महोबा/लखनऊ: उत्तर प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह से हुए विवाद के बाद भारतीय जनता पार्टी ने चरखारी से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की है। यूपी भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने विधायक को कारण बताओ नोटिस जारी करते हुए सात दिन के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है।
यह कार्रवाई 30 जनवरी को महोबा जिले में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री और विधायक के बीच हुई तीखी नोकझोंक के बाद की गई है।
मंत्री का काफिला रोकने से बढ़ा मामला
30 जनवरी को महोबा शहर कोतवाली क्षेत्र स्थित एक निजी कॉलेज में जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। कार्यक्रम समाप्त होने के बाद उस समय हंगामा हो गया, जब चरखारी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपने समर्थकों के साथ मंत्री का काफिला रोक लिया।
बताया जा रहा है कि विधायक अपने क्षेत्र में पेयजल संकट और सड़कों की खुदाई से नाराज थे। उनके साथ करीब 40 गांवों के प्रधान और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद थे। समर्थकों ने मंत्री के काफिले के रास्ते में लगभग 40 गाड़ियां खड़ी कर दीं।
हर घर नल योजना को लेकर आमने-सामने आए मंत्री-विधायक
मंत्री के वाहन से उतरते ही विधायक बृजभूषण राजपूत ने अपने क्षेत्र में हर घर नल योजना की बदहाल स्थिति का मुद्दा उठाया। इसी दौरान दोनों नेताओं के बीच तीखी बहस शुरू हो गई। स्थिति बिगड़ती देख मौके पर मौजूद भाजपा नेताओं और प्रशासनिक अधिकारियों ने बीच-बचाव कर मामला शांत कराया।
जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचा मामला
विवाद बढ़ता देख जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह विधायक बृजभूषण राजपूत को साथ लेकर सीधे जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। कलेक्ट्रेट परिसर में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ बैठक हुई, जिसमें जलापूर्ति और सड़कों से जुड़ी समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई।
बैठक में जिलाधिकारी गजल भारद्वाज, पुलिस अधीक्षक प्रबल प्रताप सिंह, एमएलसी जितेंद्र सिंह सेंगर, भाजपा जिलाध्यक्ष मोहन लाल कुशवाहा, कोऑपरेटिव बैंक के चेयरमैन चक्रपाणि त्रिपाठी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
20 दिन में सुधार का आश्वासन, नहीं तो धरना
बैठक के बाद विधायक बृजभूषण राजपूत ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की महत्वाकांक्षी योजनाओं में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्रशासन की ओर से 20 दिनों के भीतर सुधार का आश्वासन दिया गया है।
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विधायक ने चेतावनी दी कि अगर तय समय में समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो वे लखनऊ जाकर धरना देंगे।
पार्टी अनुशासन पर BJP सख्त
सूत्रों के मुताबिक, पार्टी नेतृत्व ने इस पूरे घटनाक्रम को गंभीरता से लिया है। मंत्री का काफिला रोकने और सार्वजनिक रूप से विवाद करने को अनुशासनहीनता मानते हुए भाजपा ने विधायक से जवाब तलब किया है। अब सबकी नजर बृजभूषण राजपूत के जवाब और पार्टी के अगले कदम पर टिकी है।



