न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- बहुजन समाज पार्टी (बसपा) प्रमुख Mayawati ने कांग्रेस पर कड़ा हमला बोलते हुए कहा है कि कांग्रेस की नीतियों और दलितों के प्रति उपेक्षा के कारण ही Kanshi Ram को Bahujan Samaj Party बनानी पड़ी थी।
मायावती ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर पोस्ट करते हुए कांग्रेस पर दलित नेताओं के सम्मान को लेकर दोहरा रवैया अपनाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जिस पार्टी ने संविधान निर्माता B. R. Ambedkar को लंबे समय तक उचित सम्मान नहीं दिया, वह आज कांशीराम के नाम पर राजनीति करने का दिखावा कर रही है।
कांग्रेस और सपा पर लगाए गंभीर आरोप
मायावती ने कहा कि कांग्रेस ने कई दशकों तक केंद्र की सत्ता संभाली, लेकिन इसके बावजूद बाबा साहेब अंबेडकर को भारत रत्न देने में देरी हुई। उन्होंने सवाल उठाया कि जो पार्टी बाबा साहेब का सम्मान नहीं कर सकी, वह आज कांशीराम को सम्मान देने की बात कैसे कर सकती है।
बसपा प्रमुख ने यह भी आरोप लगाया कि जब कांशीराम का निधन हुआ था, उस समय केंद्र में कांग्रेस की सरकार थी, लेकिन राष्ट्रीय शोक की घोषणा तक नहीं की गई।
उन्होंने Samajwadi Party पर भी निशाना साधते हुए कहा कि उस समय उत्तर प्रदेश की सरकार ने भी राजकीय शोक घोषित नहीं किया था। मायावती के अनुसार, ये दोनों दल दलित महापुरुषों के प्रति हमेशा संकुचित सोच रखते आए हैं।
दलित संगठनों और अन्य दलों को चेतावनी
मायावती ने कुछ छोटे दलित संगठनों और अन्य राजनीतिक दलों पर भी हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि कुछ संगठन कांशीराम के नाम का इस्तेमाल अपनी राजनीति चमकाने के लिए कर रहे हैं और इससे बसपा को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है।
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उन्होंने अपने समर्थकों और कार्यकर्ताओं से अपील की कि वे ऐसे “राजनीतिक हथकंडों” से सावधान रहें।
15 मार्च को कांशीराम जयंती पर कार्यक्रम
मायावती ने कहा कि 15 मार्च 2026 को कांशीराम की जयंती के अवसर पर उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में बसपा की ओर से कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। उन्होंने कार्यकर्ताओं से इन कार्यक्रमों को भव्य और सफल बनाने की अपील की।
मायावती के अनुसार, बसपा ही वह पार्टी है जो कांशीराम के सिद्धांतों पर चलते हुए दलितों, पिछड़ों और अल्पसंख्यकों के अधिकारों के लिए संघर्ष कर रही है।



