राम मंदिर प्राण प्रतिष्ठा के बाद अयोध्या की अर्थव्यवस्था में आया ऐतिहासिक उछाल,5 गुना बढ़ी स्थानीय कारोबारियों की आय

डिजिटल डेस्क, लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- अयोध्या में श्रीराम मंदिर की प्राण प्रतिष्ठा ने न केवल सांस्कृतिक और धार्मिक इतिहास रचा, बल्कि उत्तर प्रदेश की अर्थव्यवस्था को भी नई दिशा दी है। भारतीय प्रबंधन संस्थान लखनऊ द्वारा जारी हालिया केस स्टडी “इकोनॉमिक रेनेसांस ऑफ अयोध्या” में इस बदलाव को एक बड़े आर्थिक मोड़ के रूप में प्रस्तुत किया गया है। अध्ययन में बताया गया है कि राज्य सरकार की ‘टेंपल इकॉनमी’ आधारित रणनीति ने अयोध्या को पारंपरिक तीर्थस्थल से उभरते आर्थिक केंद्र में परिवर्तित कर दिया है।

रिपोर्ट के अनुसार, सुनियोजित बुनियादी ढांचे, बेहतर कनेक्टिविटी और प्रशासनिक सक्रियता के कारण शहर में आर्थिक गतिविधियां तेज़ी से बढ़ी हैं। अनुमान है कि आने वाले वर्षों में केवल पर्यटन क्षेत्र से ही ₹20,000 से ₹25,000 करोड़ तक का कर राजस्व प्राप्त हो सकता है।

ठहराव से तेज़ी तक का सफर

अध्ययन में अतीत और वर्तमान की तुलना करते हुए उल्लेख किया गया है कि मंदिर निर्माण से पहले अयोध्या में सालाना पर्यटकों की संख्या करीब 1.7 लाख थी और स्थानीय दुकानदारों की रोज़ाना आय लगभग ₹400-500 के बीच सीमित थी।

वहीं, प्राण प्रतिष्ठा के बाद शुरुआती छह महीनों में 11 करोड़ से अधिक श्रद्धालुओं के आगमन का दावा किया गया है। इसके साथ ही छोटे व्यापारियों और रेहड़ी-पटरी संचालकों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है, जो अब औसतन ₹2,500 प्रतिदिन तक पहुंच गई है।

निवेश और रोजगार में विस्तार

रिपोर्ट बताती है कि अयोध्या में अब बहु-क्षेत्रीय विकास देखने को मिल रहा है। आतिथ्य क्षेत्र में देश-विदेश की प्रमुख होटल श्रृंखलाओं ने निवेश शुरू किया है। 150 से अधिक नए होटल और होमस्टे संचालित हो रहे हैं तथा ऑनलाइन बुकिंग में चार गुना वृद्धि दर्ज की गई है।

सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्योग (MSME) क्षेत्र में भी तेजी आई है। लगभग 6,000 नए उद्यम शुरू हुए हैं और अनुमान है कि अगले चार से पांच वर्षों में पर्यटन व परिवहन क्षेत्र में करीब 1.2 लाख प्रत्यक्ष व अप्रत्यक्ष रोजगार सृजित हो सकते हैं।

रियल एस्टेट और इंफ्रास्ट्रक्चर में उछाल

मंदिर परिसर के आसपास संपत्ति मूल्यों में पांच से दस गुना तक बढ़ोतरी दर्ज की गई है। यह वृद्धि बाहरी निवेशकों को आकर्षित कर रही है।

करीब ₹85,000 करोड़ की विभिन्न विकास परियोजनाओं के तहत शहर में आधारभूत ढांचे को मजबूत किया गया है। अंतरराष्ट्रीय स्तर का हवाई अड्डा और आधुनिक रेलवे स्टेशन अयोध्या की कनेक्टिविटी को नई ऊंचाई दे रहे हैं। साथ ही, शहर को ‘मॉडल सोलर सिटी’ के रूप में विकसित करने की दिशा में भी काम जारी है, जिससे सतत विकास को बढ़ावा मिल रहा है।

केस स्टडी के निष्कर्ष के अनुसार, आस्था आधारित पर्यटन जब योजनाबद्ध विकास और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़ता है, तो वह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था को गति देने में अहम भूमिका निभा सकता है।

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