न्यूज़ डेस्क/सर्वोदय न्यूज़:- लोकसभा में चुनाव सुधार पर चर्चा के दौरान विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने मंगलवार को सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि “वोट चोरी” किसी भी राष्ट्र के खिलाफ सबसे बड़ा अपराध है और आरोप लगाया कि सत्ता पक्ष के कुछ लोग इस प्रकार की गतिविधियों को अंजाम देकर “आइडिया ऑफ इंडिया” को कमजोर कर रहे हैं।
चर्चा के दौरान राहुल गांधी ने सत्तापक्ष और आरएसएस पर निर्वाचन आयोग सहित संस्थाओं पर कब्जा करने का आरोप भी लगाया।
राहुल गांधी ने रखी कई मांगें
चुनाव प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए राहुल गांधी ने कहा कि—चुनाव से एक महीने पहले सभी पार्टी को मशीन से पढ़ने योग्य मतदाता सूची दी जाए। मतदान के दौरान की सीसीटीवी फुटेज उपलब्ध कराई जाए। ईवीएम की संरचना और कार्यप्रणाली के बारे में विस्तृत जानकारी साझी की जाए।
उन्होंने 2023 में पारित उस कानून को बदलने की मांग की, जिसके तहत चुनाव आयुक्तों को “काफी अधिक स्वतंत्रता” प्रदान की गई है।
CJI को चयन समिति से हटाने पर सवाल
राहुल गांधी ने सरकार से पूछा कि चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली समिति से CJI को क्यों हटाया गया? उन्होंने कहा-“CJI को सिलेक्शन पैनल से क्यों हटाया गया? क्या CJI पर भरोसा नहीं है?”
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विपक्ष के नेता होने के नाते वे स्वयं इस समिति का हिस्सा हैं, लेकिन उनका कहना है कि उनके पास “संख्या बल नहीं होने” के कारण वहां उनकी आवाज़ कमजोर पड़ जाती है। उन्होंने आरोप लगाया कि समिति में प्रधानमंत्री और गृह मंत्री की मौजूदगी के चलते निर्णय एकतरफा हो जाते हैं।
चुनाव आयुक्तों को सजा से छूट पर भी उठाए सवाल
राहुल गांधी ने 2023 में पास किए गए एक और कानून का जिक्र किया, जिसमें CJI की जगह एक केंद्रीय मंत्री को तीन सदस्यीय समिति में शामिल किया गया है। यह समिति राष्ट्रपति को चुनाव आयुक्तों के नाम सुझाती है। इसके अलावा उन्होंने इस बात पर भी सवाल उठाया कि— चुनाव आयुक्तों को उनकी “आधिकारिक क्षमता में किए गए कार्यों पर” कानूनी कार्रवाई से छूट देने वाला कानून क्यों पारित किया गया?



