लखनऊ/सर्वोदय न्यूज़:- उत्तर प्रदेश में विशेष प्रगाढ़ पुनरीक्षण (SIR) 2025 के तहत लगभग 2.91 करोड़ मतदाताओं के नाम मतदाता सूची से हटाए जाने की संभावना है। इसमें सबसे बड़ी संख्या 1.27 करोड़ स्थानांतरित मतदाताओं की है, जो अपने पते से स्थायी रूप से चले गए हैं।
मुख्य निर्वाचन अधिकारी (सीईओ) कार्यालय ने इन मतदाताओं को पांच श्रेणियों में वर्गीकृत किया है:
| श्रेणी | कुल मतदाता |
|---|---|
| स्थानांतरित | 1.27 करोड़ |
| अनुपस्थित | 84.73 लाख |
| मृतक | 46 लाख |
| डुप्लीकेट | 23.70 लाख |
| अन्य | 9.57 लाख |
प्रदेश की कुल मतदाता संख्या 15.44 करोड़ है। सभी मतदाताओं को गणना प्रपत्र वितरित किए गए थे, जिसमें से 18.85% प्रपत्र वापस नहीं आए। जांच में पता चला कि अधिकांश मतदाता बीएलओ तक नहीं पहुँच पाए।
प्रवासी मतदाताओं का सत्यापन:
सीईओ नवदीप रिणवा ने बताया कि हजारों लोग विदेश में नौकरी, पढ़ाई या व्यवसाय के कारण रहते हैं, लेकिन मतदाता सूची में केवल 1553 प्रवासी मतदाता ही दर्ज हैं।
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अब ऐसे मतदाताओं को चिन्हित कर फॉर्म-6A भरवाया जाएगा। प्रवासी मतदाता कार्ड नहीं पाते, लेकिन वोटिंग के लिए वीजा और पासपोर्ट दिखाकर मतदान कर सकते हैं।
एसआईआर के साथ नए मतदाता जोड़ने का अभियान:
चुनाव आयोग से मांगे गए दो हफ्ते के समय में ऐसे मतदाताओं को जोड़ा जाएगा, जिनका नाम वर्तमान सूची (27 अक्टूबर 2025 तक) में नहीं है। फॉर्म-6 भरकर नए मतदाता और जो युवा 1 जनवरी 2026 को 18 वर्ष के होंगे, उन्हें भी जोड़ा जाएगा।
मतदाता सूची की मैपिंग:
वर्ष 2003 की सूची से वर्तमान सूची की मैपिंग में अब तक 76% मतदाता ढूंढ़ लिए गए हैं। लक्ष्य है इसे 90% तक बढ़ाना, ताकि केवल 10% मतदाता से ही साक्ष्य मांगे जाएँ।



