न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:– प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने पश्चिम एशिया में जारी संकट को लेकर सोमवार को लोकसभा में देश को संबोधित करते हुए लोगों से सतर्क रहने की अपील की। उन्होंने कहा कि मौजूदा हालात लंबे समय तक असर डाल सकते हैं, ऐसे में देशवासियों को धैर्य और एकजुटता के साथ स्थिति का सामना करना होगा।
प्रधानमंत्री ने कहा कि जैसे देश ने कोरोना काल में मिलकर चुनौतियों का सामना किया था, उसी तरह इस संकट में भी एकजुट रहना जरूरी है। उन्होंने जोर देकर कहा कि संयम और अनुशासन ही भारत की सबसे बड़ी ताकत है।
अफवाहों और जमाखोरों पर सख्ती
प्रधानमंत्री ने चेतावनी दी कि संकट के समय कुछ लोग हालात का फायदा उठाकर अफवाहें फैलाने की कोशिश करते हैं। उन्होंने नागरिकों से ऐसे तत्वों से सावधान रहने की अपील की और कहा कि सरकार जमाखोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगी।
उन्होंने स्पष्ट कहा कि झूठी खबरें फैलाने वालों को सफल नहीं होने देना है और हर नागरिक की जिम्मेदारी है कि वह सही जानकारी पर भरोसा करे।
भारत के सामने नई चुनौतियां
प्रधानमंत्री ने कहा कि पश्चिम एशिया में जारी संघर्ष ने भारत के सामने कई अप्रत्याशित चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। हालांकि, सरकार इनसे निपटने के लिए पूरी तरह तैयार है और लगातार स्थिति पर नजर रखी जा रही है।
उन्होंने आश्वासन दिया कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की कोई कमी नहीं होने दी जाएगी, ताकि आम लोगों को परेशानी का सामना न करना पड़े।
ऊर्जा सुरक्षा पर सरकार का फोकस
संसद में दिए बयान में प्रधानमंत्री ने बताया कि भारत के पास करीब 53 लाख मीट्रिक टन का रणनीतिक पेट्रोलियम भंडार मौजूद है। इसके अलावा, सरकार हर संभव माध्यम से ईंधन की आपूर्ति बनाए रखने के प्रयास कर रही है।
उन्होंने कहा कि पिछले एक दशक में ऊर्जा सुरक्षा को लेकर उठाए गए कदम मौजूदा परिस्थितियों में बेहद अहम साबित हो रहे हैं।
वैश्विक असर, भारत सतर्क
प्रधानमंत्री ने बताया कि पश्चिम एशिया में संकट को तीन सप्ताह से अधिक समय हो चुका है और इसका असर दुनिया भर की अर्थव्यवस्थाओं और जनजीवन पर पड़ रहा है। उन्होंने इसे न केवल आर्थिक, बल्कि राष्ट्रीय सुरक्षा और मानवीय दृष्टि से भी गंभीर चुनौती बताया।



