लाइफस्टाइल/सर्वोदय न्यूज़:- आज के समय में मोटापा एक गंभीर स्वास्थ्य समस्या बन चुका है। बदलती लाइफस्टाइल, गलत खान-पान और शारीरिक गतिविधियों की कमी के कारण कम उम्र में ही लोग वजन बढ़ने की समस्या से जूझ रहे हैं। मोटापा न सिर्फ शरीर की बनावट बिगाड़ता है, बल्कि डायबिटीज, हाई बीपी और हार्ट डिजीज जैसी बीमारियों का खतरा भी बढ़ाता है।
अगर आप वजन कम करने के लिए जिम या दवाओं का सहारा लेने से पहले कोई प्राकृतिक उपाय आज़माना चाहते हैं, तो पतंजलि के सह-संस्थापक आचार्य बालकृष्ण द्वारा बताया गया यह आयुर्वेदिक काढ़ा आपके लिए उपयोगी हो सकता है।
मोटापा कम करने के लिए आयुर्वेदिक काढ़ा
आचार्य बालकृष्ण के अनुसार, त्रिफला, गिलोय और आंवला से बना काढ़ा नियमित रूप से पीने से वजन घटाने में मदद मिल सकती है। इसके साथ ही यह शरीर को कई अन्य स्वास्थ्य लाभ भी देता है।
काढ़ा बनाने के लिए सामग्री
- त्रिफला
- गिलोय
- आंवला
- बहेड़ा
- नागर मोथा
- शहद
- पानी
काढ़ा बनाने की विधि
पहला तरीका:
- 20 ग्राम त्रिफला को आधा लीटर पानी में मिट्टी के बर्तन में रातभर भिगो दें।
- सुबह इस पानी को उबालें, जब तक यह आधा न रह जाए।
- छानकर इसमें थोड़ा शहद मिलाएं।
- इस काढ़े को सुबह खाली पेट चाय की तरह पिएं।
यह भी पढ़े:- रोजगार की बड़ी सौगात, 870 से अधिक पदों पर सीधी भर्ती; यहां जानें पूरी डिटेल
दूसरा तरीका:
- 20 ग्राम त्रिफला के साथ गिलोय, बहेड़ा, नागर मोथा और आंवला पानी में भिगोकर रखें।
- सुबह इसे हल्का गर्म करें।
- छानकर शहद मिलाएं और सेवन करें।
दोनों तरीकों से तैयार किया गया काढ़ा लाभकारी माना जाता है। इसे गुनगुना पानी पीने के बाद भी लिया जा सकता है।
काढ़ा पीने के संभावित फायदे
आचार्य बालकृष्ण के अनुसार इस काढ़े के सेवन से—
- वजन और पेट की चर्बी कम करने में मदद मिल सकती है
- पाचन तंत्र मजबूत होता है और कब्ज की समस्या दूर हो सकती है
- शरीर से टॉक्सिन्स बाहर निकलने में सहायता मिलती है
- आंतों की सफाई में मदद मिलती है
- इम्युनिटी मजबूत हो सकती है
- सर्दियों में शरीर को अंदर से गर्माहट मिलती है
जरूरी सावधानी
यह उपाय आयुर्वेदिक और घरेलू नुस्खों पर आधारित है। किसी भी प्रकार की बीमारी, गर्भावस्था या दवाइयों के सेवन की स्थिति में इसे अपनाने से पहले डॉक्टर या आयुर्वेद विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।



