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सीमा पर बढ़ा तनाव: BSF का आदेश – 48 घंटे में फसल काटें, खेत खाली करें; बड़ा ऑपरेशन या खतरा?

देश- विदेश/सर्वोदय:- पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान के बीच तनाव अपने चरम पर है और अब पंजाब के सरहदी इलाकों में सुरक्षा एजेंसियों की गतिविधियां तेज हो गई हैं। सीमा सुरक्षा बल (BSF) ने पंजाब के सीमावर्ती किसानों को सख्त आदेश दिया है कि वे कंटीली तार के पार बोई गई फसल को 48 घंटे के भीतर काटकर खेत खाली करें। इस फैसले के बाद सीमावर्ती क्षेत्रों में दहशत का माहौल है और संभावित सैन्य कार्रवाई या आतंकी गतिविधि की आशंका जताई जा रही है।

गुरुद्वारों से करवाई गई अनाउंसमेंट, किसानों में हड़कंप

अमृतसर, फिरोजपुर, गुरदासपुर और पठानकोट के सीमावर्ती गांवों में BSF की तरफ से गुरुद्वारों के माध्यम से घोषणाएं करवाई जा रही हैं। संदेश साफ है – “48 घंटे के भीतर फसल काट लें, वरना गेट बंद कर दिए जाएंगे।” इस सूचना के बाद किसान बिना देर किए कंबाइनों के साथ खेतों में जुट गए हैं।

सीमा पर गोली मारने के आदेश, गश्त बढ़ाई गई

बॉर्डर पर हालात तेजी से बदल रहे हैं। पठानकोट से फाजिल्का तक फैली 553 किलोमीटर लंबी सीमा पर सुरक्षा बलों की तैनाती और गश्त बढ़ा दी गई है। BSF की क्विक रिएक्शन टीमों को पूरी तरह अलर्ट पर रखा गया है। किसी भी संदिग्ध गतिविधि पर ‘देखते ही गोली मारने’ के निर्देश दिए गए हैं। गांववालों से कहा गया है कि किसी भी तरह की हलचल या संदिग्ध व्यक्ति की सूचना तुरंत दें।

सरहदी गांवों के खाली होने की संभावना

फिरोजपुर के कालू वाला गांव जैसे कई इलाके, जो नदी से घिरे और पाकिस्तान की सीमा के बेहद करीब हैं, सबसे संवेदनशील माने जा रहे हैं। ग्रामीणों को डर सता रहा है कि तनाव बढ़ा तो इन्हें फिर से गांव खाली करने को कहा जा सकता है – जैसा पहले भी कई बार हुआ है।

खास परमिट पर खेती, कंटीली तार के पार जमीन

पंजाब के इन सीमावर्ती किसानों को विशेष परमिट के आधार पर जीरो लाइन के पास खेती की इजाजत होती है। फसल बोने और काटने के दौरान BSF के जवान उनकी निगरानी करते हैं। लेकिन मौजूदा हालात को देखते हुए सुरक्षा सर्वोपरि है और फसल से ज्यादा चिंता सीमा की है।

क्या आने वाला है कुछ बड़ा?

BSF का यह कदम केवल एहतियात है या किसी बड़े ऑपरेशन की तैयारी? इस पर आधिकारिक तौर पर कुछ नहीं कहा गया है, लेकिन सीमा पर बढ़ी हलचल और किसानों को दिए गए सख्त निर्देश संकेत जरूर दे रहे हैं कि हालात सामान्य नहीं हैं।

टू नेशन थ्योरी, हिंदू-मुस्लिम अलग; भारत के एक्शन से घबराए पाक आर्मी चीफ ने फिर उगला जहर

देश-विदेश/ सर्वोदय:-  पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत और पाकिस्तान के बीच तनाव और गहरा गया है। इसी बीच पाकिस्तान के सेना प्रमुख जनरल आसिम मुनीर ने एक बार फिर भारत विरोधी बयानबाजी करते हुए ‘टू नेशन थ्योरी’ का राग अलापा है। खैबर-पख्तूनख्वा के काकुल स्थित पाकिस्तान मिलिट्री अकादमी (पीएमए) में कैडेट्स की पासिंग आउट परेड को संबोधित करते हुए मुनीर ने कहा कि “मुसलमान और हिंदू दो अलग राष्ट्र हैं।”

मुनीर ने अपने भाषण में कहा, “पाकिस्तान कई बलिदानों के बाद बना है और हम जानते हैं कि इसकी रक्षा कैसे करनी है। हमारे धर्म, रीति-रिवाज, सोच और आकांक्षाएं हिंदुओं से अलग हैं। यही टू नेशन थ्योरी की नींव है।”

