सर्वोदय/मध्य प्रदेश:- मध्य प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री एवं केंद्रीय मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आज सीहोर जिले के भैरुंदा में जनता को कई बड़ी घोषणाएं कीं। इस अवसर पर उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण के तहत लाभार्थियों को स्वीकृति पत्र सौंपकर उन्हें शुभकामनाएं दीं।
सगाई का जश्न और सरकारी योजनाए
शिवराज सिंह ने कार्यक्रम के दौरान एक गाना भी गाया: “जिसका मुझे था इंतजार, वो घड़ी आ गई”। उन्होंने कहा कि अब वह बिल्कुल फ्री हो चुके हैं क्योंकि उनके दोनों बेटों की शादी हो चुकी है और घर में बहुरानी आ गई है।
उन्होंने जनता को आश्वासन दिया कि सभी को मकान दिए जाएंगे। उन्होंने कहा, “मेरा सपना था कि बहनों के लिए मकान बने। इस साल सीहोर में 10 हजार मकान, भैरूंदा में 7 हजार और बुधनी में 2 हजार मकान बनेंगे।”
आर्थिक सशक्तिकरण का वादा
शिवराज सिंह ने लाड़ली बहनों के लिए भी एक खास वादा किया। उन्होंने कहा कि बहनों की आय बढ़ाने के लिए प्रयास किए जाएंगे और ” बहनों को लखपति बनाना है। अब 15 हजार की आमदनी होने पर भी मकान मिलेगा।”
विकास का संकल्प
शिवराज सिंह ने अपने कार्यकाल के दौरान प्रदेश के विकास के बारे में चर्चा की और कहा कि “हमारा संकल्प है कि हर गांव को गरीबी से मुक्त बनाना है।”इसके साथ ही, उन्होंने क्षेत्र में रेल और राष्ट्रीय राजमार्ग के निर्माण की जानकारी दी और लोगों को स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार का विश्वास दिलाया। इस अवसर पर शिवराज ने सभी से 5 साल में एक बार चुनाव कराने का समर्थन भी मांगा, जिससे विकास कार्यों पर ध्यान केंद्रित किया जा सके।
उनकी यह पहल और घोषणाएं प्रदेश के लिए एक नई दिशा को रेखांकित करती हैं और उनकी सरकार का उद्देश्य गरीबों और बहनों के जीवन में सुधार लाना है।
‘जिसका मुझे था इंतजार..’, शिवराज सिंह ने गाया गाना,अब मैं बिल्कुल फ्री
रामनवमी को लेकर अयोध्या नगर निगम की बड़ी तैयारी, श्रद्धालुओं के लिए होंगे विशेष इंतजाम
सर्वोदय/अयोध्या:- अयोध्या में इस बार रामनवमी के पर्व को भव्य और सुव्यवस्थित बनाने के लिए नगर निगम ने व्यापक तैयारियां शुरू कर दी हैं। भीषण गर्मी को देखते हुए श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। श्रृंगारहाट से रामपथ के गेट नंबर तीन तक मैटिंग बिछाई जाएगी और उस पर पानी का छिड़काव किया जाएगा। वहीं, धर्मपथ पर छायादार अस्थायी शिविर बनाए जाएंगे, ताकि भक्तों को धूप से राहत मिल सके। पानी की व्यवस्था के लिए 243 स्थानों पर पेयजल की सुविधा सुनिश्चित की गई है।
मेला क्षेत्र में साफ-सफाई पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। मशीनों के साथ-साथ श्रमिकों की टीम सफाई कार्य में जुटी है। इसके अलावा, 34 मोबाइल टॉयलेट्स सहित अस्थायी शौचालयों की व्यवस्था की गई है। मेला क्षेत्र को अतिक्रमण से मुक्त रखने के लिए प्रवर्तन दल सक्रिय रहेगा। इन सभी तैयारियों की निगरानी खुद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ कर रहे हैं, वहीं आगामी दिनों में मुख्यमंत्री ने अयोध्या में समीक्षा बैठक के दौरान अधिकारियों के निर्देशित किया था कि अयोध्या आने वाले श्रद्धालुओं को किसी भी प्रकार की कोई दिक्कत का सामना न करना पड़े।
श्रद्धालुओं की सुविधा पर नगर निगम का जोर
