Wednesday, February 11, 2026

Buy now

spot_imgspot_imgspot_imgspot_img

यूपी में ‘लाल टोपी’ को लेकर सियासी तकरार तेज, सुब्रत पाठक ने अखिलेश यादव पर किया जवाबी हमला

न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और कन्नौज से सांसद अखिलेश यादव तथा भारतीय जनता पार्टी के पूर्व सांसद सुब्रत पाठक के बीच सोशल मीडिया पर जुबानी जंग तेज हो गई है। दोनों नेताओं के तीखे बयान और एक-दूसरे पर किए गए कटाक्षों से कन्नौज की राजनीति में खासा उबाल देखने को मिल रहा है।

शुक्रवार को अखिलेश यादव द्वारा सोशल मीडिया पर किए गए व्यंग्यात्मक पोस्ट के बाद अब पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने भी एक्स (पूर्व ट्विटर) और मेटा प्लेटफॉर्म पर पलटवार किया है। उन्होंने लिखा कि काला चश्मा धूप से आंखों को राहत देता है और देखने की क्षमता को बेहतर बनाता है, लेकिन उत्तर प्रदेश में लाल टोपी आतंक का प्रतीक बन चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि लाल टोपी पहनने वालों का रंग भले ही लाल हो, लेकिन उनके काम हमेशा “काले कारनामों” से जुड़े रहते हैं। साथ ही उन्होंने अखिलेश यादव को नसीहत देते हुए कहा कि दूसरों पर आरोप लगाने से पहले अपने तथ्यों की जांच कर लें और पूरा वीडियो सुनने के बाद ही प्रतिक्रिया दें।

दरअसल, कुछ दिन पहले एक कार्यक्रम में सुब्रत पाठक ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए एसआईआर अभियान को समाजवादी पार्टी के लिए नुकसानदेह बताया था। उन्होंने दावा किया था कि यह अभियान सपा के लिए निर्णायक साबित होगा और भविष्य में पार्टी का नामोनिशान ढूंढ़ना मुश्किल हो जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने कन्नौज की तीन विधानसभा सीटों में लगभग तीन लाख वोट कटने की बात भी कही थी। पाठक का यह भी कहना था कि एसआईआर से भाजपा को कोई नुकसान नहीं होगा, क्योंकि कार्रवाई फर्जी मतदाताओं पर की जाएगी।

यह भी पढ़े:- एपस्टीन फाइल्स की नई खेप सार्वजनिक, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति समेत कई हाई-प्रोफाइल नामों का जिक्र

इस बयान के बाद अखिलेश यादव ने कड़ा ऐतराज जताया। उन्होंने सुब्रत पाठक का वीडियो सोशल मीडिया पर साझा करते हुए बयान को लोकतंत्र विरोधी करार दिया और सवाल उठाया कि क्या पूर्व भाजपा सांसद वैध मतदाताओं के वोट कटवाने की बात कर रहे हैं। अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग से मामले का संज्ञान लेने और कार्रवाई की मांग भी की।

अपने पोस्ट में उन्होंने तंज कसते हुए लिखा था कि पूर्व भाजपा सांसद “काला चश्मा” पहनकर यह भूल गए हैं कि उनके बयान उनकी ही पार्टी के मुख्यमंत्री की बातों से मेल नहीं खाते। उन्होंने यह भी कहा था कि जैसे ही मामला मुख्यमंत्री के संज्ञान में आएगा, संबंधित नेता को जवाब देना पड़ेगा। इसके अलावा दूरबीन से जुड़े कटाक्ष का जिक्र करते हुए उन्होंने संकेत दिया था कि ऐसे बयान देने वालों को चुनाव आयोग, लखनऊ और दिल्ली—तीनों जगहों से जवाबदेही का सामना करना पड़ सकता है।

दोनों नेताओं के बीच जारी इस बयानबाज़ी से जिले की राजनीति में हलचल बनी हुई है। वहीं सोशल मीडिया पर भी यह मुद्दा लगातार चर्चा का विषय बना हुआ है।

Related Articles

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Stay Connected

1,388FansLike
133FollowersFollow
621SubscribersSubscribe
- Advertisement -[cricket_score]

Latest Articles