उनके इस बयान को हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले से जोड़कर देखा जा रहा है, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान गई थी। भारत ने इस हमले को लेकर पाकिस्तान पर सीधा आरोप लगाया है और इसके जवाब में सिंधु जल संधि को आंशिक रूप से निलंबित करने जैसे कड़े कदम उठाए हैं।

यह पहला मौका नहीं है जब मुनीर ने इस प्रकार का बयान दिया हो। कुछ दिन पहले इस्लामाबाद में एक कार्यक्रम में भी उन्होंने यही दोहराया था कि “हिंदू और मुसलमान जीवन के हर पहलू में अलग हैं। यही सोच पाकिस्तान के निर्माण की नींव थी।”

कश्मीर को लेकर भी मुनीर ने विवादित टिप्पणी की। उन्होंने कहा, “कश्मीर हमारी गले की नस था, है और रहेगा। हम अपने कश्मीरी भाइयों को उनके संघर्ष में कभी अकेला नहीं छोड़ेंगे।” भारत ने इस बयान को सख्ती से खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि जम्मू-कश्मीर और लद्दाख भारत का अभिन्न अंग थे, हैं और रहेंगे।

2019 में अनुच्छेद 370 हटाए जाने के बाद से भारत और पाकिस्तान के बीच रिश्ते लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। पाकिस्तान की तरफ से आए ऐसे बयान न सिर्फ क्षेत्रीय शांति के लिए खतरा हैं, बल्कि भारत की संप्रभुता को चुनौती देने वाले हैं। भारत सरकार ने कहा है कि वह ऐसे किसी भी उकसावे का मुंहतोड़ जवाब देने के लिए पूरी तरह तैयार है।

100 साल पुराने इस मंदिर की रहस्यमय कहानी, भक्तों की पूरी होती है मन्नत

सिरोही(राजस्थान)/सर्वोदय:- सिरोही रियासत की प्राचीन राजधानी रही चंद्रावती नगरी के पास स्थित मां चामुंडा मंदिर न केवल धार्मिक दृष्टि से बल्कि ऐतिहासिक दृष्टिकोण से भी बेहद महत्वपूर्ण है। यह मंदिर एक पहाड़ी पर स्थित है और श्रद्धालुओं की अपार आस्था का केंद्र बना हुआ है।

इतिहास से जुड़ी गहराई: परमार और देवड़ा राजवंशों की छाया में चंद्रावती

चंद्रावती नगरी एक समय सिरोही रियासत की राजधानी रही है। इस ऐतिहासिक नगरी पर परमार और देवड़ा शासकों का राज रहा। माना जाता है कि इसी कालखंड में मां चामुंडा का यह मंदिर अस्तित्व में आया। स्थानीय निवासी गणेश देवासी के अनुसार, यह मंदिर बेहद प्राचीन है और गांव के साथ-साथ आसपास के क्षेत्रों में भी इसकी गहरी मान्यता है।

 100 वर्ष से भी पुराना मंदिर, हाल ही में हुआ जीर्णोद्धार

वर्तमान मंदिर की संरचना करीब 100 साल पुरानी मानी जाती है। समय के साथ प्रतिमा का कुछ हिस्सा खंडित हो गया था, जिसे लेकर अक्टूबर 2024 में संतों के सान्निध्य में प्राण प्रतिष्ठा की गई। इस दौरान मंदिर का जीर्णोद्धार भी करवाया गया। हर वर्ष यहां मंदिर का वार्षिक मेला आयोजित होता है, जिसमें दूर-दूर से श्रद्धालु माता के दर्शन के लिए पहुंचते हैं।

 पहुंचना हुआ आसान, मंदिर तक बना वाहन मार्ग

मंदिर तक पहले श्रद्धालुओं को लगभग 150 सीढ़ियां चढ़कर जाना पड़ता था। लेकिन अब एनएच-27 से चंद्रावती गांव होते हुए वाहनों के लिए सीधा रास्ता बना दिया गया है, जिससे श्रद्धालुओं को मंदिर तक पहुंचने में आसानी होती है। रास्ते में स्थित गौशाला में दो दर्जन से अधिक गायों की सेवा की जाती है।

पास ही है चंद्रावती की ऐतिहासिक नगरी और वॉच टावर

मंदिर के पास ही स्थित है चंद्रावती की प्राचीन नगरी, जो 12वीं से 14वीं शताब्दी के दौरान अपने वैभव के लिए प्रसिद्ध थी। यह नगरी कभी गुजरात जाने वाले मार्ग पर पड़ती थी और इसलिए मुगल आक्रांताओं द्वारा कई बार लूटी गई।

