अयोध्या में मिनी महाराष्ट्र: 19 फरवरी से होगा ज्ञानेश्वरी पारायण एवं अखंड हरिनाम महोत्सव

अयोध्या/सर्वोदय न्यूज़:- रामलला की नगरी अयोध्या के श्रीराम जन्मभूमि तीर्थक्षेत्र में 19 फरवरी 2026 से 26 फरवरी 2026 तक एक भव्य धार्मिक समागम आयोजित किया जाएगा। इस अवसर पर संत श्री ज्ञानेश्वर महाराज की 700वीं स्वर्ण जयंती वर्ष के उपलक्ष्य में ‘ग्रंथराज श्री ज्ञानेश्वरी पारायण एवं अखंड हरिनाम महोत्सव’ का आयोजन किया जा रहा है। बालयोगी श्री सदानंद महाराज के मार्गदर्शन में यह आयोजन महाराष्ट्र की वारकरी परंपरा और उत्तर प्रदेश की भक्ति संस्कृति का अद्भुत संगम प्रस्तुत करेगा।

मुख्यमंत्री और गणमान्य अतिथियों की उपस्थिति

महोत्सव का भव्य शुभारंभ 19 फरवरी सुबह 8:00 बजे श्री रामजन्मभूमि तीर्थक्षेत्र ट्रस्ट के सचिव चंपतराय जी द्वारा किया जाएगा। इस कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। इसके अलावा महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, पूर्व राज्यपाल राम नाईक और कई केंद्रीय एवं राज्य मंत्रियों तथा सांसदों की उपस्थिति भी सुनिश्चित है।

भक्ति और सांस्कृतिक कार्यक्रम

महोत्सव के दौरान प्रतिदिन आध्यात्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे। सुबह 5:00 बजे से काकड़ा आरती, 7:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक श्री ज्ञानेश्वरी पारायण होगा। दोपहर 3:00 बजे से 5:00 बजे तक संत एकनाथ महाराज के 14वें वंशज श्री योगीराज महाराज गोसावी द्वारा भावार्थ रामायण कथा प्रस्तुत की जाएगी। शाम 5:30 बजे से 6:30 बजे तक राम मंदिर ट्रस्ट के कोषाध्यक्ष आचार्य स्वामी श्री गोविंददेवगिरी जी महाराज द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज चरित्र कथा सुनाई जाएगी। इसके पश्चात रात्रि में कीर्तन का आयोजन होगा।

सांस्कृतिक आकर्षण और दीपोत्सव

24 फरवरी को विशेष संत पूजन आयोजित किया जाएगा। वहीं रात्रि में मणिपुर के कलाकारों द्वारा वसंत रासलीला की प्रस्तुति दी जाएगी। महोत्सव की भव्य समाप्ति 25 फरवरी की शाम को आयोजित दीपोत्सव के माध्यम से होगी, जो पूरी अयोध्या को भक्तिमय प्रकाश से रोशन कर देगा।

आयोजक समिति की अपील

कार्यक्रम के निमंत्रक और श्रीमती सुभद्रा तिवारी महाविद्यालय (कूरेभार) के प्रबंधक राममूर्ति तिवारी ने बताया कि इस महोत्सव में देश के ख्यातिलब्ध संत, महंत और कीर्तनकार सम्मिलित होंगे। आयोजक समिति ने समस्त राम भक्तों और श्रद्धालुओं से इस पावन अवसर में सहभागी होने की विशेष अपील की है।

यह महोत्सव अयोध्या और महाराष्ट्र की भक्ति परंपरा का अद्वितीय संगम होगा और इसे ‘मिनी महाराष्ट्र’ के रूप में देखा जा रहा है।

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