अयोध्या में रामनवमी का उत्सव इस बार नए राम मंदिर के उद्घाटन के बाद और भी खास होने जा रहा है। लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना को देखते हुए प्रशासन कोई कसर नहीं छोड़ना चाहता। ऐसे में, अयोध्या नगर निगम ने रामनवमी के आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए तैयारियों को पुख्ता करने में जुट गया है। गर्मी से बचाव, स्वच्छता और व्यवस्था के ये कदम श्रद्धालुओं के लिए एक सुखद अनुभव का मार्ग प्रशस्त करेंगे। मुख्यमंत्री के नेतृत्व में अयोध्या न केवल धार्मिक, बल्कि व्यवस्थित और सुरक्षित तीर्थस्थल के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर रहा है। नगर आयुक्त संतोष शर्मा ने बताया कि नगर निगम अपनी तैयारियों के साथ मेले में उतर रहा है। हमारी कोशिश है कि किसी भी श्रद्धालु को तकलीफ न पहुंचे।
तीन चरण में होगी सफाई, 395 डस्टबिन लगेंगे
रामनवमी मेले के दृष्टिगत आवंटित रुट पर तीन चरण में सफाई होगी। धर्मपथ, रामपथ, भक्ति, आरती घाट, चौधरी चरण सिंह घाट व दर्शन पथ समेत अन्य प्रमुख मार्गों पर प्रथम चरण में 1204, द्वितीय चरण में 398 व तृतीय चरण में 136 सफाई कर्मी उतारे जाएंगे। इनका सुपरविजन करने के लिए 73 पर्यवेक्षक लगाए गए हैं। कूड़ा एकत्रित करने के लिए 395 डस्टबिन की व्यवस्था भी की गई है।
991 टॉयलेट्स सीट्स के हैं इंतजाम
सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में साफ-सफाई के साथ शौचालय के भी पुख्ता बंदोबस्त किए जा रहे हैं। कुल 991 टॉयलेट्स सीट्स मेला क्षेत्र में लगी हुई हैं जिनकी साफ-सफाई सुनिश्चित करने के लिए कर्मचारी लगाए गए हैं। सभी टॉयलेट्स के पास हैंडवाश इत्यादि के इंतजाम सुनिश्चित कराए जा रहे हैं।
श्रद्धालुओं के लिए अन्य जन सुविधाएं
1- नगर निगम द्वारा रामनवमी मेले में आने वाले श्रद्धालुओं को छाया उपलब्ध कराने के लिए धर्मपथ पर विशेष रूप से अस्थायी शिविर निर्मित कराया जा रहा है।
2- धूप से बचाव के लिए जिला प्रशासन चिन्तहि स्थलों पर छायादार शिविर की व्यवस्था कर रहा है।
3- शिविर में श्रद्धालुओं के बैठने के साथ-साथ मूलभूत सुविधाएं तथा पेयजल, शौचालय व स्प्रिंकलर फैन की व्यवस्था भी की जाएगी।
4- सीएसआर के माध्यम से अयोध्या धाम क्षेत्र में ग्लूकॉन डी का वितरण किया जायेगा।
5- अयोध्या में स्थित सभी हेल्थ एटीएम में ओआरएस की उपलब्धता को नगर निगम सुनिश्चित करेगा।
6- अयोध्या धाम के चिन्हित स्थलों पर पादुका सेवा के कैंप लगाये जाएंगे।
7- ग्रीष्म ऋतु में तापमान वृद्धि के दृष्टिगत हैण्ड हेल्ड स्प्रिंकलर के माध्यम से स्प्रिंकलिंग कराई जाएगी।
अतिक्रमण हटाएगा प्रवर्तन दल, प्रतिबंधित पॉलीथिन के खिलाफ भी चलेगा अभियान
प्रवर्तन दल द्वारा पुलिस बल के साथ मिलकर संपूर्ण मेला क्षेत्र में भ्रमण करते हुए अतिक्रमण हटाए जाने की कार्यवाही की जाएगी। इसके अतिरिक्त, सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में पॉलीथीन के विरुद्ध कार्यवाही एवं जागरूकता अभियान भी चलाया जायेगा। सम्पूर्ण मेला क्षेत्र में निराश्रित गोवंशों को प्रतिबंधित किए जाने हेतु तीन टीम गठित की गयी है, जो समयानुसार अपने कार्यों का निर्वहन करेंगे। इसके अतिरिक्त, नगर निगम के कर्मचारी रामपथ व धर्मपथ, भक्तिपथ मार्ग पर आवश्यकतानुसार छुट्टा जानवरों के रोकथाम का कार्य करेंगे।
धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस बिक्री पर रहेगा पूरी तरह प्रतिबंध
सर्वोदय/लखनऊ:- मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश सरकार ने अवैध बूचड़खानों को बंद करने और धार्मिक स्थलों के 500 मीटर के दायरे में मांस की बिक्री पर प्रतिबंध लगाने का सख्त आदेश जारी किया है। नगर विकास विभाग के प्रमुख सचिव अमृत अभिजात ने सभी जिलाधिकारियों, पुलिस आयुक्तों और नगर आयुक्तों को बूचड़खानों को तत्काल बंद करने और धार्मिक स्थलों के पास मांस बिक्री पर प्रतिबंध लागू करने के निर्देश दिए हैं।