पुरातत्व विभाग द्वारा की गई खुदाई में यहां से कई प्राचीन मंदिरों के अवशेष, मूर्तियाँ और स्थापत्य के नमूने प्राप्त हुए हैं, जो आज चंद्रावती म्यूजियम और माउंट आबू के राजभवन म्यूजियम में संरक्षित हैं।

आस्था और इतिहास का संगम

मां चामुंडा का चंद्रावती मंदिर सिर्फ एक धार्मिक स्थल नहीं, बल्कि इतिहास, आस्था और संस्कृति का अद्भुत संगम है। नवरात्रि जैसे पर्वों पर यह स्थल हजारों भक्तों की आस्था का केंद्र बन जाता है। यदि आप सिरोही या माउंट आबू की यात्रा पर हैं, तो इस मंदिर के दर्शन करना न भूलें।

सीमा हैदर के समर्थन में उतरीं राखी सावंत, बोलीं- “वो अब भारत की बहू है, कोई फुटबॉल नहीं”

नई दिल्ली/सर्वोदय:-  पाकिस्तानी मूल की सीमा हैदर को लेकर एक बार फिर विवाद गहराता जा रहा है। साल 2023 में अवैध रूप से भारत आकर ग्रेटर नोएडा के रबूपुरा निवासी सचिन मीना से शादी करने वाली सीमा हैदर का मामला अब और संवेदनशील हो गया है। केंद्र सरकार ने 25 अप्रैल को आदेश जारी किया कि सभी पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ना होगा और 27 अप्रैल से उनकी वीजा सेवाएं रद्द कर दी जाएंगी। इसी बीच बॉलीवुड अभिनेत्री और सोशल मीडिया पर्सनैलिटी राखी सावंत ने सीमा का समर्थन करते हुए सरकार से भावुक अपील की है।

राखी सावंत का वीडियो वायरल, कहा– “सीमा अब हिंदुस्तान की बहू है

राखी सावंत ने शुक्रवार शाम अपने आधिकारिक इंस्टाग्राम हैंडल से एक वीडियो जारी कर कहा, “सीमा को पाकिस्तान नहीं भेजना चाहिए। वो अब भारत की बहू है, सचिन की पत्नी है और एक मां है। वह हिंदू धर्म अपना चुकी है और भारत के समर्थन में बोलती है। उसके साथ ऐसा बर्ताव नहीं होना चाहिए।” राखी ने अपने बयान में कहा कि एक महिला को इस तरह निर्वासित करना अन्यायपूर्ण है। “वो कोई फुटबॉल नहीं है जिसे कभी इधर, कभी उधर भेजा जाए। यह मेरी सरकार से विनम्र गुजारिश है कि सीमा हैदर के साथ इंसाफ किया जाए।”

क्या है सीमा हैदर का पूरा मामला?

32 वर्षीय सीमा हैदर साल 2023 में अपने चार बच्चों के साथ नेपाल के रास्ते भारत आई थीं। उन्होंने 24 वर्षीय सचिन मीना से विवाह किया और हिंदू धर्म अपना लिया। इस प्रेम कहानी ने सोशल मीडिया और मीडिया दोनों में खूब सुर्खियां बटोरीं। लेकिन अवैध रूप से भारत आने के कारण उनकी नागरिकता और कानूनी स्थिति को लेकर विवाद शुरू हो गया।फिलहाल उनकी नागरिकता याचिका कोर्ट में लंबित है और गृह मंत्रालय उनके दस्तावेजों की जांच कर रहा है।

वीजा निलंबन का कारण: आतंकी हमला और बढ़ता तनाव

22 अप्रैल को जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले में 25 भारतीय और एक नेपाली नागरिक की जान गई थी। इसके बाद भारत सरकार ने पाकिस्तान के नागरिकों के लिए सभी वीजा सेवाएं तत्काल प्रभाव से रद्द कर दीं। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस हमले के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की बात कही, जिसके बाद भारत-पाक रिश्तों में तनाव और बढ़ गया।

सोशल मीडिया पर बढ़ी बहस: “सीमा हैदरकानून बनाम इंसानियत

सीमा हैदर को लेकर सोशल मीडिया पर राय बंटी हुई है। एक ओर लोग उन्हें मानवीय दृष्टिकोण से भारत में रहने देने की मांग कर रहे हैं, वहीं दूसरी ओर सुरक्षा और कानूनी पहलुओं की ओर ध्यान दिलाया जा रहा है।

क्या आगे होगा?

