Saturday, March 7, 2026

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क्या नीतीश के बदले ‘नीतीश’ देगी भाजपा? बिहार में नए CM को लेकर तेज हुई चर्चा

न्यूज़ डेक्स/ सर्वोदय न्यूज़:- करीब ढाई दशक से बिहार की राजनीति के केंद्र में रहे मुख्यमंत्री Nitish Kumar अब सक्रिय राज्य की राजनीति से दूरी बनाते नजर आ रहे हैं। गुरुवार को उन्होंने राज्यसभा के लिए नामांकन दाखिल किया, जिसके बाद यह लगभग तय माना जा रहा है कि बिहार को जल्द ही नया मुख्यमंत्री मिलने वाला है। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि इस बार मुख्यमंत्री पद बीजेपी के हिस्से में जा सकता है।

नए मुख्यमंत्री को लेकर कई नामों की चर्चा हो रही है। इनमें मौजूदा डिप्टी सीएम Samrat Choudhary और वरिष्ठ नेता Vijay Kumar Sinha प्रमुख दावेदार बताए जा रहे हैं। वहीं अब एक और नाम तेजी से सामने आ रहा है—Nitish Mishra। दिलचस्प बात यह है कि अगर उन्हें मौका मिलता है तो बिहार की राजनीति में ‘नीतीश के बाद एक और नीतीश’ मुख्यमंत्री बन सकते हैं।

कौन हैं नीतीश मिश्रा?

पूर्व मुख्यमंत्री Jagannath Mishra के बेटे नीतीश मिश्रा मधुबनी जिले के झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र से पांच बार विधायक रह चुके हैं। वर्ष 2000 से लेकर 2025 तक उन्होंने लगातार इस सीट से जीत दर्ज की है और बिहार सरकार में कई महत्वपूर्ण विभागों की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं।

राजनीतिक हलकों में माना जा रहा था कि 2025 में उन्हें फिर से कैबिनेट में जगह मिल सकती है, लेकिन ऐसा नहीं होने के बाद से ही यह कयास लगाए जा रहे थे कि पार्टी उन्हें संगठन या सरकार में बड़ी जिम्मेदारी दे सकती है। अब मुख्यमंत्री पद की संभावित दौड़ में भी उनका नाम जोड़ा जा रहा है।

पढ़े-लिखे और साफ छवि वाले नेता

9 जुलाई 1973 को जन्मे नीतीश मिश्रा को बिहार के शिक्षित और युवा नेताओं में गिना जाता है। उन्होंने नीदरलैंड और यूनाइटेड किंगडम से उच्च शिक्षा हासिल की है। राजनीतिक करियर में वह ग्रामीण विकास मंत्री समेत कई विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं।
2010 से 2015 के बीच ग्रामीण विकास मंत्री के तौर पर उन्होंने काम किया और इस दौरान कई अन्य विभागों का अतिरिक्त प्रभार भी उनके पास रहा। इसके अलावा आपदा प्रबंधन, गन्ना और उद्योग जैसे विभागों की जिम्मेदारी भी वह निभा चुके हैं। पार्टी संगठन में भी उन्होंने बिहार बीजेपी के उपाध्यक्ष के रूप में काम किया है।

नीतीश कुमार के साथ भी रहा तालमेल

बिहार की मौजूदा सरकार में बीजेपी और जेडीयू साथ मिलकर सत्ता चला रहे हैं। ऐसे में पार्टी ऐसे चेहरे को आगे करना चाह सकती है, जिस पर दोनों दलों का भरोसा हो। इस लिहाज से नीतीश मिश्रा का नाम इसलिए भी चर्चा में है क्योंकि वह पहले जेडीयू में रह चुके हैं और मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के साथ लंबे समय तक मंत्री के रूप में काम कर चुके हैं।

मिथिलांचल से CM बनाने की रणनीति?

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि बीजेपी मिथिलांचल क्षेत्र को राजनीतिक संदेश देने के लिए यहां से किसी नेता को मुख्यमंत्री बना सकती है। हाल के चुनावों में इस इलाके में एनडीए को बड़ी सफलता मिली है।

यह भी पढ़े:- पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सीवी आनंद बोस का इस्तीफा, ममता बनर्जी ने अमित शाह पर

2025 के विधानसभा चुनाव में मिथिलांचल की 37 सीटों में से 31 पर एनडीए ने जीत दर्ज की थी। ऐसे में माना जा रहा है कि पार्टी इस क्षेत्र को ‘रिटर्न गिफ्ट’ देने के तौर पर यहां के किसी नेता को मुख्यमंत्री बना सकती है।

एक समय बिहार की राजनीति में मिथिलांचल का काफी प्रभाव रहा है। Jagannath Mishra और Bhagwat Jha Azad जैसे मुख्यमंत्री इसी इलाके से आए थे। हालांकि बाद के वर्षों में सत्ता में इस क्षेत्र की भागीदारी अपेक्षाकृत कम हो गई।

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