न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- मध्य प्रदेश के उज्जैन स्थित विश्व प्रसिद्ध महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग मंदिर में आरती व्यवस्था को लेकर बड़ा बदलाव किया गया है। अब तक केवल भस्म आरती के लिए ऑनलाइन बुकिंग की अनिवार्यता थी, लेकिन मंदिर प्रबंधन ने संध्या आरती और शयन आरती के लिए भी प्री-बुकिंग व्यवस्था लागू करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत श्रद्धालुओं को इन दोनों आरतियों में बैठकर शामिल होने के लिए शुल्क देना होगा।
भस्म आरती पहले से ही बुकिंग आधारित
महाकाल मंदिर की भस्म आरती देश-विदेश में प्रसिद्ध है। ब्रह्म मुहूर्त में होने वाली इस आरती में शामिल होने के लिए श्रद्धालुओं को पहले से ऑनलाइन पंजीकरण कराना पड़ता है। स्लॉट सीमित होने के कारण कई बार डेढ़ से दो महीने पहले तक की बुकिंग फुल हो जाती है। श्रद्धालु देर रात से ही मंदिर परिसर में पहुंचना शुरू कर देते हैं।
अब तक संध्या और शयन आरती में बिना किसी पूर्व बुकिंग के श्रद्धालु शामिल हो सकते थे, लेकिन बढ़ती भीड़ और लंबी कतारों को देखते हुए मंदिर समिति ने नई व्यवस्था लागू की है।
कितनी होगी फीस और क्या रहेगी प्रक्रिया
मिली जानकारी के अनुसार संध्या और शयन आरती में बैठकर दर्शन करने के लिए लगभग 250 रुपये प्रति श्रद्धालु ऑनलाइन बुकिंग शुल्क निर्धारित किया गया है। मंदिर प्रशासन का कहना है कि इस व्यवस्था से भीड़ नियंत्रण में मदद मिलेगी और श्रद्धालुओं को लंबा इंतजार नहीं करना पड़ेगा।
जो भक्त ऑनलाइन बुकिंग नहीं कराएंगे, वे सामान्य व्यवस्था के तहत खड़े होकर या चलते-चलते आरती दर्शन कर सकेंगे। वहीं, पूर्व बुकिंग कराने वाले श्रद्धालु निर्धारित स्थान पर बैठकर शांति से आरती देख पाएंगे।
फैसले पर मिले-जुले रिएक्शन
नई व्यवस्था को लेकर श्रद्धालुओं की राय बंटी हुई है। कई लोगों का मानना है कि बढ़ती भीड़ के बीच यह निर्णय सुविधाजनक है और इससे समय की बचत होगी। त्योहारों और सावन जैसे विशेष अवसरों पर दर्शन करना कठिन हो जाता है, ऐसे में बुकिंग प्रणाली व्यवस्था को सुव्यवस्थित बनाएगी।
हालांकि, कुछ श्रद्धालुओं ने शुल्क लागू करने पर आपत्ति जताई है। उनका कहना है कि भगवान के दर्शन के लिए शुल्क तय करना उचित नहीं है, खासकर उन लोगों के लिए जो आर्थिक रूप से सक्षम नहीं हैं।
ओंकारेश्वर में क्या है व्यवस्था?
महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग के अलावा मध्य प्रदेश के खंडवा जिले में स्थित ओंकारेश्वर ज्योतिर्लिंग में भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। यहां भी विशेष अवसरों पर ऑनलाइन बुकिंग की सुविधा उपलब्ध है, लेकिन सामान्य दिनों में बिना बुकिंग के भी आसानी से दर्शन किए जा सकते हैं।
मध्य प्रदेश आने वाले अधिकांश श्रद्धालु महाकालेश्वर और ओंकारेश्वर दोनों ज्योतिर्लिंग के दर्शन को अपनी यात्रा का हिस्सा बनाते हैं।
भीड़ प्रबंधन की दिशा में कदम
मंदिर समिति का मानना है कि नई व्यवस्था से श्रद्धालुओं को बेहतर अनुभव मिलेगा और सुरक्षा के साथ-साथ व्यवस्थापन भी सुचारु रहेगा। आने वाले समय में इस व्यवस्था के प्रभाव को देखते हुए अन्य सुधारात्मक कदम भी उठाए जा सकते हैं।
महाकाल मंदिर में लागू यह नया नियम श्रद्धालुओं की सुविधा और भीड़ नियंत्रण के संतुलन की दिशा में एक अहम पहल माना जा रहा है।