अब सबकी नजर सरकार के अगले कदम पर है। क्या सीमा हैदर को भारत में रहने दिया जाएगा या उन्हें पाकिस्तान वापस भेजा जाएगा — यह फैसला सिर्फ कानून का नहीं, बल्कि मानवीयता और राजनीतिक दृष्टिकोण का भी परीक्षण होगा।

“मैं भारत की बहू हूं, मुझे हिंदुस्तान से मत निकालो…” सीमा हैदर की भावुक अपील PM मोदी और CM योगी से

नई दिल्ली/सर्वोदय:- पाकिस्तान से भारत आईं सीमा हैदर एक बार फिर सुर्खियों में हैं। उत्तर प्रदेश में अपने पति सचिन मीणा और चार बच्चों के साथ रह रही सीमा ने हाल ही में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक भावुक अपील की है। उन्होंने आग्रह किया है कि उन्हें भारत से निर्वासित न किया जाए क्योंकि अब भारत ही उनका घर है।

आतंकी हमले के बाद उठा मामला, सीमा की नागरिकता पर सस्पेंस जारी

हाल ही में जम्मू-कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद केंद्र सरकार ने पाकिस्तानी नागरिकों को भारत छोड़ने के निर्देश दिए हैं। इसी संदर्भ में सीमा हैदर ने एक वीडियो जारी कर अपनी बात कही, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।

वीडियो में सीमा कहती हैं, “मैं भारत की बहू हूं, मेरे बच्चे यहीं स्कूल जाते हैं, मेरी पूरी ज़िंदगी अब भारत में है। मुझे मेरे देश से मत निकालिए।”

सीमा हैदर के समर्थन में उतरीं राखी सावंत, बोलीं- “वो अब भारत की बहू है, कोई फुटबॉल नहीं”

कानूनी प्रक्रिया में मामला, गृह मंत्रालय कर रहा जांच

सीमा हैदर की नागरिकता याचिका फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। गृह मंत्रालय द्वारा उनके दस्तावेजों की जांच की जा रही है। अभी तक भारत सरकार की ओर से कोई औपचारिक निर्वासन आदेश जारी नहीं किया गया है, लेकिन उनकी कानूनी स्थिति अनिश्चित बनी हुई है।

उनके वकील का कहना है कि: “सीमा का विवाह एक भारतीय नागरिक से हुआ है, उनके बच्चे भारत में रह रहे हैं और पढ़ाई कर रहे हैं। ऐसे में उन्हें मानवीय आधार पर भारत में रहने की अनुमति मिलनी चाहिए।”

सोशल मीडिया पर बहस तेज, कुछ समर्थन में तो कुछ कर रहे हैं कानून की बात

सोशल मीडिया पर सीमा के बयान को लेकर लोगों की मिली-जुली प्रतिक्रियाएं सामने आ रही हैं। कई यूजर्स ने इंसानियत की दुहाई दी है, वहीं कुछ लोगों ने इसे सुरक्षा और कानून व्यवस्था का विषय बताया है। एक यूज़र ने कमेंट किया: “इंसानियत और कानून के बीच संतुलन ज़रूरी है। सरकार को सोच-समझकर निर्णय लेना चाहिए।”

 

विशेषज्ञों की राय क्या कहती है?

कानूनी विशेषज्ञों के अनुसार, किसी विदेशी नागरिक का विवाह भारतीय नागरिक से हुआ हो और उसका परिवार भारत में रह रहा हो, तो ऐसे मामलों में मानवीय पहलू को प्राथमिकता दी जाती है। लेकिन सुरक्षा की दृष्टि से हर पहलू की जांच आवश्यक है।

क्या भारत सीमा हैदर को अपनाएगा?

सीमा हैदर का मामला अब केवल एक विदेशी नागरिक की याचिका नहीं, बल्कि भारत की नागरिकता नीति, अंतरराष्ट्रीय रिश्तों और मानवता के बीच संतुलन का विषय बन चुका है। अब देखना यह है कि सरकार इस मामले में क्या रुख अपनाती है।

 

पहलगाम आतंकी हमले के बाद भारत-पाकिस्तान में तनाव, पाकिस्तानी नागरिक खुद अपनी सरकार का उड़ा रहे मजाक!

नई दिल्ली/ सर्वोदय:-  22 अप्रैल को कश्मीर की खूबसूरत वादियों में पहलगाम के बैसारन घास के मैदान में आतंक ने अपना खौफनाक चेहरा दिखाया। आतंकियों ने निहत्थे नागरिकों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जिसमें 26 निर्दोष लोगों की जान चली गई। इस कायराना हमले ने भारत को झकझोर कर रख दिया। भारत ने इस हमले के बाद पाकिस्तान के खिलाफ सख्त कदम उठाए — राजनयिक संबंध सीमित कर दिए गए और सिंधु जल संधि पर बातचीत भी रोक दी गई। तनाव चरम पर है, और दोनों देशों के बीच टकराव का खतरा बढ़ गया है। लेकिन इस बीच पाकिस्तान के आम नागरिकों ने एक अलग ही मोर्चा खोल दिया है — सोशल मीडिया पर अपनी सरकार और देश की हालत का जमकर मजाक उड़ाते हुए।

‘अगर हमला करना है तो 9 बजे से पहले कर लेना’ — पाकिस्तानियों का तंज!