पुराने आदेशों की पुनर्बहाली
2014 और 2017 में जारी आदेशों का हवाला देते हुए योगी सरकार ने स्पष्ट किया है कि अवैध पशु वध और धार्मिक स्थलों के पास मांस बिक्री पूरी तरह प्रतिबंधित होगी। इस फैसले को प्रभावी बनाने के लिए जिलाधिकारियों की अध्यक्षता में जिला स्तरीय समितियों का गठन किया गया है। इनमें पुलिस, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड, पशुपालन विभाग, परिवहन विभाग, श्रम विभाग, स्वास्थ्य विभाग और खाद्य सुरक्षा प्रशासन के अधिकारी शामिल होंगे।
राम नवमी पर विशेष निगरानी
6 अप्रैल 2025 को राम नवमी के दिन विशेष प्रतिबंध लागू होगा, इस दिन पशु वध और मांस की बिक्री पूरी तरह बंद रहेगी। यूपी नगर निगम अधिनियम 1959 और खाद्य सुरक्षा अधिनियम 2006 एवं 2011 के प्रावधानों के तहत, योगी सरकार ने अधिकारियों को उल्लंघन करने वालों पर कड़ी दंडात्मक कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं।
30 मार्च 2025 को होगी जयप्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों की प्रवेश परीक्षा
सर्वोदय/लखनऊ:- सभी को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ ही समान अवसर उपलब्ध कराने के लिए योगी सरकार प्रतिबद्ध के साथ कार्य कर रही है। इसी क्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के मार्गदर्शन में प्रदेश के समाज कल्याण विभाग एवं जनजाति विकास विभाग द्वारा संचालित जय प्रकाश नारायण सर्वोदय विद्यालयों में शैक्षिक सत्र 2025-26 के लिए प्रवेश प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। इन विद्यालयों में नवोदय पैटर्न पर पढ़ाई होती है और यह सीबीएसई तथा माध्यमिक शिक्षा परिषद उ.प्र.से मान्यता प्राप्त हैं। इस बार प्रवेश परीक्षा 30 मार्च 2025 रविवार को आयोजित की जाएगी, जिसका आयोजन दो पालियों में होगा। पहली पाली की परीक्षा सुबह 11 बजे से प्रारंभ होगी। परीक्षा का आयोजन जिलाधिकारी के नियंत्रण में होगा, जबकि प्रश्नपत्र तैयार करने की जिम्मेदारी डायट (DIET) को सौंपी गई है। परीक्षा परिणाम 31 मार्च 2025 को जारी किए जाएंगे।
प्रवेश प्रक्रिया एवं सीटों का विवरण
इस वर्ष प्रवेश प्रक्रिया के तहत कक्षा 6, 7, 8, 9 एवं 11 में चयन किया जाएगा। कक्षा 6 में कुल 70 सीटें उपलब्ध हैं, जिसमें प्रत्येक कक्षा के लिए दो सेक्शन होंगे और प्रत्येक सेक्शन में 35-35 छात्रों को प्रवेश मिलेगा। वहीं, कक्षा 8 और 9 में प्रवेश रिक्त सीटों के आधार पर दिया जाएगा। कक्षा 11 में प्रवेश परीक्षा नहीं होगी, बल्कि 10वीं के अंकों के आधार पर मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी।
62 हजार से ज्यादा छात्रों ने किया आवेदन
इस प्रवेश परीक्षा के लिए हजारों छात्रों ने आवेदन किया है। कक्षा 7 के लिए कुल 7,434 आवेदन प्राप्त हुए हैं, जबकि कक्षा 9 के लिए 16,106 छात्रों ने आवेदन किया है। कुल मिलाकर 62,382 छात्रों ने इस प्रवेश परीक्षा के लिए आवेदन किया है। वहीं, प्रदेश भर में स्थित इन विद्यालयों में कुल बालक विद्यालयों की संख्या 36 है, जबकि बालिका विद्यालयों की संख्या 73 है। आवेदन की संख्या को देखते हुए प्रतियोगिता कड़ी होगी, क्योंकि चयन केवल सीमित सीटों पर ही किया जाएगा।
आरक्षण एवं चयन प्रक्रिया
प्रदेश सरकार ने इस बार भी गांव और शहरी क्षेत्र के छात्रों के लिए अलग-अलग प्राथमिकता तय की है। गांव के छात्रों को 85% सीटों में प्राथमिकता दी जाएगी, जबकि शहरी छात्रों को 15% सीटें आवंटित की जाएंगी। वहीं, आरक्षण नीति के तहत 60% सीटें अनुसूचित जाति (SC) और अनुसूचित जनजाति (ST) के छात्रों के लिए, 25% अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के लिए और 15% सामान्य वर्ग (General) के लिए आरक्षित रहेंगी।
