 बजे जारी होगा
  • डिजीलॉकर QR कोड से डायरेक्ट एक्सेस मिलेगा
  • वेबसाइट स्लो होने पर डिजीलॉकर बेहतर विकल्प रहेगा

Aaj Ka Rashifal 23 April 2026: पुनर्वसु नक्षत्र में चंद्रमा-गुरु का संयोग, कई राशियों के लिए बना बेहद शुभ योग

Aaj Ka Rashifal 23 April 2026: आज का दिन ज्योतिषीय दृष्टि से काफी खास माना जा रहा है। आज चंद्रमा और गुरु दोनों पुनर्वसु नक्षत्र में विराजमान हैं, जिससे गजकेसरी योग का निर्माण हो रहा है। यह योग सामान्य रूप से अत्यंत शुभ माना जाता है और लोगों के साहस, निर्णय क्षमता और सफलता में वृद्धि करता है।
इस समय सूर्य मेष राशि में उच्च स्थिति में हैं, जबकि शुक्र वृषभ राशि में स्वग्रही हैं। वहीं, गुरु और चंद्रमा मिथुन राशि में मिलकर सकारात्मक प्रभाव दे रहे हैं। हालांकि बुध, मंगल और शनि का मीन राशि में गोचर कुछ मामलों में सावधानी की ओर इशारा करता है।
आइए जानते हैं सभी राशियों का आज का हाल—

मेष राशि

आज आपके प्रयास सफल होंगे। करियर और व्यापार में अच्छे परिणाम मिल सकते हैं। स्वास्थ्य में सुधार रहेगा और प्रेम जीवन भी अनुकूल रहेगा। हरी वस्तुओं का दान करना लाभकारी रहेगा।

वृषभ राशि

आर्थिक स्थिति मजबूत होगी और परिवार में खुशियां बढ़ेंगी। आपकी वाणी प्रभावशाली रहेगी। स्वास्थ्य और व्यापार दोनों ही पक्षों में सुधार देखने को मिलेगा।

मिथुन राशि

आज का दिन आपके लिए बेहद खास है। समाज में सम्मान बढ़ेगा और आप आकर्षण का केंद्र बनेंगे। प्रेम संबंध मजबूत होंगे और करियर में भी प्रगति के संकेत हैं।

कर्क राशि

खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे थोड़ा मानसिक तनाव रहेगा। हालांकि खर्च जरूरी कामों पर ही होगा। व्यापार सामान्य रहेगा और स्वास्थ्य मध्यम रहेगा।

सिंह राशि

यात्रा के योग बन रहे हैं। किसी अच्छी खबर की प्राप्ति हो सकती है। आय के नए स्रोत खुलेंगे और व्यापार में मजबूती आएगी।

कन्या राशि

व्यापार में विस्तार के संकेत हैं। नौकरी और राजनीति से जुड़े लोगों को लाभ मिल सकता है। पारिवारिक जीवन सुखद रहेगा।

तुला राशि

धार्मिक गतिविधियों में रुचि बढ़ेगी। यात्रा के योग बन सकते हैं। स्वास्थ्य और प्रेम संबंध बेहतर रहेंगे और व्यापार में स्थिरता बनी रहेगी।

वृश्चिक राशि

कुछ परिस्थितियां चुनौतीपूर्ण रह सकती हैं, लेकिन इससे सीखने का अवसर मिलेगा। शिक्षा और ज्ञान प्राप्ति के लिए समय अच्छा है।

धनु राशि

जीवनसाथी का सहयोग मिलेगा। नौकरी और करियर में प्रगति होगी। कुल मिलाकर दिन काफी सकारात्मक रहने वाला है।

मकर राशि

विरोधी भी आपके पक्ष में नजर आएंगे। बुजुर्गों का आशीर्वाद मिलेगा। स्वास्थ्य थोड़ा उतार-चढ़ाव वाला रह सकता है, लेकिन बाकी क्षेत्रों में सफलता मिलेगी।

कुंभ राशि

विद्यार्थियों के लिए दिन बेहद अच्छा है। प्रेम और पारिवारिक जीवन में सुख मिलेगा। नए फैसले लेने के लिए समय अनुकूल है।