पाकिस्तान में इन दिनों हालात कुछ ऐसे हैं कि लोग खुद ही अपने देश की कमजोरियों पर हंस रहे हैं।
एक यूजर ने तंज कसा,”अगर भारत को जंग करनी है तो 9 बजे से पहले कर ले, 9:15 पर तो हमारी गैस ही चली जाती है!”

यह कटाक्ष पाकिस्तान में हर रोज होने वाली बिजली और गैस कटौती पर सीधा वार था।

वहीं कराची की खतरनाक हवा पर एक और यूजर ने मजाकिया अंदाज में लिखा, “भारतीयों! कराची पर हमला करने आओ तो मोबाइल फोन भारत में छोड़ कर आना, यहां की हवा में इलेक्ट्रॉनिक्स भी खराब हो जाते हैं!”

‘लाहौर मांगने से पहले लाहौर कलंदर्स का मैच देख लो!’

तनाव के माहौल में भी पाकिस्तानी क्रिकेट प्रेमी पीछे नहीं रहे।लाहौर कलंदर्स की खराब हालत पर चुटकी लेते हुए एक यूजर ने लिखा,”पहले टीवी पर लाहौर कलंदर्स का मैच देख लो, फिर लाहौर मांगने का सोचना… IPL में भी इन्हें खिलाना पड़ेगा!”

एक और यूजर ने व्यंग्य करते हुए कहा,”अगर भारत ने लाहौर में मेरे ऑफिस पर मिसाइल मारी… तो देख लेना, जब सब लोग ऑफिस में हों, तब मारना। अकेला बच जाऊंगा तो बवाल कर दूंगा!”

देश के आर्थिक संकट पर भी सोशल मीडिया पर खूब तंज देखने को मिले। किसी ने लिखा, “हमने आधी दुनिया का कर्ज़ देना है, इसलिए भारत हमें अटैक नहीं करेगा। सो जाओ सब!”

महंगाई, प्रदूषण और कर्ज के तले दबा पाकिस्तान

आज पाकिस्तान महंगाई, भारी कर्ज़ और खराब बुनियादी ढांचे से जूझ रहा है। कराची जैसे बड़े शहरों की वायु गुणवत्ता इतनी खराब है कि वह दुनिया के सबसे प्रदूषित शहरों में गिना जाता है।

ऐसे में आम नागरिक सोशल मीडिया के जरिए अपनी निराशा और गुस्सा हास्य में बदल रहे हैं — और यही व्यंग्यपूर्ण अंदाज सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।

 

आज का राशिफल: 12 राशियों के लिए कैसा रहेगा शनिवार का दिन? जानें सेहत, प्रेम और व्यापार की स्थिति

लखनऊ/सर्वोदय:- आज का दिन कुछ राशियों के लिए सावधानी भरा है तो कुछ के लिए उम्मीद की किरण लेकर आया है। स्वास्थ्य से लेकर व्यापार तक, सितारे क्या कहते हैं, आइए जानते हैं 12 राशियों का विस्तृत हाल:

वृषभ राशि (Taurus): आज आय में उतार-चढ़ाव की स्थिति बनी रहेगी। मानसिक अशांति रहेगी और स्वास्थ्य पर असर दिख सकता है। प्रेम और संतान की स्थिति सामान्य है। हरी वस्तु पास रखना शुभ होगा।

मिथुन राशि (Gemini): कोर्ट-कचहरी के मामलों से बचें। सीने में विकार की आशंका है। पिता के स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहें। कुल मिलाकर स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार में मध्यम स्थिति है। काली जी को प्रणाम करें।

कर्क राशि (Cancer): स्वास्थ्य को लेकर सतर्क रहने की आवश्यकता है। जोखिम से बचें और अनावश्यक यात्रा टालें। अपमानित होने की आशंका है। प्रेम और संतान की स्थिति संतोषजनक है। लाल वस्तु अपने पास रखें।

 सिंह राशि (Leo): चोट-चपेट लग सकती है, वाहन सावधानी से चलाएं। परिस्थितियाँ प्रतिकूल हैं, धैर्य से काम लें। प्रेम और व्यापार अच्छा रहेगा। काली वस्तु का दान लाभकारी होगा।