जिलाधिकारी की निगरानी में होगी पूरी प्रक्रिया
इसके अलावा, परीक्षा संचालन की पूरी प्रक्रिया जिलाधिकारी की निगरानी में होगी और प्रश्नपत्र तैयार करने से लेकर मूल्यांकन तक की जिम्मेदारी डायट (DIET) द्वारा निभाई जाएगी। परीक्षा के बाद मेरिट के आधार पर छात्रों का चयन किया जाएगा और सफल अभ्यर्थियों की सूची 31 मार्च को जारी कर दी जाएगी।
एक अप्रैल से शुरू होंगी कक्षाएं
प्रदेश सरकार द्वारा संचालित 109 राजकीय आश्रम पद्धति विद्यालयों में भी यही प्रवेश प्रक्रिया लागू होगी। यह विद्यालय भी नवोदय पैटर्न पर आधारित हैं और समाज के हर वर्ग के छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने के लिए बनाए गए हैं। चयनित छात्रों की कक्षाएं 1 अप्रैल 2025 से शुरू हो जाएंगी। योगी सरकार का उद्देश्य इस परीक्षा के माध्यम से मेधावी छात्रों को बेहतरीन शिक्षा प्रदान करना और सभी छात्रों को समान अवसर प्रदान करना है।
42 वर्षीय महिला ने अस्पताल के बाहर एंबुलेंस में दिया 14वें बच्चे को जन्म
सर्वोदय/हापुड़:-उत्तर प्रदेश के हापुड़ जिले से एक अजीब और चौंकाने वाली खबर सामने आई है, जिसने पूरे इलाके में हलचल मचा दी है। 42 वर्षीय गुड़िया नाम की महिला ने अपने 14वें बच्चे को जन्म दिया, लेकिन यह डिलीवरी अस्पताल के भीतर नहीं, बल्कि एंबुलेंस में ही अस्पताल के दरवाजे पर हो गई।
घटना हापुड़ जिले के पिलखुवा कस्बे के मोहल्ला बजरंगपुरी की है। इमामुद्दीन की पत्नी गुड़िया को गुरुवार शाम अचानक प्रसव पीड़ा शुरू हुई। घरवालों ने तुरंत एंबुलेंस बुलाई और उन्हें पिलखुवा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले गए। लेकिन जब स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने गुड़िया को हापुड़ जिला अस्पताल रेफर किया, तो एंबुलेंस में ही प्रसव का समय आ गया।रास्ते में ही महिला को प्रसव पीड़ा तेज हो गई और उन्होंने अस्पताल पहुंचने से पहले ही एंबुलेंस में बच्चे को जन्म दे दिया। यह देखकर एंबुलेंस में मौजूद डॉक्टर और स्वास्थ्य कर्मी भी हैरान रह गए।
गुड़िया और उनका 14वां बच्चा दोनों सुरक्षित हैं। अस्पताल पहुंचने के बाद महिला और बच्चे को मेडिकल देखरेख में रखा गया है।
गुड़िया के परिवार के सदस्य इस घटना को लेकर काफी घबराए हुए थे, लेकिन उनके अनुसार यह एक सामान्य प्रसव था और सब कुछ सही ढंग से हुआ। इमामुद्दीन ने बताया कि उनकी पत्नी ने पहले भी 13 बच्चों को जन्म दिया था, लेकिन 14वें बच्चे की डिलीवरी इतनी अजीब परिस्थितियों में हुई, यह उनका और पूरे परिवार के लिए एक नई और चौंकाने वाली घटना थी।
हापुड़ जिला अस्पताल के अधिकारियों ने भी महिला और बच्चे की स्थिति को सामान्य बताया और उनके जल्द स्वस्थ होने की कामना की। यह घटना क्षेत्र में चर्चा का विषय बन गई है, और लोग इस अजीब और दिलचस्प घटना को लेकर तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं।
फीमेल स्टैंडअप कॉमेडियन स्वाति सचदेवा ने अपनी मां को लेकर अश्लील कॉमेडी
सर्वोदय/मनोरंजन:- यूट्यूबर रणवीर अल्लाहबादिया के विवादित कॉमेंट किया था , जिसकी वजह से उनकी मुश्किलें अभी तक खत्म नहीं हुई हैं. लोगों का गुस्सा अभी शांत भी नहीं हुआ है कि फीमेल स्टैंडअप कॉमेडियन स्वाति सचदेवा ने अपने एक्ट से लोगों को एक बार फिर निराश कर दिया है . सोशल मीडिया पर स्वाति सचदेवा का एक वीडियो वायरल हो रहा है, जिसमें वह अपनी मां पर अश्लील कॉमेडी करती नजर आ रही हैं. स्वाति सचदेवा की कॉमेडी लोगों को पसंद ही आ रहा है और लोगों ने सोशल मीडिया पर उन्हें घेरना शुरु कर दिया है.
