न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- इस वर्ष महाशिवरात्रि 15 फरवरी 2026 को मनाई जाएगी। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पावन दिन भगवान शिव और माता पार्वती का विवाह हुआ था। यह पर्व हर साल फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाता है।
महाशिवरात्रि के दिन शिव भक्त व्रत रखते हैं, शिवलिंग का अभिषेक करते हैं और विशेष पूजा-अर्चना करते हैं। मान्यता है कि इस दिन श्रद्धा और भक्ति से की गई पूजा जीवन में सुख-समृद्धि लाती है। पूजा के साथ-साथ इस दिन दान-पुण्य का भी विशेष महत्व बताया गया है। आइए जानते हैं कि महाशिवरात्रि पर किन वस्तुओं का दान करना शुभ माना जाता है।
1. दूध और दूध से बनी वस्तुओं का दान
महाशिवरात्रि पर शिवलिंग पर दूध अर्पित करने की परंपरा है। मान्यता है कि इससे जीवन में शांति और समृद्धि आती है। ऐसे में इस दिन दूध या दूध से बनी वस्तुएं जरूरतमंदों को दान करना लाभकारी माना गया है।
2. चावल का दान
इस दिन चावल का दान अत्यंत शुभ माना जाता है। चावल सफेद वस्तु है, जिसे चंद्रमा से जोड़ा जाता है। मान्यता है कि चावल दान करने से कुंडली में चंद्रमा मजबूत होता है और मानसिक शांति प्राप्त होती है।
3. काली उड़द दाल का दान
महाशिवरात्रि पर काली उड़द दाल दान करने से शनि दोष कम होता है। ज्योतिष मान्यताओं के अनुसार यह उपाय शनि से संबंधित कष्टों को कम करने में सहायक माना जाता है।
4. सफेद वस्तुओं का दान
इस दिन कच्चा दूध, दही, चीनी, चावल और सफेद वस्त्र दान करना शुभ माना गया है। मान्यता है कि इससे घर में सुख-शांति और समृद्धि बनी रहती है।
5. घी और गुड़ का दान
गाय का घी दान करना अत्यंत पुण्यकारी माना जाता है। वहीं गुड़ का दान सूर्य ग्रह को मजबूत करने और आत्मविश्वास बढ़ाने से जुड़ा माना गया है।
6. काले तिल का दान
यदि किसी व्यक्ति पर शनि की साढ़ेसाती या पितृ दोष का प्रभाव हो, तो महाशिवरात्रि के दिन काले तिल का दान करना लाभकारी माना जाता है।
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7. श्रृंगार की वस्तुओं का दान
चूंकि इस दिन भगवान शिव और माता पार्वती के विवाह का उत्सव मनाया जाता है, इसलिए माता पार्वती को 16 श्रृंगार अर्पित किए जाते हैं। किसी सुहागिन महिला को श्रृंगार की वस्तुएं दान करना अखंड सौभाग्य का प्रतीक माना जाता है।
धार्मिक मान्यता
धार्मिक ग्रंथों के अनुसार, महाशिवरात्रि के दिन श्रद्धा भाव से किया गया दान विशेष फलदायी होता है। हालांकि, किसी भी उपाय को करने से पहले संबंधित विषय के जानकार या ज्योतिषाचार्य से परामर्श लेना उचित रहता है।