कन्या राशि (Virgo): खुद और जीवनसाथी के स्वास्थ्य का ध्यान रखें। नौकरी में जोखिम न लें। प्रेम और व्यापार मध्यम रहेंगे। शनिदेव को प्रणाम करना लाभदायक होगा।

तुला राशि (Libra): शत्रुओं की संख्या बढ़ सकती है, लेकिन अंततः जीत आपकी होगी। स्वास्थ्य और व्यापार प्रभावित होंगे। पीली वस्तु का दान करें।

 वृश्चिक राशि (Scorpio): मानसिक तनाव की स्थिति बन सकती है। बच्चों की सेहत का ध्यान रखें। प्रेम संबंधों में वाद-विवाद से बचें। पीली वस्तु साथ रखें।

धनु राशि (Sagittarius): घर में कलह की संभावना है, परिवार में सामंजस्य बनाए रखें। भूमि या वाहन की खरीद फिलहाल टालें। प्रेम और व्यापार सामान्य रहेंगे। लाल वस्तु पास रखें।

मकर राशि (Capricorn): व्यापार में अड़चनें आ सकती हैं। खुद और अपनों के स्वास्थ्य पर ध्यान दें। नाक, कान, गले की समस्या हो सकती है। काली जी को प्रणाम करें।

कुंभ राशि (Aquarius): धन और परिवार में हानि की संभावना है। मुख संबंधी रोगों से सतर्क रहें। प्रेम और व्यापार सामान्य रहेंगे। हरी वस्तु पास रखें।

मीन राशि (Pisces): चौतरफा परेशानी का समय है। स्वास्थ्य, प्रेम और व्यापार सभी क्षेत्रों में कठिनाई हो सकती है। सतर्कता और संयम से दिन बिताएं। काली वस्तु का दान करें।

 

मात्र 43 दिन में घोषित हुए यूपी बोर्ड के परिणाम, हाईस्कूल का परिणाम 90.11% और इंटर का 81.15% रहा

लखनऊ/प्रयागराज/ सर्वोदय:-  उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा परिषद ने शुक्रवार को वर्ष 2025 की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षाओं का परिणाम घोषित कर दिया। योगी सरकार की सक्रियता और पारदर्शी व्यवस्था के चलते इस बार सिर्फ 43 दिनों में परीक्षा परिणाम घोषित कर नया कीर्तिमान स्थापित किया गया। हाईस्कूल के समस्त परीक्षार्थियों का उत्तीर्ण प्रतिशत 90.11 रहा, जबकि इंटरमीडिएट का उत्तीर्ण प्रतिशत 81.15 रहा। इंटरमीडिएट में महक जायसवाल, बच्चा राम यादव इंटर कॉलेज, भुलाई का पूरा (प्रयागराज) ने 97.20% अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। वहीं, हाई स्कूल में यश प्रताप सिंह, स्व० श्रीमती रसकेंद्री देवी इंटर कॉलेज, उमरी (जालौन) ने 97.83% अंकों के साथ प्रथम स्थान प्राप्त किया। हर बार की तरह इस बार भी लड़कियों ने बेहतर प्रदर्शन किया है। हाई स्कूल में बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत बालकों के उत्तीर्ण प्रतिशत से 7.21 अधिक है। वहीं, इंटरमीडिएट में बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत बालकों के उत्तीर्ण प्रतिशत से 9.77 अधिक है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सभी उत्तीर्ण परीक्षार्थियों को बधाई दी हैं और उनको बेहतर भविष्य के लिए शुभकामना दी है।

रिकॉर्ड समय में घोषित हुआ रिजल्ट

शिक्षा निदेशक (माध्यमिक) महेंद्र देव एवं सचिव माध्यमिक शिक्षा परिषद भगवती सिंह ने रिजल्ट की घोषणा की। उन्होंने बताया कि इस वर्ष की हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट की परीक्षाएं 24 फरवरी 2025 से 12 मार्च 2025 के मध्यम संपन्न हुईं। मुख्यमंत्री जी के निर्देश पर यूपी बोर्ड द्वारा कुल 8140 परीक्षा केंद्रों पर 13 कार्यदिवसों में परीक्षाएं नकलविहीन और शुचितापूर्ण के साथ सफलतापूर्वक संपन्न कराई गईं। उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन 19 मार्च से 2 अप्रैल के मध्य निर्धारित कुल 261 मूल्यांकन केंद्रों पर संपन्न हुआ। हाईस्कूल के मूल्यांकन में 92,594 परीक्षकों की भागीदारी रही, जबकि इंटर के मूल्यांकन में 56,066 परीक्षकों की भूमिका रही। इंटर की प्रयोगात्मक परीक्षाएं दो चरणों में 1 से 21 फरवरी के मध्य संपन्न हुईं। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में यूपी बोर्ड ने तकनीकी और प्रशासनिक सुधारों के माध्यम से परीक्षा प्रक्रिया को पारदर्शी और विश्वसनीय बनाया है।