स्वाति सचदेवा ने बातों-बातों में वाइब्रेटर का जिक्र किया और उस कॉमेडी को मां से जोड़ दिया. उन्होंने बताया कि उनकी मां ने उनके कमरे में एक वाइब्रेटर पाया और फिर आगे क्या हुआ उन्होंने जिस अंदाज से बताया, उसके देखने के बाद लोगों का गुस्सा सातवें आसमान पर है.फीमेल स्टैंडअप कॉमेडियन स्वाति ने कहा,‘मेरी मां कूल मॉम बनने की कोशिश कर रही हैं, लेकिन उनसे हो नहीं पा रहा है. अभी हाल ही में मेरा उनके साथ एक हादसा हो गया, उन्होंने मेरा वाइब्रेटर पकड़ लिया था, वो मेरे पास पूरे आत्मविश्वास के साथ मेरे पास ठुमकते-ठुमकते आईं. मेरे पास आकर बोला कि इधर आओ और मेरे पास बैठो. आराम से बैठो, मुझे तुमसे एक दोस्त की तरह बात करनी है.’ स्वाति ने आगे कहा कि उन्हें देखने के बाद मुझे लगने लगा था कि ये पक्का मेरा वाइब्रेटर उधार मांगने वाली है.
https://x.com/IAbhay_Pratap/status/1905583872999354381?ref_src=twsrc%5Etfw%7Ctwcamp%5Etweetembed%7Ctwterm%5E1905583872999354381%7Ctwgr%5E1e356e941e455d37f804ef863e6ca9adbf26dbe1%7Ctwcon%5Es1_c10&ref_url=https%3A%2F%2Fapi-news.dailyhunt.in%2F
स्वाति का ये वीडियो वायरल हुआ तो लोग गुस्से से भड़क गए और लोगों ने कॉमेंट कर उन्हें ट्रोल करना शुरू कर दिया. एक यूजर ने लिखा- ‘ज्यादा कुछ कहूंगा तो मुझसे कहा जाएगा कि मेरी सोच ही छोटी है. इस लड़की को लग रहा है कि ये कूल है जबकि ये बेशर्मी है. जितनी बेशर्म ये लड़की है, उतने बेशर्म वहां बैठे हूहूहाहा करने वाले हैं. कॉमेडी के नाम पर हो रही नीचता में मम्मी-पापा तक को नहीं छोड़ा जा रहा है.’
कुछ ने शब्दों को ‘अश्लील’ कहा, जबकि कई ने उन्हें सार्वजनिक रूप से अपनी मां का अपमान करने के लिए फटकार लगाई.एक यूजर ने तो पीएमओ से ऐसे कॉमेडियनों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया और लिखा, ‘बेशर्म… शर्मनाक. थोड़ी बहुत हंसी मजाक चलती है पर ये तो अब हद ही कर रहे हैं… @GoI_MeitY @PMOIndia को इन शो में कंटेंट को बैन या प्रतिबंधित करना चाहिए.’ एक अन्य ने लिखा-‘खुद को फेमस करने के लिए पेरेंट्स की कोई इज्जत नहीं है.’
