न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश के कानपुर में शुक्रवार को नगर निगम सदन की कार्यवाही हंगामे की भेंट चढ़ गई। महापौर प्रमिला पांडेय की अध्यक्षता में शुरू हुई बैठक में भाजपा के ही दो पार्षदों ने नेतृत्व पर गंभीर आरोप लगाते हुए सदन में जमकर विरोध किया। ग्वालटोली से पार्षद अंकित मौर्य और अशोक नगर से पार्षद पवन गुप्ता ने जनहित से जुड़े मुद्दों को लेकर आवाज बुलंद की।
अंकित मौर्य ने सदन में आरोप लगाया कि भाजपा पार्षदों के साथ भेदभाव किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जो पार्षद महापौर की “चापलूसी” करते हैं, उन्हें काम मिल जाता है, जबकि सवाल उठाने वालों को नजरअंदाज किया जाता है। अंकित ने दावा किया कि 15वें वित्त आयोग से जुड़े कार्य पिछले तीन वर्षों से लंबित हैं और इसके प्रमाण उनके पास मौजूद हैं। हालांकि उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि उनका पार्टी संगठन से कोई विवाद नहीं है।
मेयर की सख्त चेतावनी, हंगामे के बीच प्रस्ताव पारित
सदन में बढ़ते शोर-शराबे के बीच महापौर प्रमिला पांडेय ने हस्तक्षेप करते हुए कड़े शब्दों में चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि पहले एजेंडे पर चर्चा पूरी होने दी जाए, बीच में बोलने पर कार्रवाई की जाएगी और जरूरत पड़ी तो सदन से बाहर भी किया जा सकता है। हंगामे के बावजूद सदन में 11 प्रस्ताव पारित किए गए, जिनमें 6500 रुपये में नामांतरण और नानाराव पार्क में श्यामोत्सव के दौरान निशुल्क पार्किंग जैसे प्रस्ताव शामिल रहे। इसके बाद राष्ट्रगान के साथ सदन की कार्यवाही समाप्त कर दी गई।
भाजपा पार्षदों में टकराव, विपक्ष रहा शांत
जब भाजपा पार्षदों ने हंगामा शुरू किया तो पार्षद दल के नेता नवीन पंडित ने उन्हें शांत रहने को कहा। इस पर मामला और गरमा गया। पार्षदों ने महापौर से कहा कि उनके आश्वासनों पर अमल नहीं हो रहा है। भाजपा पार्षदों के आपसी टकराव को देखकर दूसरी ओर बैठे कांग्रेस, सपा और बसपा पार्षद मुस्कराते नजर आए।
दो पार्षद चार बैठकों के लिए निलंबित
सदन की कार्यवाही के बाद कुछ भाजपा पार्षद महापौर से मिलने पहुंचे और दोनों हंगामा करने वाले पार्षदों पर अनुशासनहीनता का आरोप लगाया।
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पार्षद दल के नेता की ओर से दिए गए पत्र के आधार पर महापौर ने अंकित मौर्य और पवन गुप्ता को नगर निगम की आगामी चार बैठकों से निलंबित कर दिया। इस मामले की शिकायत पार्टी के क्षेत्रीय अध्यक्ष से भी की गई है।
सफाई व्यवस्था को लेकर नया ऐलान
इसी बीच महापौर ने सफाई व्यवस्था को लेकर घोषणा की कि एक सप्ताह के भीतर हर वार्ड में चार-चार अतिरिक्त सफाईकर्मी तैनात किए जाएंगे। हालांकि कुछ पार्षदों ने इस पर सवाल उठाते हुए कहा कि ऐसे आश्वासन पहले भी दिए जा चुके हैं। इस पर महापौर ने भरोसा दिलाया कि इस बार फैसले पर अमल जरूर होगा।
नगर निगम सदन में हुए इस घटनाक्रम ने भाजपा के अंदरूनी मतभेदों को एक बार फिर सार्वजनिक मंच पर ला दिया है।


