न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- पश्चिम एशिया में जारी तनाव के बीच ऊर्जा सप्लाई को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है। इसी बीच Strait of Hormuz से भारत के जहाजों को निकालने की तैयारी तेज कर दी गई है। मुंबई स्थित Directorate General of Shipping के अनुसार 22 जहाजों की पहचान कर ली गई है, जिन्हें रास्ता साफ होते ही सबसे पहले सुरक्षित बाहर निकाला जाएगा।
सरकारी सूत्रों के मुताबिक भारत Iran के साथ बातचीत कर रहा है ताकि क्षेत्र में फंसे करीब 30 व्यापारिक जहाजों को सुरक्षित निकाला जा सके। रिपोर्ट्स के अनुसार खाड़ी क्षेत्र में इस समय लगभग 28 जहाज फंसे हुए हैं, जिनमें से 24 होर्मुज के पश्चिमी हिस्से में और 4 जहाज होर्मुज व Gulf of Oman के आसपास के जल क्षेत्र में मौजूद हैं।
हमलों के बाद बंद हुआ होर्मुज स्ट्रेट
रिपोर्ट्स के मुताबिक Israel और United States द्वारा हमले के बाद ईरान ने होर्मुज स्ट्रेट को बंद कर दिया था। इस कदम से भारत समेत कई देशों में ऊर्जा संकट की आशंका बढ़ गई।
भारतीय अधिकारियों के अनुसार जहाजों को सुरक्षित निकालने के लिए नेवल एस्कॉर्ट जैसे सुरक्षा विकल्पों पर भी विचार किया जा रहा है।
LPG और LNG की बड़ी खेप
पहचाने गए 22 जहाजों में से 13 भारतीय झंडे वाले हैं, जबकि बाकी अन्य देशों के हैं। इन जहाजों पर बड़ी मात्रा में ऊर्जा संसाधन लदे हुए हैं।
- 3 जहाजों पर LNG (लिक्विफाइड नेचुरल गैस)
- 11 जहाजों पर LPG (रसोई गैस)
- 8 जहाजों पर कच्चा तेल
रिपोर्ट्स के अनुसार इन जहाजों में लगभग
- 2,15,000 मीट्रिक टन LNG
- 4,15,000 मीट्रिक टन LPG
- 17,50,000 मीट्रिक टन कच्चा तेल
मौजूद है। अगर ये जहाज सुरक्षित भारत पहुंचते हैं तो देश में चल रहे LPG संकट से कुछ राहत मिल सकती है।
215 नाविकों को निकाला गया
रिपोर्ट के मुताबिक भारत सरकार अब तक इस युद्ध क्षेत्र में फंसे 215 नाविकों को सुरक्षित निकाल चुकी है। इसके अलावा तीन भारतीय कंटेनर जहाजों की भी पहचान की गई है, जिन्हें सुरक्षित बाहर लाने की तैयारी की जा रही है।
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मोदी और ईरान के राष्ट्रपति के बीच बातचीत
इस बीच Narendra Modi और Masoud Pezeshkian के बीच गुरुवार को फोन पर बातचीत हुई। युद्ध शुरू होने के बाद दोनों देशों के राष्ट्राध्यक्षों के बीच यह पहली बातचीत बताई जा रही है।
इससे पहले Subrahmanyam Jaishankar और ईरान के विदेश मंत्री Abbas Araghchi के बीच भी लगातार संपर्क बना हुआ है।