म्यांमार में भूकंप से 1644 लोगों की मौत, 3400 से अधिक घायल; राहत कार्य जारी
सर्वोदय/देश-विदेश:- म्यांमार में आए विनाशकारी भूकंप के कारण मृतकों का आंकड़ा बढ़कर 1644 तक पहुंच गया है। वहीं, 3400 से अधिक लोग घायल हो गए हैं। भूकंप के बाद राहत और बचाव कार्य तेज़ी से चल रहे हैं। म्यांमार में लगातार छह भूकंप के झटके महसूस किए गए थे और यह सिलसिला अब भी जारी है। कल से आज तक म्यांमार में 16 बार भूकंप के झटके महसूस किए गए हैं। यूरेशियन और इंडो-ऑस्ट्रेलियाई प्लेटों के बीच टकराव के कारण म्यांमार भूकंपीय दृष्टि से संवेदनशील है और यहां भूकंप आने का खतरा हमेशा बना रहता है।
भूकंप के प्रभाव: म्यांमार में भूकंप की तीव्रता इतनी अधिक थी कि यह कई इलाकों में भारी तबाही का कारण बन गई। सागाइंग फॉल्ट, जो म्यांमार के कई प्रमुख शहरों जैसे यांगून, मांडले, और बागो से होकर गुजरता है, ने इस आपदा के खतरे को और बढ़ा दिया है।
भारत का समर्थन: भारत ने संकट के इस समय में म्यांमार के साथ अपनी एकजुटता दिखाई है। ‘ऑपरेशन ब्रह्मा’ के तहत भारत ने म्यांमार को राहत और बचाव कार्यों के लिए 15 टन सामग्री, 80 सदस्यीय एनडीआरएफ टीम और एक फील्ड अस्पताल भेजा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने म्यांमार के वरिष्ठ जनरल से फोन पर बात कर उन्हें इस विनाशकारी भूकंप में हुई मौतों पर अपनी गहरी संवेदना व्यक्त की।
पीएम मोदी ने सोशल मीडिया पर जानकारी साझा करते हुए लिखा, “भारत इस कठिन समय में म्यांमार के साथ खड़ा है। ऑपरेशन ब्रह्मा के तहत आपदा राहत सामग्री, मानवीय सहायता, खोज और बचाव दल को प्रभावित क्षेत्रों में भेजा जा रहा है।”
भविष्य की स्थिति: म्यांमार में भूकंप के कारण हर साल कई बार भूकंपीय घटनाएं होती रहती हैं, जिससे यहां के लोग हमेशा भूकंप के खतरे से जूझते रहते हैं। 1990 से 2019 के बीच म्यांमार और उसके आस-पास के क्षेत्रों में 3.0 या उससे अधिक तीव्रता वाले लगभग 140 भूकंप आए हैं। भूकंप के बाद म्यांमार में राहत कार्यों की रफ्तार तेज़ कर दी गई है, और अंतर्राष्ट्रीय समुदाय भी इस संकट की घड़ी में म्यांमार के साथ है।
चैत्र नवरात्र कल से शुरू, सुबह इतने बजे शुरू हो जाएगा कलश स्थापना का शुभ मुहूर्त
सर्वोदय/लखनऊ:- हिन्दू धर्म में चैत्र नवरात्र का महत्व बहुत अधिक है, जो हर साल चैत्र माह की शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि से प्रारंभ होता है। इस वर्ष चैत्र नवरात्र 2025 का आरंभ कल, 30 मार्च, रविवार से होगा। नवरात्रि के पहले दिन मां दुर्गा के भक्त उनकी पूजा-अर्चना के लिए तैयार होते हैं और व्रत रखते हैं।
कलश/घटस्थापना का शुभ मुहूर्त:
चैत्र नवरात्र के पहले दिन घटस्थापना की जाती है, जो इस अवसर पर एक महत्वपूर्ण धार्मिक रस्म है। इस वर्ष घटस्थापना का शुभ मुहूर्त 30 मार्च को सुबह 6:08 बजे से 10:08 बजे तक रहेगा। इस समय के बीच श्रद्धालु अपने घरों में कलश स्थापित करके मां दुर्गा की पूजा आरंभ करेंगे। नवरात्रि के पहले दिन का महत्व विशेष रूप से इस रूप में है कि यह शुभ दिन न केवल मां दुर्गा की पूजा का आरंभ है, बल्कि यह नए आरंभ और सकारात्मक ऊर्जा का प्रतीक भी माना जाता है।
नवरात्रि की तैयारियां:
चैत्र नवरात्रि का आरंभ होने से पहले लोग घरों को स्वच्छ करके सजाते हैं और नौ दिनों तक व्रत रखते हुए पूजा-अर्चना करते हैं। इसके अलावा, खासतौर पर दुर्गा पूजा और किलों पर होने वाली हवन की तैयारियां भी जोरों पर होती हैं।