मीन राशि

घर-परिवार से जुड़े शुभ कार्य हो सकते हैं। संपत्ति या वाहन खरीदने के योग बन रहे हैं। मानसिक रूप से सकारात्मक ऊर्जा बनी रहेगी।

केदारनाथ धाम के कपाट खुले, तीन धामों में गैर-सनातनी बैन; और क्या पाबंदी

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- छह महीने के शीतकालीन अवकाश के बाद उत्तराखंड के पवित्र केदारनाथ धाम के कपाट 22 अप्रैल को श्रद्धालुओं के लिए खोल दिए गए। कपाट खुलते ही हजारों भक्त बाबा केदार के दर्शन के लिए पहुंचने लगे। बर्फ से ढके पूरे क्षेत्र और शून्य के आसपास तापमान के बावजूद श्रद्धालुओं का उत्साह बना हुआ है।
इस मौके पर उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी धाम पहुंचे और प्रधानमंत्री के नाम पहली पूजा अर्पित की गई। साथ ही हेली सेवाएं भी आज से शुरू कर दी गई हैं, जिससे यात्रियों को सुविधा मिलेगी।

20 लाख से ज्यादा श्रद्धालुओं ने कराया रजिस्ट्रेशन

चारधाम यात्रा को लेकर इस बार रिकॉर्ड उत्साह देखने को मिल रहा है। अब तक 20 लाख से अधिक श्रद्धालु पंजीकरण करा चुके हैं।
  • यमुनोत्री: 3.5 लाख+
  • गंगोत्री: 3.6 लाख+
  • केदारनाथ: 7.2 लाख+
  • बदरीनाथ: 6 लाख+
  • हेमकुंड साहिब: 21 हजार+

मंदिर परिसर में सख्त पाबंदियां

रुद्रप्रयाग प्रशासन ने इस बार सुरक्षा और मर्यादा को ध्यान में रखते हुए कई कड़े नियम लागू किए हैं:
  • मंदिर के अंदर मोबाइल, कैमरा और वीडियो रिकॉर्डिंग पर पूरी तरह प्रतिबंध
  • बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर सख्त कार्रवाई
  • मंदिर परिसर में रील या शूटिंग करने की मनाही
पुलिस के अनुसार, नियमों का उल्लंघन करने पर कार्रवाई शुरू भी कर दी गई है और कई ड्रोन जब्त किए जा चुके हैं।

तीन धामों में गैर-सनातनी प्रवेश पर रोक

बदरी-केदार मंदिर समिति ने इस बार गंगोत्री, केदारनाथ और बदरीनाथ धाम में गैर-सनातनियों के प्रवेश पर रोक लगाने का फैसला किया है।
हालांकि, यदि कोई व्यक्ति प्रवेश चाहता है तो उसे हलफनामा देकर अपनी आस्था स्पष्ट करनी होगी।

श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधाएं

यात्रियों की सुविधा के लिए मंदिर परिसर के बाहर मोबाइल जमा करने के काउंटर और लॉकर की व्यवस्था की गई है, ताकि दर्शन के दौरान कोई परेशानी न हो।

बर्फबारी के बीच सावधानी जरूरी

इस बार भारी बर्फबारी के चलते कई रास्ते चुनौतीपूर्ण बने हुए हैं। कई जगहों पर 4 फीट तक बर्फ जमी हुई है। प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि वे केवल सुरक्षित मार्गों का उपयोग करें और जारी गाइडलाइंस का पालन करें।

हर हर महादेव’ से गूंजा धाम

कपाट खुलने के साथ ही पूरा केदारनाथ धाम ‘हर हर महादेव’ के जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में श्रद्धालु बर्फ के बीच बाबा केदार के दर्शन कर रहे हैं। प्रशासन ने भीड़ को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था और मजबूत कर दी है।

जागेश्वर धाम के गर्भगृह में गनर के साथ पहुंचे बरेली के DM, पुजारियों ने जताया कड़ा विरोध

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तराखंड के अल्मोड़ा जिले में स्थित प्रसिद्ध जागेश्वर धाम में एक घटना को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। उत्तर प्रदेश के बरेली के जिलाधिकारी अविनाश सिंह अपने सुरक्षा कर्मी के साथ मंदिर के गर्भगृह में प्रवेश कर गए, जिसके बाद पुजारियों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली।

