न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को लेकर सोशल मीडिया पर टिप्पणी करने वाली लोकगायिका नेहा सिंह राठौर अपने बयान पर अब भी अडिग हैं। उनके खिलाफ लखनऊ के हजरतगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस नोटिस मिलने के बाद शनिवार शाम नेहा बयान दर्ज कराने थाने पहुंचीं, लेकिन करीब चार घंटे तक मौजूद रहने के बावजूद उनका बयान दर्ज नहीं किया जा सका और उन्हें वापस लौटना पड़ा।
थाने से बाहर आने के बाद नेहा सिंह राठौर ने बयान दर्ज न होने के दो कारण बताए। उन्होंने कहा कि प्रभारी निरीक्षक उस समय मीटिंग में व्यस्त थे और इसके अलावा सूर्यास्त के बाद महिला का बयान दर्ज नहीं किया जाता। नेहा ने स्पष्ट किया कि जिस टिप्पणी को लेकर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई है, उस पर वह आज भी कायम हैं।
नेहा ने बताया कि पहलगाम में हुए आतंकी हमले के बाद उन्होंने प्रधानमंत्री को लेकर इशारों में तंज कसा था, जिसके बाद यह मामला दर्ज हुआ। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री की आलोचना होनी चाहिए और वह अपने विचारों से पीछे नहीं हटेंगी।
थाने से निकलते वक्त नेहा ने कहा कि हजरतगंज थाने की ओर से उन्हें अब तक दो नोटिस भेजे गए हैं। नोटिस में जांच में सहयोग के लिए बुलाया गया था, इसलिए वह स्वयं थाने पहुंची थीं। देर रात तक रुकने के सवाल पर उन्होंने कहा कि वह पहले से थाने में मौजूद थीं और काफी देर तक इंतजार करना पड़ा।
नेहा के साथ उनके पति हिमांशु भी थाने पहुंचे थे। हिमांशु ने बताया कि 15 दिन पहले पहला नोटिस मिला था, लेकिन उस समय नेहा की तबीयत ठीक नहीं थी, जिसकी जानकारी पुलिस को दे दी गई थी। इसके बाद दूसरा नोटिस मिला, जिसमें तीन दिन के भीतर उपस्थित होने को कहा गया था। उन्होंने कहा कि जैसे ही तबीयत ठीक हुई, वे तुरंत थाने पहुंचे।
एफआईआर को लेकर हिमांशु ने कहा कि नेहा ने सोशल मीडिया पर कुछ ट्वीट्स के जरिए प्रधानमंत्री से सवाल पूछे थे, जिससे कुछ लोग नाराज हो गए और मामला दर्ज करा दिया गया। उन्होंने कहा कि देश में एफआईआर दर्ज कराना कितना आसान है, यह इस मामले से साफ हो जाता है।