आध्यात्मिक और धार्मिक दृष्टि से यह पर्व न केवल व्यक्तिगत उन्नति और सुख-संपत्ति की प्राप्ति के लिए महत्वपूर्ण होता है, बल्कि यह समाज में एकता और श्रद्धा का प्रतीक भी है।
नवरात्रि के महत्त्व:
चैत्र नवरात्रि को विशेष रूप से देवी के नौ रूपों की पूजा के रूप में मनाया जाता है। इन नौ दिनों में भक्त अलग-अलग रूपों में मां दुर्गा की पूजा करते हैं और उनका आशीर्वाद प्राप्त करते हैं।
आध्यात्मिक उन्नति, सुख-समृद्धि और शांति की प्राप्ति के लिए नवरात्रि एक श्रेष्ठ समय होता है, और इस दौरान किए गए व्रत और पूजन से विशेष लाभ प्राप्त होता है।चैत्र नवरात्र के इस पर्व पर हम सभी मां दुर्गा से सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना करते हैं।
प्रभु श्रीराम के सूर्य तिलक के लिए आईआईटी टीम ने राम मंदिर के शिखर पर लगाया स्थायी लेंस,जानें कैसे पहुंचेगी किरण…
सर्वोदय/अयोध्या:- रामनगरी अयोध्या एक बार फिर भक्ति और उल्लास से सराबोर है। 6 अप्रैल को रामनवमी के पावन पर्व पर प्रभु श्रीराम का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया जाएगा।दोपहर 12 बजे का वह पवित्र क्षण जब प्रभु श्रीराम राम का जन्म हुआ था,हर राम भक्त के लिए अद्भुत अनुभव लेकर आएगा। दोपहर 12 बजे ठीक 4 मिनट तक भगवान सूर्य अपनी किरणों से प्रभु श्रीराम के मस्तक पर तिलक करेंगे। यह दुर्लभ और दिव्य दृश्य रामनगरी के हर कोने के साथ-साथ देशभर में प्रसारित किया जाएगा।
रामनवमी के दिन राम मंदिर में प्रभु श्रीराम के मस्तक पर सूर्य तिलक के लिए आईआईटी रुड़की की टीम ने इस बार स्थाई व्यवस्था कर दी है। राम मंदिर के शिखर के शीर्ष पर कलश के नीचे वाले भाग यानी आमलक पर स्थाई लेंस लगा दिया गया है। अब राम मंदिर का केवल कलश वाला ही भाग बनना बचा है।
ऐसे में अब लेंस को हटाने की जरूरत नहीं होगी। इस लेंस के माध्यम से ही सूर्य की किरणें परावर्तित होकर पीतल के पाइप से होते हुए प्रभु श्रीराम के मस्तक पर पहुंचेंगी।पाइप में भी विभिन्न कोणों पर लेंस इस तरह से लगाए गए है l ताकि ठीक 12 बजे राम मंदिर के शिखर पर आने वाले किरणें इन लेंस के जरिए सीधे मस्तक को सुशोभित कर सकें। इस बार छह अप्रैल को रामनवमी पड़ रही है।
रामनवमी के अवसर पर प्रभु श्रीराम के प्राकट्य के क्षणों में उनके मस्तक पर सूर्य तिलक की व्यवस्था अब बीस वर्षो तक के लिए स्थायी हो जाएगी।राम मंदिर के शिखर का निर्माण इस व्यवस्था के लिए आवश्यक ऊंचाई तक पहुंच चुका है।इसके कारण कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग के जरिए 20 साल तक सूर्य की गति के मुताबिक राम नवमी पर दोपहर ठीक 12 बजे सूर्य किरणों को परावर्तित कर राम मंदिर के अंदर भेजकर प्रभु श्रीराम के मस्तक पर उनका अभिषेक कराया जाएगा।हर 20 साल में सूर्य की गति में परिवर्तन होता है। इसके कारण वैज्ञानिकों ने ऐसी व्यवस्था निर्धारित की है ताकि सम्बन्धित उपकरणों की दिशा निर्धारित कोण पर मैनुअली परिवर्तित की जा सके और फिर से कम्प्यूटर प्रोग्रामिंग के जरिए अगले 20 सालों तक सूर्य अभिषेक यथावत संभव हो सके।
प्रभु श्रीराम के मस्तक पर सूर्य तिलक के लिए आईआईटी रुड़की की टीम ने खास सिस्टम बनाया है। सूर्य तिलक के लिए अष्टधातु के 20 पाइप से 65 फीट लंबा सिस्टम बनाया गया। इसमें 4 लेंस और 4 मिरर के जरिए गर्भ गृह तक प्रभु श्रीराम के मस्तक पर किरणें पहुंचाई जाएंगी।
