न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- धार्मिक नगरी वाराणसी (काशी) में महाशिवरात्रि के अवसर पर भक्तों का अद्भुत सैलाब उमड़ पड़ा। रविवार को बाबा काशी विश्वनाथ मंदिर में भक्तों का भव्य स्वागत पुष्पवर्षा और उत्साहपूर्वक किया गया। मंगला आरती के बाद से ही दर्शनार्थियों की लंबी कतारें मंदिर के बाहर सड़कों तक बढ़ गईं। हर ओर ‘हर हर महादेव’ के उद्घोष गूंज रहे थे, जिससे काशी की वायुमंडलीय आध्यात्मिक ऊर्जा और बढ़ गई।
इस अवसर पर लगभग 10 लाख से अधिक श्रद्धालु बाबा विश्वनाथ के दर्शन करने पहुंचे। दर्शनार्थियों को केवल कुछ सेकंड का समय मिल रहा था, लेकिन भक्तों की श्रद्धा देखते ही बनती थी। मंदिर में बाबा विश्वनाथ को दूल्हे के रूप में श्रृंगारित किया गया, उन्हें मोरपंख और रुद्राक्ष की माला पहनाई गई।
मंदिर न्यास के मुख्य कार्यपालक अधिकारी विश्व भूषण मिश्र ने बताया कि देश-विदेश के कुल 62 मंदिरों से बाबा के लिए पवित्र उपहार और प्रसाद पहुंचे। इनमें मलेशिया और श्रीलंका के मंदिरों के अलावा भारत के तमिलनाडु, उत्तर प्रदेश, गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के प्रमुख तीर्थस्थलों से भेजी गई सामग्री शामिल है। उपहारों में पवित्र जल, चंदन, वस्त्र और पूजा की अन्य सामग्री शामिल है।
इस महोत्सव के दौरान एटीएस कमांडो तैनात किए गए और ड्रोन से निगरानी की जा रही है ताकि सुरक्षा में कोई चूक न हो।
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गंगा किनारे दशाश्वमेध घाट पर सुबह के प्रथम प्रहर में श्रद्धालुओं ने गंगा स्नान किया और गीले वस्त्रों में ही बाबा के दर्शन के लिए कतार में लग गए। जंगमबाड़ी मठ में ध्वजारोहण के साथ दो दिवसीय महोत्सव का शुभारंभ हुआ।
महाशिवरात्रि के इस पर्व ने न केवल काशी को शिवमय बना दिया, बल्कि श्रद्धालुओं के बीच आध्यात्मिक एकता और उल्लास की अनुभूति कराई। देश और विदेश से आए भक्तों की भारी उपस्थिति ने यह साबित किया कि बाबा विश्वनाथ की महिमा और आस्था आज भी अटूट है।



