लखनऊ: उत्तर प्रदेश में 2027 के विधानसभा चुनाव से पहले सभी राजनीतिक दल सक्रिय हो गए हैं। इसी कड़ी में Bharatiya Janata Party ने महिलाओं को साधने के लिए व्यापक रणनीति तैयार की है। पार्टी सरकार और संगठन स्तर पर मिलकर “आधी आबादी” को जोड़ने का अभियान चलाने जा रही है।
हर जिले में होंगे कार्यक्रम
भाजपा की योजना के तहत प्रदेश के सभी जिलों में विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। इन कार्यक्रमों में महिलाओं के हित में केंद्र और राज्य सरकार द्वारा किए गए कामों को प्रमुखता से बताया जाएगा। साथ ही महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर भी जोर रहेगा।
इसके लिए पार्टी ने जिला स्तर पर संयोजकों की नियुक्ति भी कर दी है, जो इस अभियान को जमीन पर उतारेंगे।
नारी शक्ति वंदन अधिनियम को बनाया जाएगा मुख्य मुद्दा
महिला एवं बाल विकास मंत्री Baby Rani Maurya ने Nari Shakti Vandan Adhiniyam को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि यह कानून महिलाओं को केवल लाभार्थी नहीं, बल्कि नीति निर्माण में भागीदार बनाने की दिशा में बड़ा बदलाव है।
मौर्य के अनुसार, पीएममोदी के नेतृत्व में लाया गया यह प्रावधान संसद और विधानसभाओं में महिलाओं को 33% आरक्षण सुनिश्चित करता है, जिससे लोकतंत्र अधिक समावेशी बनेगा।
पंचायत मॉडल अब संसद-विधानसभाओं में
उन्होंने बताया कि देश में पंचायत स्तर पर महिलाओं की भागीदारी करीब 46% तक पहुंच चुकी है, जो उनकी नेतृत्व क्षमता को दर्शाता है। अब इसी मॉडल को संसद और विधानसभा स्तर पर लागू करने की तैयारी है।
महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर जोर
भाजपा का मानना है कि पिछले एक दशक में महिलाओं की आर्थिक और सामाजिक भागीदारी में तेजी आई है साथ ही बड़ी संख्या में महिलाओं के बैंक खाते खुले एवं स्वयं सहायता समूहों से जुड़ाव बढ़ा है इसके अलावा सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ मिला है |
पार्टी की चुनावी रणनीति
राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार, महिलाओं पर फोकस बढ़ाकर भाजपा 2027 चुनाव में मजबूत बढ़त बनाने की कोशिश कर रही है। महिला वोट बैंक को साधने के लिए यह अभियान आने वाले समय में और तेज हो सकता है।
इस दौरान Babita Chauhan, Ranjana Upadhyay और Mamta Pandey समेत कई महिला नेता भी मौजूद रहीं।



