लखनऊ/ सर्वोदय न्यूज़:- सपा मुखिया अखिलेश यादव ने गुरुवार को लखनऊ में Swami Avimukteshwaranand से मुलाकात की। इस दौरान समाजवादी पार्टी प्रमुख ने संतों को हाथ जोड़कर प्रणाम किया। उनके साथ पूर्व सांसद Anu Tandon भी मौजूद रहीं।
यह मुलाकात ऐसे समय हुई है जब शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के अभियान और उनके बयानों को लेकर प्रदेश की राजनीति में हलचल बढ़ गई है।
वाराणसी से शुरू हुआ गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान
शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने 7 मार्च को Varanasi से गो-प्रतिष्ठा जनजागरण अभियान की शुरुआत की थी। यह यात्रा जौनपुर, सुल्तानपुर और सीतापुर से होती हुई 10 मार्च को Lucknow पहुंची।
लखनऊ में बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने अभियान का औपचारिक शंखनाद किया और आगे की रणनीति की घोषणा की।
81 दिन की ‘गविष्टि यात्रा’ का ऐलान
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने बताया कि 52 दिन की प्रारंभिक यात्रा के बाद 3 मई से 23 जुलाई तक 81 दिन की ‘गविष्टि यात्रा’ निकाली जाएगी। यह यात्रा पूरे उत्तर प्रदेश की परिक्रमा करेगी। इसकी शुरुआत और समापन Gorakhpur से होगा।
उन्होंने बताया कि 24 जुलाई को फिर लखनऊ में एक बड़ा कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा।
‘शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना’ बनाने का ऐलान
कार्यक्रम में शंकराचार्य ने ‘शंकराचार्य चतुरंगिणी सेना’ बनाने की घोषणा भी की। उन्होंने कहा कि यह संगठन गो-हत्या रोकने और सनातन धर्म की रक्षा के लिए काम करेगा। हालांकि उन्होंने किसी राजनीतिक दल का नाम नहीं लिया, लेकिन उनके बयान प्रदेश सरकार पर परोक्ष हमला माने जा रहे हैं।
कार्यक्रम को 26 शर्तों के साथ मिली अनुमति
लखनऊ के Kanshiram Smriti Upvan में आयोजित कार्यक्रम के दौरान शंकराचार्य ने कहा कि शुरुआत में कार्यक्रम को रोकने की कोशिश हुई।
उन्होंने दावा किया कि पहले वाराणसी में कार्यक्रम रोकने की योजना बनी, फिर लखनऊ में प्रवेश न देने की बात हुई। बाद में प्रशासन ने मंगलवार रात करीब 9 बजे 16 शर्तों के साथ अनुमति दी, जिसमें कुछ समय बाद 10 और शर्तें जोड़कर कुल 26 शर्तें कर दी गईं।
“हम कोई राजनीतिक पार्टी नहीं बना रहे”
स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने स्पष्ट किया कि उनका उद्देश्य किसी राजनीतिक दल का गठन करना नहीं है। उन्होंने कहा कि वह जनता के बीच जाकर सिर्फ इतना कहेंगे कि जो गाय के लिए काम करे, उसे ही वोट दें।
उन्होंने यह भी कहा कि यदि सत्ता गलत दिशा में जाती है तो संत समाज का दायित्व है कि वह उसे सही रास्ता दिखाए।
अखाड़ों को लिखा जाएगा पत्र
शंकराचार्य ने कहा कि साधु समाज में भी कई तरह की विकृतियां आ गई हैं। उन्होंने बताया कि सभी अखाड़ों को पत्र लिखकर पूछा जाएगा कि वे किस पक्ष में खड़े हैं।
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उन्होंने यह भी कहा कि उनकी प्रस्तावित सेना में सन्यासी, बैरागी, उदासीन और गृहस्थ लोग शामिल होंगे और इसमें शामिल होने वालों का पुलिस सत्यापन भी कराया जाएगा।
कार्यक्रम में कई नेता और संत मौजूद
इस कार्यक्रम में Ajay Rai, लखनऊ मध्य से विधायक Ravidas Mehrotra, पूर्व पीसीएस अधिकारी अलंकार अग्निहोत्री और संत समाज के कई प्रतिनिधि मौजूद रहे।
अखिलेश यादव और शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद की मुलाकात को उत्तर प्रदेश की राजनीति में बढ़ती हलचल और आगामी राजनीतिक समीकरणों से भी जोड़कर देखा जा रहा है।