यात्री सुविधा और सुरक्षा में वृद्धि:महामना एक्सप्रेस को मिलेगा एलएचबी कोचों का अपग्रेड, यात्रा होगी और भी आरामदायक
सर्वोदय/लखनऊ:- उत्तर रेलवे, लखनऊ मण्डल द्वारा रेल यात्रियों की सुविधा और सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए यात्रियों की यात्रा को सुखद, सुरक्षित और आरामदायक बनाने के उद्देश्य से निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। इस कड़ी में आगामी 29 मार्च 2025 से वाराणसी जंक्शन से नई दिल्ली के बीच चलने वाली गाड़ी संख्या 22417/22418 महामना एक्सप्रेस को उच्चीकृत (अपग्रेड) किया जाएगा। इस ट्रेन के रैक को अब आधुनिक लिंक हॉफमैन बुश (LHB) कोचों के साथ संचालित किया जाएगा।
महामना एक्सप्रेस का अपग्रेडेशन:
उत्तर रेलवे, लखनऊ मण्डल ने यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को ध्यान में रखते हुए इस ट्रेन में संरचनात्मक परिवर्तन किए हैं। अब ट्रेन के सभी इंटीग्रल कोच फैक्ट्री (ICF) कोचों को LHB कोचों में बदला जा रहा है, जिससे यात्रियों को अधिक सुरक्षित और आरामदायक यात्रा का अनुभव मिलेगा। इसके अलावा, कोचों की संख्या भी बढ़ाकर 22 की जा रही है, जिसमें 8 स्लीपर, 4 तृतीय श्रेणी वातानुकूलित, 1 प्रथम श्रेणी वातानुकूलित, 2 द्वितीय श्रेणी वातानुकूलित, 4 सामान्य श्रेणी, 1 रसोइयान, 1 SLRD और 1 जेनरेटर कोच शामिल होंगे।
गाड़ी संख्या 22417/22418 महामना एक्सप्रेस भारतीय रेलवे की पहली महामना श्रेणी की ट्रेन है, जिसे 22 जनवरी 2016 को भारत के प्रधानमंत्री, माननीय श्री नरेंद्र मोदी द्वारा वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से वाराणसी जंक्शन से हरी झंडी दी गई थी। यह ट्रेन नई दिल्ली और वाराणसी के बीच सप्ताह में तीन दिन संचालित होती है और अपने रास्ते में गाजियाबाद, मुरादाबाद, बरेली, लखनऊ, निहालगढ़, सुलतानपुर और जौनपुर सिटी जैसे प्रमुख स्टेशनों पर ठहराव करती है।

LHB कोचों की विशेषताएँ और लाभ:
LHB कोचों को आधुनिक तकनीक से डिज़ाइन किया गया है, जो यात्रियों को अधिक आरामदायक और सुरक्षित यात्रा का अनुभव प्रदान करते हैं। इनके प्रमुख लाभों में शामिल हैं:
सुरक्षा में वृद्धि: LHB कोच टेलिस्कोपिक टक्कर अवशोषण तकनीक से लैस होते हैं, जिससे दुर्घटना के समय झटकों का प्रभाव कम होता है।
उच्च गति क्षमता: ये कोच 160 किमी/घंटा तक की गति से चल सकते हैं, जिससे यात्रा का समय कम होता है।
अधिक आरामदायक यात्रा:LHB कोचों में बड़े खिड़कियाँ, बेहतर वेंटिलेशन और उन्नत सस्पेंशन सिस्टम होता है, जिससे यात्रा अधिक आरामदायक होती है।

कम ध्वनि और झटके: ICF कोचों की तुलना में LHB कोचों में ध्वनि और कंपन कम होते हैं, जिससे यात्रियों को शांतिपूर्ण यात्रा का अनुभव मिलता है।
अधिक वहन क्षमता: LHB कोच हल्के होते हैं और इनमें अधिक यात्रियों को समायोजित करने की क्षमता होती है।
लंबी आयु: इन कोचों की आयु ICF कोचों की तुलना में अधिक होती है, जिससे रखरखाव की लागत कम होती है।
उत्तर रेलवे, लखनऊ मण्डल यात्रियों की सुरक्षा और सुविधा को सर्वोपरि मानते हुए निरंतर सुधार और वृद्धि की दिशा में काम कर रहा है। महामना एक्सप्रेस में किए गए LHB कोचों के अपग्रेडेशन से यात्रियों को उच्च गुणवत्ता वाली सुविधाएँ प्राप्त होंगी और उनकी यात्रा का अनुभव और भी सुगम एवं आरामदायक होगा। उक्त जानकारी कुलदीप तिवारी वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबन्धक, उत्तर रेलवे, लखनऊ ने दी |



