न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ईरान ने वैश्विक आपूर्ति पर असर कम करने के लिए अहम कदम उठाया है। तेहरान ने ऐलान किया है कि जरूरी सामान लेकर आने वाले जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति दी जाएगी।
क्या है नया आदेश?
ईरानी न्यूज एजेंसी तस्नीम न्यूज एजेंसी के मुताबिक, अब उन जहाजों को स्ट्रेट पार करने की इजाजत होगी जो ईरान के बंदरगाहों की ओर आवश्यक वस्तुएं लेकर आ रहे हैं। हालांकि, इन जहाजों को पहले ईरानी अधिकारियों से समन्वय करना होगा।
क्यों लिया गया यह फैसला?
लगातार सैन्य तनाव और हमलों के चलते होर्मुज मार्ग बंद होने से खुद ईरान में भी जरूरी वस्तुओं की सप्लाई प्रभावित हो रही थी। इसी वजह से सरकार को यह राहत देने वाला फैसला लेना पड़ा।
पहले क्यों बंद था होर्मुज?
28 फरवरी को अमेरिका और इजरायल के हमलों के बाद ईरान ने इस अहम समुद्री रास्ते को काफी हद तक बंद कर दिया था। केवल सहयोगी या तटस्थ देशों के जहाजों को ही सीमित अनुमति दी जा रही थी।
हजारों जहाज प्रभावित
रिपोर्ट्स के अनुसार, इस बंदी से करीब 2000 से ज्यादा जहाज प्रभावित हुए हैं। कई अंतरराष्ट्रीय जहाज अब भी इस मार्ग के आसपास फंसे हुए हैं। भारत भी अपने कुछ जहाजों को सुरक्षित निकालने में जुटा हुआ है।
वैश्विक बाजार पर असर
होर्मुज जलडमरूमध्य दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण तेल मार्गों में से एक है। यहां तनाव बढ़ने से कच्चे तेल की कीमतें 100 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गई हैं, जिससे भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दबाव बढ़ा है।
युद्ध का बढ़ता असर
मध्य पूर्व में जारी संघर्ष ने पूरे क्षेत्र को अस्थिर कर दिया है। ड्रोन हमलों और सैन्य कार्रवाई के चलते हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं, जिससे वैश्विक आपूर्ति श्रृंखला और ऊर्जा बाजार पर सीधा असर पड़ रहा है।