हाईस्कूल परीक्षा परिणाम:

कुल परीक्षार्थी: 25,45,815 (1327024 बालक, 1218791 बालिकाएं)

उत्तीर्ण परीक्षार्थी: 22,94,122

कुल उत्तीर्ण प्रतिशत: 90.11%

बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत: 86.66%

बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत: 93.87%

बालिकाओं का प्रदर्शन बालकों से 7.21% अधिक

इंटरमीडिएट परीक्षा परिणामः

कुल परीक्षार्थी: 25,98,560 (1387263 बालक, 1211297 बालिकाएं)

उत्तीर्ण परीक्षार्थी: 21,08,774

कुल उत्तीर्ण प्रतिशत: 81.15%

बालकों का उत्तीर्ण प्रतिशत: 76.60%

बालिकाओं का उत्तीर्ण प्रतिशत: 86.37%

बालिकाओं ने बालकों को 9.77% से पछाड़ा

जेल में निरुद्ध बंदी परीक्षार्थी भी हुए उत्तीर्ण

विभिन्न जेलों में निरुद्ध बंदी परीक्षार्थी भी हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्तीर्ण हुए। हाईस्कूल में कुल मिलाकर ऐसे 94 परीक्षार्थियों ने बोर्ड एग्जाम दिए, जिनमें से 91 उत्तीर्ण हुए। उत्तीर्ण प्रतिशत 96.81 प्रतिशत रहा। इसी तरह, इंटरमीडिएट में कुल 105 बंदी परीक्षार्थी एग्जाम में बैठे, जिनमें 91 उत्तीर्ण हुए। उत्तीर्ण छात्रों का कुल प्रतिशत 86.67 प्रतिशत रहा।

नहीं मिलेगा एक भी बूंद पानी! पाकिस्तान को प्यासा रखने का प्लान तैयार

नई दिल्ली/सर्वोदय:-  कश्मीर के पहलगाम की बैसरन घाटी में हाल ही में हुए कायराना आतंकी हमले में 26 निर्दोष नागरिकों की जान जाने के बाद भारत ने अब पाकिस्तान को करारा जवाब देने की तैयारी कर ली है। केंद्र सरकार ने पाकिस्तान को सिंधु जल समझौते के तहत मिलने वाले पानी की एक-एक बूंद को रोकने का रोडमैप तैयार कर लिया है। केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सी. आर. पाटिल ने साफ शब्दों में कहा है कि भारत अब पाकिस्तान को पानी नहीं देगा।

केंद्रीय जल शक्ति मंत्री सीआर पाटिल ने साफ कहा कि पाकिस्तान का एक- एक बूंद पानी रोकने के लिए हम तीन योजनाओं पर काम कर रहे हैं. पाटिल ने कहा कि इससे यह सुनिश्चित किया जा सकेगा कि पाकिस्तान को एक भी बूंद पानी न मिले. उन्होंने कहा कि इसके लिए हमारे पास एक दीर्घकालिक योजना, एक अल्पकालिक योजना और एक मध्यावधि योजना होगी. सूत्रों के अनुसार मिली जानकारी के अनुसार गृह मंत्री अमित शाह और जल शक्ति मंत्री पाटिल के बीच कई सुझावों पर चर्चा हुई. इससे साफ है कि पाकिस्तान को पानी न देने का फैसला जल्द ही एक वास्तविकता बन जाएगा.

इस हमले के बाद भारत ने सिर्फ कूटनीतिक ही नहीं, बल्कि सैन्य मोर्चे पर भी कमर कस ली है। सेना प्रमुख जनरल उपेंद्र द्विवेदी ने शुक्रवार को जम्मू-कश्मीर का दौरा कर सुरक्षा स्थिति की समीक्षा की तथा भविष्य की कार्रवाई पर एक महत्वपूर्ण बैठक की. बैठक में सेना प्रमुख और उपराज्यपाल के अलावा सेना की उत्तरी कमान के चीफ, लेफ्टिनेंट जनरल एम.वी. सुचिंद्र कुमार, सेना के उपप्रमुख लेफ्टिनेंट जनरल प्रतीक शर्मा और 15 कोर के जीओसी लेफ्टिनेंट जनरल प्रशांत श्रीवास्तव शामिल हुए.