गर्भगृह में हथियार के साथ एंट्री पर आपत्ति

बताया जा रहा है कि डीएम नवग्रह पूजा के लिए मंदिर पहुंचे थे। इस दौरान उनका गनर भी उनके साथ गर्भगृह के अंदर मौजूद रहा और उसके पास हथियार था। पुजारियों का कहना है कि यह मंदिर की परंपराओं और धार्मिक मर्यादाओं के खिलाफ है, इसलिए उन्होंने तुरंत इसका विरोध दर्ज कराया।

सुरक्षा बनाम परंपरा पर बहस

सुरक्षा कर्मियों ने इसे वीआईपी प्रोटोकॉल का हिस्सा बताया, लेकिन मंदिर से जुड़े लोगों का कहना है कि आस्था के स्थानों पर नियमों का पालन सर्वोपरि होना चाहिए। स्थानीय लोगों के बीच भी इस घटना को लेकर असंतोष देखा जा रहा है।

‘PM और CM ने भी नहीं तोड़ी परंपरा’

मंदिर के पुजारियों का कहना है कि अब तक देश के प्रधानमंत्री और विभिन्न राज्यों के मुख्यमंत्री जब भी यहां दर्शन के लिए आए, उन्होंने भी गर्भगृह के भीतर हथियार लेकर प्रवेश नहीं किया। उनका मानना है कि सदियों पुरानी परंपराओं से किसी भी स्थिति में समझौता नहीं किया जाना चाहिए।

ASI ने लगाया चेतावनी नोटिस

विवाद के बाद भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) ने मंदिर परिसर के बाहर चेतावनी संबंधी नोटिस लगा दिया है, जिसमें हथियारों को लेकर स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। प्रशासन ने भी मामले की जांच शुरू कर दी है ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा न बने।

यह मामला अब धार्मिक परंपराओं और सुरक्षा प्रोटोकॉल के बीच संतुलन को लेकर चर्चा का विषय बन गया है।

‘नेताओं के बेड से शुरू होता है 90 परसेंट महिलाओं का राजनीतिक करियर’, बयान पर बवाल, महिला आयोग ने जारी किया नोटिस

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:– बिहार के पूर्णिया से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव के एक बयान ने राजनीतिक हलकों में तीखी बहस छेड़ दी है। उन्होंने राजनीति में महिलाओं की भागीदारी को लेकर विवादित टिप्पणी की, जिस पर अब कड़ी प्रतिक्रिया सामने आ रही है।

बयान पर बढ़ा विवाद

मीडिया से बातचीत के दौरान पप्पू यादव ने दावा किया कि राजनीति में महिलाओं के लिए बिना समझौते आगे बढ़ना मुश्किल है। उनके इस बयान को लेकर कई राजनीतिक दलों और सामाजिक संगठनों ने आपत्ति जताई है। आलोचकों का कहना है कि इस तरह के बयान महिलाओं की गरिमा को ठेस पहुंचाते हैं।

महिला आयोग ने लिया संज्ञान

मामले को गंभीरता से लेते हुए बिहार राज्य महिला आयोग ने स्वतः संज्ञान लिया है। आयोग ने पप्पू यादव को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर जवाब मांगा है। साथ ही पूछा गया है कि उनके खिलाफ कार्रवाई क्यों न की जाए।

नेताओं के आचरण पर भी उठाए सवाल

अपने बयान में पप्पू यादव ने यह भी कहा कि कई जनप्रतिनिधि महिलाओं को सम्मान की नजर से नहीं देखते। उन्होंने नेताओं के आचरण पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की, जिससे यह विवाद और गहरा गया है।

महिला आरक्षण पर भी टिप्पणी

पप्पू यादव ने केंद्र सरकार की नीतियों पर निशाना साधते हुए महिला आरक्षण को लेकर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यह कदम वास्तविक सामाजिक न्याय के बजाय राजनीतिक उद्देश्य से प्रेरित लगता है। उनका यह भी कहना है कि इसमें वंचित वर्ग की महिलाओं के लिए अलग प्रावधान जरूरी है।

स्वास्थ्य बिगड़ने की खबर

इस बीच पश्चिम बंगाल में एक कार्यक्रम के दौरान पप्पू यादव की तबीयत बिगड़ने की भी खबर है। प्राथमिक उपचार के बाद वे पूर्णिया लौट गए।