सेना प्रमुख जम्मू-कश्मीर स्थित विक्टर फोर्स और 15 कोर मुख्यालय भी गए. उन्हें मौजूदा स्थिति की जानकारी दी गई. सेना प्रमुख के इस दौरे में विभिन्न सुरक्षा एजेंसियों के बीच एकीकरण और समन्वय की भी समीक्षा की गई. सेना प्रमुख ने जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा से भी मुलाकात की. सेना प्रमुख ने राज्य के पुलिस महानिदेशक से भी मुलाकात कर आतंकी गतिविधियों और आंतरिक सुरक्षा से जुड़े मसलों पर चर्चा की।

वैभव सूर्यवंशी अगले IPL से होंगे बाहर? वीरेंद्र सहवाग ने क्यों कहा ऐसा, कोहली से सीखने की दी सलाह

लखनऊ/ सर्वोदय:-  IPL 2025 में धमाकेदार डेब्यू करने वाले 14 वर्षीय वैभव सूर्यवंशी को लेकर पूर्व भारतीय बल्लेबाज वीरेंद्र सहवाग ने बड़ा बयान दिया है। सहवाग ने युवा बल्लेबाज को चेताया है कि अगर वे अभी से खुद को स्टार समझने लगे, तो अगला सीजन उनके लिए मुश्किल भरा हो सकता है। क्रिकेट के ‘नजफगढ़ के नवाब’ ने वैभव को विराट कोहली से प्रेरणा लेने की सलाह दी है और कहा है कि उन्हें 20 साल तक IPL खेलने का लक्ष्य रखना चाहिए।

ड्रीम डेब्यू के बाद फीका पड़ा प्रदर्शन

बिहार के समस्तीपुर जिले से ताल्लुक रखने वाले बाएं हाथ के बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने लखनऊ सुपर जायंट्स के खिलाफ राजस्थान रॉयल्स की ओर से डेब्यू करते हुए 34 रनों की शानदार पारी खेली थी। उनकी इस पारी में दो चौके और तीन छक्के शामिल थे। लेकिन इसके बाद रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के खिलाफ अपने दूसरे मैच में वे 12 गेंदों पर 16 रन बनाकर आउट हो गए और कोई खास प्रभाव नहीं छोड़ पाए।

स्टारडम नहीं, स्थिरता जरूरी’ – वीरेंद्र सहवाग

क्रिकबज से बात करते हुए वीरेंद्र सहवाग ने कहा, “मैंने कई खिलाड़ियों को आते देखा है, जो दो-चार मैच में स्टार बन जाते हैं और फिर गिरते चले जाते हैं। अगर वैभव को लगता है कि IPL में खेलने और करोड़पति बनने से सब कुछ हासिल हो गया, तो शायद हम उन्हें अगले साल नहीं देख पाएंगे।” सहवाग ने आगे कहा कि एक खिलाड़ी को यह समझना चाहिए कि हर प्रदर्शन के साथ आलोचना और प्रशंसा दोनों मिलेंगी, इसलिए मैदान पर स्थिरता बनाए रखना बेहद जरूरी है।

कोहली से सीखने की दी सलाह

सहवाग ने कहा कि वैभव को विराट कोहली की तरह लंबी अवधि का लक्ष्य रखना चाहिए। “कोहली ने 19 साल की उम्र में IPL की शुरुआत की थी और अब तक सभी 18 सीजन खेल चुके हैं। वैभव को भी ऐसा ही लक्ष्य तय करना चाहिए।”

वैभव की कड़ी मेहनत की कहानी

वैभव की सफलता कोई तुक्का नहीं थी। उन्होंने महज 9 साल की उम्र में पटना की एक क्रिकेट अकादमी जॉइन की थी। समस्तीपुर से पटना की दूरी करीब 100 किलोमीटर है, लेकिन वैभव रोजाना सफर कर ट्रेनिंग के लिए पहुंचते थे। वह सुबह 7:30 बजे से लेकर शाम तक लगातार अभ्यास करते थे और यह रूटीन पिछले चार सालों से जारी है।

पहले ही बना चुके हैं कई रिकॉर्ड

IPL से पहले वैभव सूर्यवंशी ने 12 साल की उम्र में प्रथम श्रेणी क्रिकेट में डेब्यू किया था। उन्होंने अंडर-19 यूथ टेस्ट में ऑस्ट्रेलिया के खिलाफ सबसे तेज़ शतक जड़ा और यूथ एशिया कप में भी शानदार प्रदर्शन किया। इन्हीं उपलब्धियों के दम पर उन्हें राजस्थान रॉयल्स ने 1.10 करोड़ रुपये में खरीदा।